SAR Shabd Mission

SAR Shabd Mission Blessing all of us to take bathe in the ocean of Guru Bhakti. Shri Maharaj ji, indeed a personality of the highest order, the sun among the saints.

SAR SHABD MISSION... founded by his holiness Shri Swami SAR SHABDANAND JI Maharaj on 21st Jan'1972 to spread the message of "Shri Guru Maharaj Ji "
FOR MORE INFO:
http://www.sarshabdmission.com Sar Shabd Mission, the most sacred place of worship and liberation, was established on Friday, the 21st Day of Jan., 1972 on the auspicious occasion of Basant Mahotsav . Its Founder- Perfect Master (Puran

Sadguru) Shri Shri 108 Swami Sar Shabda Nand Ji Maharaj- (the Fourth Guru) an embodiment of Peace, Love, Happiness, Contentment, Simplicity, Foregivness, Kindness. It is evident that nature has created everyone for particular work so has also developed fondness for executing that task in him. It is rightly said that the face is the index of mind- His beautiful appearance and eloquent voice automatically attracted every one’s heart. Several times on listening to His spiritual satsang, the attention of devotees was withdrawn automatically and concentrating on His countenance, they would go into trance and enjoy the inner bliss. He set that ideal in the world, the parallel of which is rare to find. As the importance of Guru’s ‘Naam’ is indescribable, so is His greatness. The peculiarity of His life was to encourage and inspire the devotees and the seekers to render selfless service along with meditation. There are so many books/granths to his credit which aimed at

•Self realization
•Character building
•Unconditional love towards Satguru/God
•Selfless service to the society.

19/02/2026

142nd Awataran Diwas celebrations of Satgurudev Shri Nangli Niwasi Bhagwan Ji on 1st February 2026.

21/01/2026

॥ सप्रेम भक्तिपूर्ण आमंत्रण ||

श्री नंगली निवासी भगवान जी की असीम अनुकंपा एवं
श्री निजात्म प्रभु की अपार कृपा से
श्री सार प्रभु की अत्यंत लाड़ली,
परम कृपा पात्र, त्याग, सेवा व साधना की प्रतिमूर्ति
संत विचार-शब्दानंद जी (जनक बाई जी)
की पावन स्मृति में

श्री सार प्रभु द्वारा आज से ठीक 46 वर्ष पूर्व,
इसी शुभ बसंत महापर्व पर दिनांक 22 जनवरी 1980 को
पूज्या बाई जी को संन्यास भेष प्रदान कर
उन्हें संत स्वरूप से विभूषित किया गया ।

उन्हीं पावन स्मृतियों को चिरस्थायी स्वरूप प्रदान करने हेतु
उनके पवित्र समाधि स्थल पर मूर्ति स्थापना
का भक्तिमय आयोजन
किया जा रहा है।

दिनांक: 22 जनवरी 2026
स्थान: श्री सार शब्द विचार सदन, श्री नंगली साहिब

कार्यक्रम:
हवन एवं वैदिक प्रार्थना – प्रातः 9:00 बजे
पावन मूर्ति स्थापना – प्रातः 10:00 बजे

आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि इस परम पावन अवसर पर
अपनी अमूल्य उपस्थिति से आयोजन को सुशोभित करें,
संत चरणों की कृपा प्राप्त करें
तथा मालिक की खुशियों के पात्र बनें।

विनीत:
श्री अद्वैत स्वरूप आश्रम
सार शब्द मिशन, दिल्ली

॥ सप्रेम भक्तिपूर्ण आमंत्रण ||श्री नंगली निवासी भगवान जी की असीम अनुकंपा एवंश्री निजात्म प्रभु की अपार कृपा सेश्री सार प...
21/01/2026

॥ सप्रेम भक्तिपूर्ण आमंत्रण ||

श्री नंगली निवासी भगवान जी की असीम अनुकंपा एवं
श्री निजात्म प्रभु की अपार कृपा से
श्री सार प्रभु की अत्यंत लाड़ली,
परम कृपा पात्र, त्याग, सेवा व साधना की प्रतिमूर्ति
संत विचार-शब्दानंद जी (जनक बाई जी)
की पावन स्मृति में

श्री सार प्रभु द्वारा आज से ठीक 46 वर्ष पूर्व,
इसी शुभ बसंत महापर्व पर दिनांक 22 जनवरी 1980 को
पूज्या बाई जी को संन्यास भेष प्रदान कर
उन्हें संत स्वरूप से विभूषित किया गया ।

उन्हीं पावन स्मृतियों को चिरस्थायी स्वरूप प्रदान करने हेतु
उनके पवित्र समाधि स्थल पर मूर्ति स्थापना
का भक्तिमय आयोजन
किया जा रहा है।

दिनांक: 22 जनवरी 2026
स्थान: श्री सार शब्द विचार सदन, श्री नंगली साहिब

कार्यक्रम:
हवन एवं वैदिक प्रार्थना – प्रातः 9:00 बजे
पावन मूर्ति स्थापना – प्रातः 10:00 बजे

आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि इस परम पावन अवसर पर
अपनी अमूल्य उपस्थिति से आयोजन को सुशोभित करें,
संत चरणों की कृपा प्राप्त करें
तथा मालिक की खुशियों के पात्र बनें।

