सनातन धर्म
सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है। सनातन धर्म आज अपने मूल रूप हिंदू धर्म के वैकल्पिक नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म मूलत: भारतीय धर्म है, जो किसी ज़माने में पूरे वृहत्तर भारत (भारतीय उपमहाद्वीप) तक व्याप्त रहा है। विभिन्न कारणों से हुए भारी धर्मान्तरण के बाद भी विश्व के इस क्षेत्र की बहुसंख्यक आबादी इसी धर्म में आस्था रखती है।
भारत देश खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होन
े के कारण बाहर के लोगों के निशाने पर रहा और बार-बार विदेशी आक्रमणों के कारण यहाँ की संस्कृति एवं सभ्यता को नुक्सान पहुँचाया गया और जिसके फलस्वरूप यहाँ के सनातन धर्म का भी ह्रास होता चला गया और षड़यंत्र के तौर पर सनातन धर्म को निशाना बनाया गया जिसके फलस्वरूप सनातन धर्म अपना असली नाम खोकर हिन्दू नाम से प्रचलित हो गया और कई जातियों, धर्मो आदि में बंट गया।
सनातन धर्म राम राज्य संगठन
लक्ष्य एवं उद्देश्य:
समाज के प्रति:
हमारे इस संगठन का उद्देश्य एक आदर्श राम राज्य स्थापित करना है। समाज को उच्च शिक्षा से शिक्षित करना, लोगों के लिए रोज़गार के अवसर प्रदान करके जीवन यापन की समस्या को समाप्त करना, देश को आधुनिकता के तरफ ले जाना, प्रत्येक परिवार को घर, रोज़गार आदि प्रदान करना, गरीबों एवं जरुरतमंदो के लिए भोजन आदि की व्यवस्था, प्रकृति एवं पर्यावरण को सुरक्षित करना, देश में कृषि को बढ़ावा देना, समाज में फैले मांस मदिरा आदि जैसे कुरीतियों को समाप्त करना एवं लोगों को आध्यात्म की तरह ले जाना ताकि अधिक से अधिक विश्व में जनकल्याण को सके।
सनातन धर्म के प्रति:
विलुप्त होते सनातन धर्म को पुनर्जीवित करना एवं पूरे विश्व में उसका प्रचार एवं प्रसार करना। विभाजित सनातन धर्म को एकजुट, संगठित करके एक छत्त के निचे लाना ताकि विभाजित हुए सनातन धर्म को एकजुट किया जा सके और सनातन धर्म की पुरानी ख्याति वापस प्राप्त की जा सके। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए सनातन धर्म के स्कूल , ज्ञान केंद्र स्थापित करना ताकि सभी सनातन धर्म के लोगों को अपनी देव संस्कृति, इतिहास आदि स्मरण रहे और अपने आगे आने वाली पीढ़ियों को अपने सनातन धर्म के प्रति लगाव रहे। बड़ी संख्यां में मंदिर आदि का निर्माण करना। मंदिरों एवं सनातन धर्म से सम्बंधित सभी प्राचीन ऐतिहासिक धरोहरों, इमारतों को पुनः सुसज्जित एवं पुनःजीवित करके उनका संरक्षण करना। देश-विदेश में सनातन धर्म से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करना जिससे सनातन धर्म की महत्ता लोगों तक पहुँच सके।
अतः आप सभी से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्यां में इस संगठन से जुड़े और अपने आस-पास और जानकार सभी लोगों को इस संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। संगठित होना ही सनातन धर्म की शक्ति है। तभी सनातन धर्म को फिर से उसकी असली पहचान एवं ख्याति दिलाई जा सकती है। केवल सनातन धर्म ही इस पृथ्वी एवं पृथ्वी के लोगों को बचा सकता है। भगवान् श्री राम के आदर्शों पर चलकर ही एक सम्पूर्ण आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है जहाँ प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक धर्म एवं जाती की सुरक्षा की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होगी।
सनातन धर्म के सभी लोगों को अब जात-पात को त्यागना होगा, तभी सनातन धर्म संगठित हो पायेगा। इसके लिए हम सबको मिलकर एकजुट होकर कार्य एवं प्रयास करने होंगे। अपने धर्म, संस्कृति आदि को बचाना है तो मिलकर और पूरी तत्परता के साथ इस मिशन पर चलना एवं लगना होगा। आज से ही खुद एवं दूसरों को भी अपने आप को हिन्दू के बजाए 'सनातनी' कहने के लिए प्रेरित करें।
जुड़ें और जोड़ें।
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः
प्रकाश सिंह पहाड़ी
(संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष)
सनातन धर्म राम राज्य संगठन (SDRRS)