26/11/2025
🌥️ ☃️ सर्दी में पुष्टिदायी प्रयोग :➖ *खजूर व 🥥 नारियल के पौष्टिक लड्डू ।।*
📗 ऋषि प्रसाद से
🌀💫 *लाभ : 👉🏻👉🏻*
🔺 *रक्त, वीर्य, कांति व बुद्धि वर्धक हैं।*
🔺 *शरीर* को ये लड्डू *हृष्ट-पुष्ट करनेवाले* हैं तथा *मस्तिष्क व हृदय को ताकत देनेवाले हैं।*
ये सभीके लिए उपयोगी हैं, *बच्चों व गर्भवती माताओं के लिए विशेष लाभदायी है।*
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
💢🔅 *विधि :➖*
*भिगोकर गुठली निकाले हुए २०-२५ खजूर १ कच्चे नारियल की गिरी* के साथ पीस लें । फिर इस *मिश्रण को १०-१५ ग्राम देशी गाय के घी में* धीमी आँच पर पानी सूखने तक भूनें। भुनने पर *इलायची व किशमिश डालकर लड्डू बना लें।* काजू, बादाम आदि भी डाल सकते हैं ।
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
♦️☝🏻 *सावधानी :➖नारियल होने से अष्टमी के दिन इनका सेवन न करें।*
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
💁🏻♂️💫 पौष्टिकता से भरपूर ➖
*तिल-मूँगफली गजक*
🌀💫 *लाभ :➖*
*प्रोटीन, लौह तत्त्व एवं कैल्शियम से भरपूर यह गजक शक्ति एवं स्फूर्ति* का बहुत ही सस्ता एवं अच्छा स्रोत है।
*▪️यह वायुशामक, वजन बढ़ानेवाला, मस्तिष्क के लिए बलप्रद, हड्डियों एवं मांसपेशियों* को ताकत देनेवाला है।
*▪️दुबले पतले, कमजोर, खून की कमी* से पीड़ित व्यक्तियों को तो *सर्दियों में इस गजक का उपयोग अवश्य* करना चाहिए।
▪️यह बढ़ती उम्र के *बच्चों, किशोरों एवं युवाओं के शारीरिक गठन को मजबूत* बनाने में भी लाभदायी है।
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
💢🔅 *विधि :➖*
*१५० ग्राम तिल व १५० ग्राम मूँगफली के दानों को धीमी आँच पर एक-एक करके सेंक लें ।*
मूँगफली दानों के छिलके निकाल दें और *तिल व मूँगफली के दानों को अलग- अलग दरदरा पीस लें।*
फिर *लोहे की कड़ाही में २ चम्मच* (१०-१५ मि.ली.) *तेल अथवा घी, २ चम्मच पानी व टुकड़े किया हुआ २५० ग्राम गुड़* (गुड़ एक वर्ष पुराना हो तो अच्छा) *डाल दें और गरम करें।*
इसे लोहे के चमचे या कलछी से हिलाते चलाते रहें। *फिर चाशनी की एक-दो बूँदें पानी में डालें और उन्हें पानी से निकाल के दबाकर देखें। वे टूट रही हों, कड़क हों तो समझो चाशनी तैयार है।*
चूल्हे से नीचे उतारकर *चाशनी में पिसे हुए तिल व मूँगफली के दाने मिला लें। फिर इस मिश्रण को तेल लगी थाली में फैला दें।* थोड़ा ठंडा होने पर काट लें।
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
🩸खून की कमी भगाये, शरीर को पुष्ट बनाये
➖ *मूँगफली की चिक्की*
(पूज्य बापूजी के सत्संग से)
♦️ *मूँगफली और गुड़ की चिक्की* सब कोई बना सकते हैं, *गरीब से गरीब भी बना सकते हैं* और खा सकते हैं। चिक्की को लम्बा समय रखना हो तो *पक्की चाशनी बनाओ फिर खराब होने का भय नहीं रहेगा।*
♦️गुड़ और मूँगफली की चिक्की बनाकर रख दी... *बच्चों को, बड़ों को किसीको भी दो, चबा-चबा के खा ले तो हाथों-हाथ खून बनेगा और खून की शुद्धि भी होगी।*
♦️ *शरीर पुष्ट, बलवान एवं सुडौल बनेगा, वीर्य भी बढ़ेगा।*
♦️ *खून की कमी* वालों के लिए *मूँगफली की चिक्की वरदान है।* खून की कमीवाले बहुत हैं- *हीमोग्लोबिन ९ हो गया... ८ हो गया... ७ हो गया... उन लोगों को यह मूँगफली की चिक्की खिलाओ।*
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
💢🔅 *विधि :➖*
*२५० ग्राम मूँगफली के दाने सेंक के उन्हें रगड़ के तोड़ दें* और उनके छिलके अलग कर लें। फिर *२०० ग्राम गुड़ लेकर* ऊपर दी गयी *'तिल-मूँगफली गजक'* की विधि के अनुसार चाशनी बना लें और उसमें *मूँगफली के दाने डाल के अच्छी तरह मिला लें।* फिर तेल लगी थाली में फैला दें और थोड़ा ठंडा होने पर काट लें।)
➖➖➖➖➖➖➖➖➖
🌹🌻 *इसी तरह की 🎙️सत्संग, 🍎स्वास्थ्य और 🌈जीवन में सुख शांति के उपाय की*
छोटी-छोटी 📀सार वीडियो व 📼ऑडियो प्राप्ति हेतु
🪀 *रजोकरी आश्रम, दिल्ली व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े*
https://chat.whatsapp.com/EzirbkEpmxJ40hSdpbA6eC?mode=wwt