Follower's of Ayatollah Sistani & Ayatollah khamnei R.A

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Follower's of Ayatollah Sistani & Ayatollah khamnei R.A follower's of Grand Ayatollah Hazrat Khamenei & Grand Ayatollah Hazrat Sistani (H)

"मेरे वालिद हक़िक़ी मायनों में ज़ाहिद थे। दुनियावी शानो-शौकत से ला-ताल्लुक़ थे। इनकी नज़र में इस बात की कोई अहमियत नहीं ...
06/07/2021

"मेरे वालिद हक़िक़ी मायनों में ज़ाहिद थे। दुनियावी शानो-शौकत से ला-ताल्लुक़ थे। इनकी नज़र में इस बात की कोई अहमियत नहीं थी कि कहां और किन हालात में ज़िंदगी बसर हो रही है। आप पचास साल तक मशहद में इमाम-ए-जमाअत रहे। आप एक मोहतरम आलिमे दीन थे और आपके अक़ीदतमंदों की बड़ी तादाद थी।"

— रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

फ़ातिहा!

यौमे वफ़ात वालिदे रहबरे मोअज़्ज़म (द); आयतुल्लाह जवाद ख़ामेनई (र)।रहबरे मोअज़्ज़म (द) के वालिद आयतुल्लाह सय्यद जवाद हुसै...
06/07/2021

यौमे वफ़ात वालिदे रहबरे मोअज़्ज़म (द); आयतुल्लाह जवाद ख़ामेनई (र)।

रहबरे मोअज़्ज़म (द) के वालिद आयतुल्लाह सय्यद जवाद हुसैनी तबरेज़ी ख़ामेनई (र); 7 दिसंबर 1895 में अज़रबैजान सूबे के ख़ामेनेह इलाक़े में पैदा हुए। आप इमाम सज्जाद (अ) की नस्ल में सुल्तान-उल-उलेमा सय्यद अहमद की नस्ल में अफ़तसी सादात से ताल्लुक़ रखते थे। सुल्तान-उल-उलेमा सय्यद अहमद; मदीने से ईरान हिजरत कर गए। लेकिन मामुन अब्बासी ने आपकी ईरान आमद और शिय्यत की तब्लीग़ के खौफ़ से आपको शहीद करवा दिया। आपकी नस्ल अज़रबैजान सूबे के ख़ामेनेह इलाक़े में बस गई और यहां शिय्यत की तब्लीग़ में मशगूल रही। बनू अब्बास मुसलसल इन सादात का क़त्ले आम करते रहे।

आयतुल्लाह सय्यद जवाद हुसैनी तबरेज़ी ख़ामेनई (र) ने नजफ़, क़ुम और मशहद के हौज़ो से तालिम हासिल करके मशहद के इमाम जुमा मुंतख़ब हुए।

आपका शजरा-ए-नसब कुछ यूं है:

सय्यद अली ख़ामेनई बिन सय्यद जवाद ख़ामेनई बिन सय्यद हुसैन बिन सय्यद मुहम्मद बिन सय्यद मुहम्मद तक़ी बिन सय्यद मिर्ज़ा अली अकबर बिन फ़ख़रुद्दीन बिन ज़हीरूद्दीन बिन क़ुतुबुद्दीन बिन रुहुल्लाह बिन रज़ा बिन जलाल बिन सय्यद बायज़िद बिन बाबा हाशिम बिन हसन बिन हुसैन बिन महमूद बिन नज्मुद्दीन बिन मजीदुद्दिन बिन फ़त्हउल्लाह बिन रुहुल्लाह बिन नेकुद्दिन मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अब्दुलमजीद बिन शरीफ़दुद्दिन बिन अब्दुल फ़त्ताह बिन मीर अली बिन अली बिन बिन अली बिन अब्बास बिन अहमद बिन मुहम्मद मुर्तज़ा बिन अहमद बिन हसन अल-अफ़्तस बिन इमामज़ादा हुसैन बिन इमामज़ादा हसन बिन इमामज़ादा अली अल असग़र बिन इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम।

