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भगवान वाल्मीकि जयंती 20-10-2021 भगवान वाल्मीकि मन्दिर नवादा मौहल्ला नजफगढ़ नई दिल्ली-43
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Sabhi ko Ganga Dushree ki hardik subhkamnaye 2020
29/11/2020

Sabhi ko Ganga Dushree ki hardik subhkamnaye 2020

02/11/2020

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03/10/2020

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 #भाग 12पिछ्ली पोस्ट मे हमने यह कलीयर कीया के भगवान वाल्मीकि जी राम के जा शिवजी के भक्त नही थे । उसके कुछ ओर प्रमाण मै इ...
03/09/2020

#भाग 12

पिछ्ली पोस्ट मे हमने यह कलीयर कीया के भगवान वाल्मीकि जी राम के जा शिवजी के भक्त नही थे । उसके कुछ ओर प्रमाण मै इस पोस्ट मे दे रहा हू ।

तुलसी दास ने जब रामायण लिखी तो उसने साफ कहा है कि रामायण के पहले कर्ता भगवान वाल्मीकि जी द्वारा लिखी गई है । मुझसे पहले इसे कांग भसुंड ने गाया है फिर शिवजी ने भी गाया है । मै तो राम की भक्ति मे दूनीया के हित मे शंदो के रूप मे लिख रहा हू ।

देखे -
कांग भसुंड शिव प्रथम गाई
ओर गाई जग हेत गौसाई ।।

भगवान वाल्मीकि जी की रामायण मे काफी फेरबदल कर दिया गया है । ऐसी ऐसी बाते जोड़ दी गई है कि जो इतिहासिक दृष्टिकोण से बिल्कुल मानया नही है । कुछ इतिहासकार मानते है कि भगवान वाल्मीकि जी की लिखी रामायण मे सिर्फ पांच कांड थे । वाल कांड ओर उतराकांड बाद मे जोड़ा गया है , जा फिर वाल कांड ओर उत्तरकांड मे फेरबदल हूआ है ।

जहां तक मै मानता हूं कांड सात ही है लेकिन पूरी रामायण मे तब्दीली जरूर हूई है तब्दीली का सिर्फ एक ही मकसद था कि भगवान वाल्मीकि जी की फिलोसफी को खत्म करना । काफी समय के बाद कांशी मे वेद व्यास के नाम पर बहुत से पूराण लिखे गए ओर वही पर अधियातमिक रामायण भी लिखी गई जो कि संस्कृत मे है । ध्यान रहे संस्कृत पणनि भाषा का ही आधूनिक रूप है ।

भगवान वाल्मीकि जी की रामायण छंद के रूप मे थी ध्यान रहे भगवान वाल्मीकि जी संगीत रचेता भी है । जिसमे सब से पहले परमात्मा के घर का ग्यान । एक परमात्मा का सिमरण । जीव आत्मा ओर मनुखता से प्यार । माता पिता का सम्मान ।भाई भाई का प्यार । आदमी ओरत का प्यार । अपने धर्म पर दरिड रहना । राजवाडाशाही के खिलाफ लड़ना । मोक्ष के लिए परमात्मा की आराधना करना । सच पर चलना ओर इंसाफ पसंद होना । विदिया का दान करना । शरण आए को पनाह देनी ओर उसकी रक्षा करनी । छत्रू को रण क्षेत्र मे हराना । यह सब मनुष्य को बताया है । ऐसी ऐसी बाते योगवशिषट रामायण मे लिखी गई जिस को पढकर मुनि भारद्वाज जैसे भी उनके सेवक बन गए । राजा जनक , अरशट नेमी , शिव जी भी आपके भक्त बने ओर इसको अमर कथा के रूप मे गाया ओर बाद मे जितने भी महात्मा धर्म गूरू आए उन सबने योगवशिषट रामायण मे से ही कुछ ना कुछ संदेश जरूर दिया है ।

तुलसीदास ने रामायण मे सिर्फ रामचंद्र की ओर उसकी कुलकी ही बढाई की ओर इसे ही गागा के पूरे भारत मे प्रसिद्ध करवा दिया ।

#समाज_हित_मे ।।

 ारी_सभ्यता जिन्होंने शिक्षा का विस्तार कीया , जिन्होंने शिक्षा, ज्ञान, को आम लोगो तक पहुँचाया । उन लोगो को शिक्षा विहीन...
29/08/2020

ारी_सभ्यता

जिन्होंने शिक्षा का विस्तार कीया , जिन्होंने शिक्षा, ज्ञान, को आम लोगो तक पहुँचाया । उन लोगो को शिक्षा विहीन किसने कीया ?

