Dharam Sanskriti

Dharam Sanskriti Dharam Sanskriti Channel brings several mythological stories. From Mahabharata & Ramayana to Vedas &

24/05/2026

अधकुवारी गुफा आरती | LIVE दर्शन गर्भजून से

18 May 2025 को माँ भगवती की संध्याकालीन आरती में सपरिवार शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ . माँ अर्धकुँवारी आप सब की मनोकामना पूरी करें . 🙏

02/05/2026
15/03/2026

कहते हैं जिसे महाकाल स्वयं बुलाते हैं… वही भक्त श्री Mahakaleshwar Jyotirlinga तक पहुँच पाता है।” 🙏
जय महाकाल

“आज हम Hahuch गए हैं महाकाल के दरबार में।

यह वही ज्योतिर्लिंग है जहाँ महाकाल स्वयं विराजमान हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

सुबह की अद्भुत भस्म आरती, मंदिर में गूंजता डमरू और हर तरफ बस एक ही जयकारा —

🔱 हर हर महादेव!
🚩 जय महाकाल!

Aur Ab Hum Pahunch gye hain Mahakaleshwar Jyotirlinga ke Prangan mein. Aur ye hai Wo Divya Shivling, DUNIYA KA एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग जिसका मुख दक्षिण की ओर है। तंत्र परंपरा में इसका बहुत महत्व है, क्योंकि भगवान शिव को यहाँ 'काल के देवता' (महाकाल) के रूप में पूजा जाता है।

यहाँ की सबसे अनोखी परंपरा है भस्म आरती ,जो हर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में arthaat 4 बजे होती है। इसमें भगवान को ताजी भस्म (राख) अर्पित की जाती है।

Jeevan mein Ek baar Iss Alokik Drisy ka Anand avashy lein, “अगर आप भी महाकाल के भक्त हैं तो कमेंट में ज़रूर लिखें —
🔱 जय महाकाल! 🔱

🙏🕉

14/03/2026

Mangalnath Mandir Ujjain

12/03/2026

ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर, उज्जैन

This is the place where Raja Harishchandra pleased Lord Shiva and Mahadev released his Loan and Debts... People come here to get rid of their past karma, Pitr Rin and even Loans & debts release...

#धर्म_संस्कृति

मेरे महादेव तो इतने करुणामयी हैं कि भक्त के दुःख से ही द्रवित हो उठते हैं ..." मुझे भोग लगाने आया है पगले !!!जानता नहीं ...
06/02/2026

मेरे महादेव तो इतने करुणामयी हैं कि भक्त के दुःख से ही द्रवित हो उठते हैं ...
" मुझे भोग लगाने आया है पगले !!!
जानता नहीं कि संतान को खाते हुए देखकर
माता पिता अपने आप तृप्त हो जाते हैं "

04/04/2025

किन तीन देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए?

काल भैरव, भगवान शिव का रुद्र रूप और माँ काली का चंडी रूप - शास्त्रों में कहा गया है कि इन तीन रूपों की उपासना अत्यंत शक्तिशाली और गूढ़ साधना मानी जाती है। इनकी पूजा साधारण व्यक्ति के लिए नहीं होती क्योंकि ये तीनों देवता उग्र और संहारक रूप में पूजित होते हैं। इनकी साधना में तांत्रिक विधियों, नियमों और अनुशासन की आवश्यकता होती है। यदि कोई व्यक्ति बिना ज्ञान और सही मार्गदर्शन के इनकी पूजा करता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
और दूसरी बात इनकी पूजा में विशेष विधियाँ होती हैं, जैसे—सही समय, सही सामग्री और मंत्रों का शुद्ध उच्चारण। यदि इनमें कोई त्रुटि हो जाए, तो साधक को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। काल भैरव, रुद्र और चंडी स्वरूप की साधना अत्यधिक ऊर्जा को आकर्षित करती है, जो साधारण व्यक्ति के नियंत्रण से बाहर हो सकती है। यदि साधक मानसिक रूप से तैयार न हो, तो यह भय, भ्रम और अनिष्टकारी प्रभाव ला सकती है।
साधारण व्यक्ति को इन उग्र देवताओं की पूजा बिना योग्य गुरु और सही मार्गदर्शन के नहीं करनी चाहिए। यदि कोई श्रद्धालु इनकी कृपा प्राप्त करना चाहता है, तो उसे सरल भक्ति मार्ग अपनाना चाहिए, जैसे—महादेव के शिवलिंग पर जल चढ़ाना, माँ काली के सामान्य रूप की पूजा करना या काल भैरव अष्टक का श्रद्धा पूर्वक पाठ करना।