आयतुल्लाह सय्यद जवाद हुसैनी तबरेज़ी ख़ामेनई (र) ने नजफ़, क़ुम और मशहद के हौज़ो से तालिम हासिल करके मशहद के इमाम जुमा मुंतख़ब हुए। आपकी पहली ज़ौजा से तीन बेटियां थीं और दूसरी ज़ौजा से एक बेटी और चार बेटे मुहम्मद ख़ामेनई, रहबरे मोअज़्ज़म अली ख़ामेनई; हादी ख़ामेनई और हसन ख़ामेनई हैं।

आयतुल्लाह सय्यद जवाद हुसैनी तबरेज़ी ख़ामेनई (र); 6 जुलाई 1986 में 90 बरस की उम्र में दुनिया से रुख़सत हो गए। आप इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम के हरम में दफ़न किए गए।

"मुल्क और क़ौम पर शहीद बहिश्ती (र) का एक बड़ा हक़ है और वो इस्लामी अदालती सिस्टम की बुनियाद रखना है। शहीद बहिश्ती (र) एक...
28/06/2021

"मुल्क और क़ौम पर शहीद बहिश्ती (र) का एक बड़ा हक़ है और वो इस्लामी अदालती सिस्टम की बुनियाद रखना है।

शहीद बहिश्ती (र) एक मुफ़क्किर और साहिबे नज़र आलिमे दीन थे। आप जद्दोजहद करने वाले उलेमा और पूरी तरह से इन्क़लाबी अफ़कार पर यक़ीन रखते थे।

शहीद बहिश्ती (र) हक़िक़ी मायनों में इन्क़लाब के नज़रियात और इसी तरह इमाम ख़ुमैनी (र) के नज़रियात पर गहरा यक़ीन रखते थे। इसके अलावा आप मुल्क के आईन लिखने वालों नुमाया अफ़राद में से एक है, मतलब ये है कि इस अज़ीम हस्ती की ख़िदमात को पहुंचाना और इनका एहतेराम करना चाहिए।"

— रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

28/06/2021

🔰 आज 28/06/2021 को रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द) ने ईरान कोर्ट के साबिक़ सरबराह शहीद बहिश्ती (र) और मज़ीद 7...
28/06/2021

🔰 आज 28/06/2021 को रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द) ने ईरान कोर्ट के साबिक़ सरबराह शहीद बहिश्ती (र) और मज़ीद 72 साथियों की मुजाहिदीने ख़ल्क़ दहशतगर्द तंज़ीम के हाथों क़त्लेआम की बरसी पर ईरान कोर्ट के ओहदेदारों से ख़िताब करते हुए फ़रमाया है की:

– दहशतगर्द मुनाफ़िक़ीन ने आज ही के दिन शहीद बहिश्ती (र) और मज़ीद 72 साथियों को क़त्ल करके, बहुत बड़ा और शर्मनाक जूर्म किया था और ख़ुद भी इस क़त्ल का ऐतराफ़ किया। लेकिन आज इंसानी हुक़ुक़ के दावेदार यूरोपी मुमालिक में ये दहशतगर्द फ़्रांस में आज़ाद घूम रहे हैं।

– फ़्रांस की हुकूमत और कुछ मग़रिबी मुनाफ़िक़ीन की दहशतगर्द गिरोह की हिमायत बल्कि अपनी पार्लियामेंट में बोलने का मौक़ा फ़राहम करने के बावजूद इंसानी हुक़ुक़ के दावे करती है। यानी वाक़ेयन इनमें से बहुत सी मग़रिबी हुकूमतों की बेशर्मी बहुत ही अजीब और ग़ैर मामूली है।

– हाल में ही हुए इलेक्शन मिल्लते ईरान का बड़ा कारनामा था। दुनिया में कहां ये देखने में आया कि सैकड़ों नहीं बल्कि हज़ारों ईदारे किसी मुल्क की अवाम को इलेक्शन के बॉयकॉट पर तैयार करने के लिए पूरी ताक़त लगाकर चाहे कि ये लोग इलेक्शन से दूर रहें?