भील जो युद्ध कलां मे निपुण थे उन्होंने छोटे छोटे कबीलों को मिलाकर जा फिर जीतकर सप्त सिंधू घाटी सभ्यता का निर्माण कीया ओर नाग जो पृकृति को समझने लगे थे , ने शिक्षा का फैलाव शूरू कीया आमजनों के लिए बिद्या घर खोले गए, आम लोगो भौगोलिक बिज्ञान के साथ साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी समझाया ।

इसी दौर मे शाक सब्जी लगाने का काम शूरू कीया , खेती बाड़ी के लिए औजार बनाए गए , जोकि मेहरगढ़ मोजूदा पाकिस्तान सभ्यता की खोज से पता चलता है । पक्की सड़क , पक्के मकान , पानी का निकास इत्यादी का काम शूरू हूआ । जोकि सिंधू घाटी सभ्यता की खोजो इत्यादी से पता चलता है पूरे सिंध से लेकर बिहार ऊडीशा तक इस सब के प्रमाण मिल रहे है ।

पहले इंटूरूडर आर्यन जोकि तथ्य से पता चलता है जब भारत पर आए तो उन्होंने पहला काम कीया बिद्या घरों को बंद करना ,फिर बिद्या गूरूओ का कत्ल करना जो की मुअनजोदड़ो से मिले तथ्य के आधार पर कहा जा सकता है , जहां कोई युध्द नही हूआ था । नर कंकाल जरूर मिले है कोई हथियार नही मिला ।

#समाज_हित_मे ।।

Wahi 1 bhagwan valmiki ji @ Happy Independence day all of u @
15/08/2020

Wahi 1 bhagwan valmiki ji @ Happy Independence day all of u @

दुनिया के 90 देशों में लगभग 370 करोड मूलनिवासी लोग रहते है। वे 7 हजार बोली भाषा बोलते है और उनकी 5 हजार संस्कृतीयाँ है। ...
09/08/2020

दुनिया के 90 देशों में लगभग 370 करोड मूलनिवासी लोग रहते है। वे 7 हजार बोली भाषा बोलते है और उनकी 5 हजार संस्कृतीयाँ है।

9 अगस्त 1982 को UNO ने मूलनिवासी लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करने का काम शुरु किया इसलिए UNO ने 23 दिसंबर 1994 में 49 देशों के सामने 9 अगस्त यह विश्व मुलनिवासी दिवस के तौरपर घोषित किया। और तब से लेकर आज तक दुनिया के विभिन्न देशों में यह बडे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

लेकिन भारत पर विदेशी युरेशियन आर्यन का कब्जा होने से इसपर कोई चर्चा तक नहीं करता। यदि भारत पर मुलनिवासी बहुजनों की सत्ता होती तो आज हमारे देश में योगा के साथ विश्व मूलनिवासी दिवस भी मनाया जाता।

आप सब को विश्व मूलनिवासी दिवस की बहुत बहुत बधाई ।

#समाज_हित_मे ।।

💐💐सत सुकृत वो ही एक💐💐संत शिरोमणि सतगुरु बाबा गरीब साह जी बृहमचारी जी महाराज का नाम वाल्मीकिन समाज मे कोई विरला ही होगा ज...
06/08/2020

💐💐सत सुकृत वो ही एक💐💐

संत शिरोमणि सतगुरु बाबा गरीब साह जी बृहमचारी जी महाराज का नाम वाल्मीकिन समाज मे कोई विरला ही होगा जिसने सुना नही।सतगुरु बाबा का प्रकाश उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सुरूर पुर गांव मे लगभग सन1837 ई मे हुआ था तथा सन 1972 ई मे 135 वर्ष की दीर्घायु मे वे बृह्मविलन हुए। सतगुरु बाबा जी की समाधि वाल्मीकि मंदिर गुडग़ांव हरियाणा मे है।उन्होंने जीवन भर समाज मे फैली बुराई व पाखंड वाद का जबरदस्त विरोध किया।उन्होंने वाल्मीकि धर्म का प्रचार दिल्ली उत्तर प्रदेश ,राजस्थान, मध्यप्रदेश ,महाराष्ट्र व हरियाणा मे पैदल घूम घूम कर किया। बाबा जी के चरण स्थान पर पडे वह स्थान वाल्मीकि प्रभु के ज्ञान का केन्द्र हो गया।

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