इन देवताओं की पूजा से DEATH हो सकती है |
किन तीन देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए?
#धर्म_संस्कृति #सुमित_शर्मा

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर, आइए उन 10 महान महिलाओं को याद करें जिनका उल्लेख वेदों, पुराणों, रामायण और महाभारत ...
06/03/2025

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर, आइए उन 10 महान महिलाओं को याद करें जिनका उल्लेख वेदों, पुराणों, रामायण और महाभारत में हुआ है:
गायत्री देवी (वेदों से) — ऋषि विश्वामित्र द्वारा उद्घोषित गायत्री मंत्र की अधिष्ठात्री देवी, जो ज्ञान, प्रकाश और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं।

सरस्वती देवी (वेदों से) — ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की देवी, जिनकी आराधना आज भी विद्या और रचनात्मकता के लिए की जाती है।

अहिल्या (रामायण से) — महर्षि गौतम की पत्नी, जिनकी कथा अन्याय और पुनरुत्थान की मिसाल है। उनका उद्धार भगवान राम ने किया, जिससे उन्होंने नए जीवन की ओर कदम बढ़ाया।

सीता (रामायण से) — त्याग, धैर्य और समर्पण की मूर्ति, जो एक आदर्श पत्नी, मां और रानी के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मर्यादा और आदर्शों को बनाए रखा।

तारा (रामायण से) — वानर राज बालि की पत्नी, जो बुद्धिमान और चतुर सलाहकार थीं। उन्होंने संकट के समय में कूटनीति और धैर्य का परिचय दिया।

कुंती (महाभारत से) — पांडवों की माता, जिन्होंने साहस, धैर्य और नीति का पालन करते हुए अपने पुत्रों का मार्गदर्शन किया और धर्म के पक्ष में खड़ी रहीं।

द्रौपदी (महाभारत से) — पंचाली, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और महाभारत युद्ध के पीछे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह साहस और नारी सशक्तिकरण का प्रतीक हैं।

सुभद्रा (महाभारत से) — भगवान कृष्ण की बहन और अर्जुन की पत्नी, जिन्होंने अपने पुत्र अभिमन्यु को वीरता और धर्म की राह पर चलने की प्रेरणा दी।

गंधारी (महाभारत से) — धृतराष्ट्र की पत्नी, जिन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर पति के प्रति अटूट समर्पण दिखाया, लेकिन अंततः अधर्म के परिणामों को भी स्वीकार किया।

ऋषिका गार्गी (वेदों से) — एक महान विदुषी और दार्शनिक, जिन्होंने याज्ञवल्क्य जैसे महान ऋषियों से शास्त्रार्थ किया और स्त्री शिक्षा और ज्ञान का मार्ग प्रशस्त किया।
❤️ #महिलादिवस

28/01/2025

I am the only acharya of Mahakumbh... Why Jagatguru Rambhadracharya Ji quoted this?
मैं कुंभ का एकमात्र आचार्य हूँ। जगतगुरु रामभद्राचार्य
#धर्म_संस्कृति #सुमित_शर्मा

24/01/2025

मोहन भागवत के बयान पर जगतगुरु रामभद्राचार्य जी काफी नाराज़ | RamBhadracharya and Mohan Bhagwat CLASH Over Mandir-Masjid

#धर्म_संस्कृति #सुमित_शर्मा

12/01/2025

'ढोल, गंवार, शूद्र, पशु, नारी...'रामायण की चौपाई पर 'लड़ाई'! |

Samajwadi Party Leader Swami Prasad Mourya along with his followers burnt Ram Charitmanas as he was annoyed on Sunderkand Chaupai " Dhol Gawar Shudra Pashu Nari" as they claimed that its an insult for SC/ST and Women.
Is this actually an insult or its just a political propaganda? Lets see what Swami Rambhadracharya ji, Premanand ji Maharaj, Sudhanshu Trivedi and other veterans have said in context of this and then Analyse the Truth behind it.

ढोल गवाँर शूद्र पशु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी। तुलसीदास जी की चौपाई में गलत क्या है ?
#धर्म_संस्कृति #सुमित_शर्मा

Address

Sitapuri Main, Dabri Mor
Delhi
110045

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dharam Sanskriti posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Dharam Sanskriti:

Share