– मिल्लते ईरान ने इलेक्शन का बॉयकॉट करने वालों को ज़ोरदार तमाचा रसीद किया।

– दुश्मनों को उम्मीद थी कि वोटिंग 20/% कम रहेगी। लेकिन अगर हम कोरोना वायरस को मद्देनज़र रखें जिसके बारे में कहा जाता है कि इससे तक़रीबन 10% टर्न ओवर कम हुआ, तो उस तरह वोटिंग 60% हुई।

– ये मुल्क की बड़ी अच्छी बात है कि आला सतह के ओहदेदार आने वाले सद्र से मुलाक़ात करें और इलेक्शन में ना जीतने वाले नए सद्र को मुबारक बाद पेश करें। इसका मुवाज़ना अमरीकियों के रव्वये से कीजिए! ईरान के दुश्मन अमरीका का इलेक्शन, सारी दुनिया में सबसे शर्मनाक साबित हुआ।...

जारी...

🔰 "मुझे हाथ नही, दिमाग़ और ज़ुबान की ज़रूरत है!" ...39 साल क़ब्ल, तेहरान की मस्जिदे अबुज़र (अ) में रहबरे मोअज़्ज़म इमाम ...
28/06/2021

🔰 "मुझे हाथ नही, दिमाग़ और ज़ुबान की ज़रूरत है!"
...39 साल क़ब्ल, तेहरान की मस्जिदे अबुज़र (अ) में रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द) पर दहशतगर्द गिरोह; मुजाहिदीने-ख़ल्क़ की जानिब से जानलेवा हमला हुआ था। जिसके नतीजे में आपका एक हाथ ज़ख़्मी हो गया।
.. 27 जून 1981, बादे नमाज़-ए-ज़ोहर; अभी आयतुल्लाह ख़ामेनई (द), नमाज़ पढ़ाकर मस्जिद से सटे कमरे में मोमिनीन के दीनी मसलों पर पूछे गए सवालों के जवाब देने बैठे ही थे कि अचानक एक धमाके ने पूरी मस्जिद को धुएं से भर दिया।
..धुआं छटने के बाद देखा गया की...आयतुल्लाह ख़ामेनई (द) चेहरे के बल ज़मीन पर गिरे हुए थे। एक बॉडीगॉर्ड ने आपको मस्जिद से अकेले बाहर खींच कर लाना चाहा और बाहर आकर इसने बताया कि, "मैंने इस दौरान एक टेप रिकॉर्डर में छुपे हुए बम को देखा है। जिसके ज़रिए इस हमले को अंजाम दिया गया था!"... अभी आयतुल्लाह ख़ामेनई (द) को स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल ले जा रहे थे की आपको अपनी शहादत का यक़ीन हो चुका था, आप कालिमा-ए-शहादत पढ़ रहे थे। ...आपकी आंखें और होंठ के अलावा आपका पूरा बदन बेजान दिख रहा था।
..दाईं जानिब से आपका बदन शदीद ज़ख्मी हो चुका था। आपका पूरा बदन टेप के परखच्चे और बम के छर्रों से छलनी हो चुका था। आपके सीने का एक हिस्सा पूरी तरह से जल चुका था साथ ही साथ आपका दायां हाथ भी मुकम्मल ज़ाया हो चुका था। यहां तक की आपके सीने और कंधे का गोश्त ज़ाया होने की वजह से आपकी हड्डियां ज़ाहिर दिख रहीं थीं।
.. तभी अचानक से सर्जनों ने अपने दास्तानें उतार लिए और कहा, "ये चले गएं!"... आयतुल्लाह ख़ामेनई (द) का ब्लड प्रेशर मॉनिटर पर ज़ीरो हो चुका था कि उसी लम्हें एक मर्तबा दुबारा, आपका ब्लड प्रेशर ग्राफ़ ऊपर जाने लगा और इसके बाद आपका लंबा ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
...ऑपरेशन के बाद जब आपको होश आया तो आपने पहली मर्तबा अपने बाएं हाथ से लिखा – "मस्जिद में मौजूद और लोग कैसे हैं?" आपको जवाब दिया गया की – "आग़ा! सब ठीक हैं!"