विनीत:
श्री अद्वैत स्वरूप आश्रम
सार शब्द मिशन, दिल्ली

18/11/2024
सार शब्द मिशन के संत समाज एवं समस्त गुरुप्रेमियों को श्री संत सार बोधानंद जी (मीरा बाई जी) के “सार शब्द मिशन” का परमाध्य...
02/07/2024

सार शब्द मिशन के संत समाज एवं समस्त गुरुप्रेमियों को श्री संत सार बोधानंद जी (मीरा बाई जी) के “सार शब्द मिशन” का परमाध्यक्ष पद पर मनोनीत किए जाने की मुबारकबाद.. हार्दिक बधाई।

बोलो जयकारा बोल मेरे श्री गुरु महाराज जी की जय।
दयालु परमहंस दयाल जी महाराज जी की जय ।
मेरे नंगली निवासी भगवान जी की जय ।
श्री निजात्म भगवान की जय ।
श्री सार भगवान की जय ।
श्री स्वामी जी महाराज की जय ।

पूज्य गुरुदेव श्री स्वामी धर्मानंद जी महाराज हर क्षण हमारे अंग संग हैं। श्री नंगली निवासी भगवान् की जय
28/06/2024

पूज्य गुरुदेव श्री स्वामी धर्मानंद जी महाराज हर क्षण हमारे अंग संग हैं।

श्री नंगली निवासी भगवान् की जय

Shri Ram Navmi- Shri Adwait Jayanti Samaroh..On 15-16-17 April 2024 at Rajouri Garden, New Delhi🙏🏻
10/03/2024

Shri Ram Navmi- Shri Adwait Jayanti Samaroh..
On 15-16-17 April 2024 at Rajouri Garden, New Delhi🙏🏻

श्री गुरु महाराज जी के पावन जन्म दिवस एवम बसंत पंचमी की ढेरों बधाइआँ । बोलो श्री नंगली निवासी भगवान की जय
14/02/2024

श्री गुरु महाराज जी के पावन जन्म दिवस एवम बसंत पंचमी की ढेरों बधाइआँ ।

बोलो श्री नंगली निवासी भगवान की जय

31/12/2023

सत्संग सुनने की सही विधि

प्रस्तुत कहानी में दो पात्र हैं, दो मकोड़े। एक चीनी के गोदाम में रहता था, दूसरा नमक के गोदाम में।

एक दिन दोनों की मुलाकात हुई तो नमक वाले ने चीनी वाले को अपने गोदाम में रात्रिभोज के लिए निमंत्रित किया।

रात हुई तो चीनी वाला बढ़िया से तैयार होकर, नमक के गोदाम में पहुँचा। नमक वाले ने उसके सामने नमक परोसा। नमक जीभ पर रखते ही, थू थू थू थू करते हुए, चीनी वाले ने नमक थूक दिया। और कहा- हे भगवान! तूं इतनी कड़वी चीज खाता है? कल रात तूं मेरे गोदाम पर आना, मैं तुझे इस दुनिया की सब से स्वाद चीज चखाऊँगा।

अगली रात नमक वाला चीनी के गोदाम में पहुँचा। चीनी वाले ने चीनी परोसी। नमक वाले ने चीनी का दाना मुँह में रखा, और उसने भी थू थू थू थू करते हुए, चीनी थूक दी।

चीनी वाला बड़ा हैरान हुआ। पर वह सारी बात समझ गया कि जरूर यह अपने मुंह में नमक का दाना छिपाए है। इसीलिए इसे चीनी में स्वाद नहीं आया।

वह बोला- मकोड़े भाई! मैं पानी लाता हूँ। तूं एक बार अच्छी तरह कुल्ला कर ले, फिर तुझे चीनी का असली स्वाद मालूम पड़ेगा।

अपनी चाल पकड़ी जाने पर, नमक वाला मकोड़ा शर्मिंदा हो गया। उसने कुल्ला किया और फिर चीनी चखी। और तब उसकी प्रसन्नता का कोई ठिकाना न रहा।

सत्संग में भी दुनियावालों को भगवान की मीठी बात सुनाई जाती है पर वे अपने मन में संसार भर की कड़वी बातें दबाए रखते हैं। इसीलिए उन्हें कोई बात मीठी नहीं लगती, कड़वी लगती है।

अगर वे सत्संग सुनने से पहले, श्रद्धा के जल से, अच्छी तरह कुल्ला कर लें, अपने मन को खाली कर लें, तब उन्हें हर बात की असली मिठास का अनुभव हो जाए।

अपने mobile phone, अपने दुनियावी काम तथा मन को भटकाने वाली बातें केवल सत्संग सुनने के समय के लिए दूर कर दें तो ही सत्संग में आने की मिठास मिलेगी।

बोल मेरे श्री गुरु महाराज जी की जय

Live Telecast from Jalandhar Ashram Swami Ji's birthday celebrations
19/11/2023

Live Telecast from Jalandhar Ashram

Swami Ji's birthday celebrations

​ ​ ​ ​ ​ 🔴Swami Dharmanand Jayanti Mohatsav Live from Nijatam Nagar,Jalandhar 9/11/23 #...

Address

Delhi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when SAR Shabd Mission posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to SAR Shabd Mission:

Share