उसके आपने ख़ुद के बारे में पूछा। जिसके जवाब में आपको लिखा गया कि – आपका दायां हाथ अब काम नही कर सकेगा। आपने जवाब में लिखा – "मुझे हाथ नही, दिमाग़ और ज़ुबान की ज़रूरत है!"
..उसके बाद से आजतक इमाम ख़ामेनई (द) अपने दाएं हाथ से लिखतें हैं और तमाम काम बख़ूबी अंजाम देते हैं।

इल्तेमास-ए-दुआ बराए-सेहत-ओ-तुले उम्र रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)!

https://youtu.be/Q5xnx0vz4-o🔰 Who is Ibrahim Raeesi? ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी कौन है?👉🏻 Biography of Iran's e...
23/06/2021

https://youtu.be/Q5xnx0vz4-o

🔰 Who is Ibrahim Raeesi? ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी कौन है?

👉🏻 Biography of Iran's eighth President Ibrahim Raeesi.
👉🏻 *ईरान के आठवें राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की बायोग्राफी।*
👉🏻 *ایران کے آٹھویں صدر جمہوریہ ابراہیم رئیسی کون ہے؟*

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हिंदी/उर्दू ज़बान में

- Hussaini Movement, India

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🔰 Who is Ibrahim Raeesi? ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी कौन है?In Association With Darse Karbala👉🏻 Biography of Iran's eighth President Ibrahim Raees...

"ये भी एक तल्ख़ हक़ीक़त है की उम्मते मुस्लिमा के मुसलमान मुआशरों के अंदर ऐसे लोग पैदा हो ग‌ए हैं; जो अपने पलीद और ख़ुराफ...
20/05/2021

"ये भी एक तल्ख़ हक़ीक़त है की उम्मते मुस्लिमा के मुसलमान मुआशरों के अंदर ऐसे लोग पैदा हो ग‌ए हैं; जो अपने पलीद और ख़ुराफ़ाती अफ़कार से सद्रे इस्लाम की नुरानी और बुज़ुर्ग शख़्सियात की अज़मत बयान करने को शिर्क-ओ-कुफ़्र का नाम देने लगे हैं। ये खुराफ़ाती अफ़राद वही लोग है; जिनके अजदाद ने जन्नतुल बक़ीअ में मौजूद आईम्मा की क़ुबूर को मिसमार किया था।"

– रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

06/05/2018

"अगर हिंदुस्तान से लेकर अफ़्रीक़ी मुमालिक तक जन्नतुल बक़ीअ को तबाह करने वालों के ख़िलाफ़ आवाज़ ना उठती; तो ये दुश्मन पैग...
19/05/2021

"अगर हिंदुस्तान से लेकर अफ़्रीक़ी मुमालिक तक जन्नतुल बक़ीअ को तबाह करने वालों के ख़िलाफ़ आवाज़ ना उठती; तो ये दुश्मन पैग़म्बरे अकरम (स) की क़ब्रे मुतहर को भी वीरान कर चुके होते।"

— रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

13/07/2016

फ़िलिस्तीन की हिमायत में आयतुल्लाह सय्यद अली उज़्मा सिस्तानी (द) का अहम पैग़ाम।नजफ़ की आला क़यादत मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्ला...
19/05/2021

फ़िलिस्तीन की हिमायत में आयतुल्लाह सय्यद अली उज़्मा सिस्तानी (द) का अहम पैग़ाम।

नजफ़ की आला क़यादत मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह उज़्मा सय्यद अली सिस्तानी (द) ने एक बार फ़िर अहले फ़िलिस्तीन की हिमायत का ऐलान किया है। आपने तमाम आज़ाद फ़िक्र इंसानों से अपील की है की वो फ़िलिस्तीनीयों की मदद की लिए आगे आएं और उन्हें उनका हक़ वापस दिलाने के लिए हर लाज़िम-ओ-मुनासिब क़दम उठाएं।

आयतुल्लाह सय्यद अली सिस्तानी (द) के दफ़्तर की जानिब से जारी किए गए बयान में क़ब्जाशुदा फ़िलिस्तीन, क़ुद्स और मस्जिदे अक़्सा में जारी क़त्लेआम की‌ पुरज़ोर मज़म्मत करते हुए कहा गया है की ग़ासिब सह्युनी; ज़मीने क़ुद्स और दीगर क़ब्जाशुदा इलाक़ों से मज़लूम फ़िलिस्तीनियों को बेदख़ल करने पर आमादा है। इस जिहाद में फ़िलिस्तीनी आवाम इस्तेक़ामत का मज़हर है और इससे साबित होता है की ये क़ौम दुश्मनों के सामने घुटने टेकने वाली नहीं है। चाहे इस राह में कितनी ही क़ुर्बानी क्यूं ना देनी पड़े।

बयान के आख़िर में फ़िलिस्तीनियों की मुकम्मल फ़तह-ओ-कामरानी के लिए दुआ की गई है।

"अहले फ़िलिस्तीन की हिमायत करना वाजिब-ए-कफ़ाई है। जो लोग फ़िलिस्तीन की हिमायत करने से पीछे हट रहे हैं। वो कम से कम उन लो...
17/05/2021

"अहले फ़िलिस्तीन की हिमायत करना वाजिब-ए-कफ़ाई है। जो लोग फ़िलिस्तीन की हिमायत करने से पीछे हट रहे हैं। वो कम से कम उन लोगों की मुख़ालिफ़त भी न करें; जो लोग फ़िलिस्तीन की हिमायत कर रहे हैं। फ़िलिस्तीन की हिमायत; इस्लाम की हिमायत है, क़ुर‌आन की हिमायत है, इंसानियत की हिमायत है...।"

— रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

14/4/2006



''फ़िलिस्तीन की आज़ादी का सिर्फ़ एक ही रास्ता है और ये रास्ता मुक़ावेमत और जिहाद का रास्ता है। फ़िलिस्तीनियों को एक तरफ़...
17/05/2021

''फ़िलिस्तीन की आज़ादी का सिर्फ़ एक ही रास्ता है और ये रास्ता मुक़ावेमत और जिहाद का रास्ता है। फ़िलिस्तीनियों को एक तरफ़ सह्युनियो से लड़ना होगा तो दूसरी तरफ़ इस्राइलियों के मग़रिबी हमियों से लड़ना होगा। मग़रिबी ताक़तें और इनके पिट्ठू अरब मुमालिक; ये चाहते हैं की दबाव बनाकर अहले फ़िलिस्तीन को इस रास्ते से हटा दिया जाए। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। हम फ़िलिस्तीन की मदद करते रहेंगे और इस राह में आ रहीं रूकावटों से भी लड़ेंगे। इस लड़ाई का एक बड़ा नतीजा जल्द ही ज़ाहिर होगा।''

— रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

21/3/2012



" इस्राइल और ईमानदारी का कोई ताल्लुक़ नहीं है। हां! अगर वो ईमानदार भी हो; तब भी उन्हें कोई हक़ नहीं है; की वो ज़मीने फ़ि...
17/05/2021

" इस्राइल और ईमानदारी का कोई ताल्लुक़ नहीं है। हां! अगर वो ईमानदार भी हो; तब भी उन्हें कोई हक़ नहीं है; की वो ज़मीने फ़िलिस्तीन पर रहें। जो लोग इस्राइल के साथ अम्न-ओ-सुकून के साथ रहने का मशवरा देते हैं। उन्हें ये बात समझनी चाहिए की इस्राइल मुज़ाकिरात करने के लायक़ नहीं है। जो भी इस्राइल के साथ हमदर्दी दिखाएगा; उसे इस अमल का बहुत बड़ा ख़ामियाज़ा उठाना पड़ेगा। हम जब भी फ़िलिस्तीन की आज़ादी का नारा लगाते हैं; तो ये नारा इस्राइल के ख़ात्मे से मरबुत होता है।"

— रहबरे मोअज़्ज़म इमाम सय्यद अली ख़ामेनई (द)

27/2/2020



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