Hindu Army it Cell

Hindu Army it Cell Hindu Army Official Page हिन्दु आर्मी आधिकारिक फेस बुक पेज ।

03/02/2026
लखनऊ स्थिति कार्यालय प्रांगण में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।...
26/01/2026

लखनऊ स्थिति कार्यालय प्रांगण में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

26/01/2026

लखनऊ स्थिति कार्यालय प्रांगण में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

परम धाम  #कैंचीधाम बाबा नीमकरोली बाबा का दर्शन पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
05/01/2026

परम धाम #कैंचीधाम बाबा नीमकरोली बाबा का दर्शन पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

    कलेंडर बदलिए अपनी संस्कृति नहीं।🪔🛕                                                                                  ...
01/01/2026


कलेंडर बदलिए अपनी संस्कृति नहीं।🪔🛕 *अपनी संस्कृति की झलक को अवश्य पढ़ें और साझा करें ।*
*१ जनवरी को क्या नया हो रहा है ?*
*न ऋतु बदली.. न मौसम*
*न कक्षा बदली... न सत्र*
*न फसल बदली...न खेती*
*न पेड़ पौधों की रंगत बदली*
*न सूर्य चाँद सितारों की दिशा*
*ना ही नक्षत्र।*
१ जनवरी आने से पहले ही सब *नववर्ष की बधाई* देने लगते हैं। मानो कितना बड़ा पर्व हो।
नया केवल एक दिन ही नहीं कुछ दिन तो नई अनुभूति होनी ही चाहिए। आखिर हमारा देश त्योहारों का देश है।
अंग्रेजी वर्ष का नया साल १ जनवरी को और भारतीय नववर्ष (विक्रमी संवत) *चैत्र शुक्ल* *प्रतिपदा* को मनाया जाता है। आईये देखते हैं दोनों का तुलनात्मक अंतर:
१- *प्रकृति-*
एक जनवरी को कोई अंतर नहीं जैसा दिसम्बर वैसी जनवरी। वही चैत्र मास में चारों तरफ फूल खिल जाते हैं, पेड़ों पर नए पत्ते आ जाते हैं। चारों तरफ हरियाली मानो प्रकृति नया साल मना रही हो I
२- *मौसम, वस्त्र* दिसम्बर और जनवरी में वही वस्त्र, कंबल, रजाई, ठिठुरते हाथ पैर.. लेकिन
चैत्र मास में सर्दी जा रही होती है, गर्मी का आगमन होने जा रहा होता है I
३- *विद्यालयों* का नया सत्र- दिसंबर जनवरी मे वही कक्षा कुछ नया नहीं..
जबकि मार्च अप्रैल में स्कूलों का रिजल्ट आता है नई कक्षा नया सत्र यानि विद्यालयों में नया साल।
४- *नया वित्तीय वर्ष-*
दिसम्बर-जनवरी में कोई खातों की क्लोजिंग नहीं होती.. जबकि ३१ मार्च को बैंकों की (audit) क्लोजिंग होती है नए बही खाते खोले जाते हैंI सरकार का भी नया सत्र शुरू होता हैI
५- *कलैण्डर-*
जनवरी में नया कलैण्डर आता है..
चैत्र में नया पंचांग आता है I उसी से सभी भारतीय पर्व, विवाह और अन्य महूर्त देखे जाते हैं I इसके बिना हिन्दू समाज जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता इतना महत्वपूर्ण है ये कैलेंडर यानि पंचांगI
६- *किसानों का नया साल* - दिसंबर-जनवरी में खेतों में वही फसल होती है..
जबकि मार्च-अप्रैल में फसल कटती है नया अनाज घर में आता है तो किसानों का नया वर्ष और उत्साह I
७- *पर्व मनाने की विधि-*
३१ दिसम्बर की रात नए साल के स्वागत के लिए लोग जमकर *शराब* पीते हैं, *हंगामा* करते हैं, रात को पीकर गाड़ी चलने से दुर्घटना की सम्भावना, रेप जैसी वारदात, पुलिस प्रशासन बेहाल और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का विनाश..
जबकि भारतीय नववर्ष *व्रत* से शुरू होता है पहला नवरात्र होता है। घर घर में माता रानी की *पूजा* होती है I शुद्ध सात्विक वातावरण बनता हैI
८- *ऐतिहासिक महत्त्व* - १ जनवरी का कोई ऐतिहासिक महत्व नही है..
जबकि चैत्र प्रतिपदा के दिन महाराज *विक्रमादित्य* द्वारा *विक्रमी संवत्* की शुरुआत, भगवान झूलेलाल का जन्म, नवरात्रे प्रारम्भ, ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की रचना इत्यादि का संबंध इस दिन से है I
एक जनवरी को अंग्रेजी कलेंडर की तारीख और अंग्रेज मानसिकता के लोगों के अलावा कुछ नहीं बदला..
अपना नव संवत् ही नया साल हैI
जब ब्रह्माण्ड से लेकर सूर्य चाँद की दिशा, मौसम, फसल, कक्षा, नक्षत्र, पौधों की नई पत्तियां, किसान की नई फसल, विद्यार्थियों की नई कक्षा, मनुष्य में नया रक्त संचरण आदि परिवर्तन होते हैं, जो विज्ञान आधारित है I
अपनी *मानसिकता* को बदलेंI विज्ञान आधारित भारतीय काल गणना को पहचानें। स्वयं सोचें कि क्यों मनायें हम १ जनवरी को नया वर्ष..???
*"एक जनवरी को कैलेंडर बदलें.. अपनी संस्कृति नहीं"*
आओ जागें जगायें, भारतीय संस्कृति अपनायें और आगे बढ़ें I हमारा नव वर्ष *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा* को है
*।।जय श्री राम जय सनातन धर्म।।*
⛳🕉

हिंदुत्व कोई नारा नहीं, यह संस्कार है।हिंदुत्व कोई भीड़ नहीं, यह विचार है।और इस विचार की रक्षा के लिए अगर कोई ढाल बनकर ख...
31/12/2025

हिंदुत्व कोई नारा नहीं, यह संस्कार है।
हिंदुत्व कोई भीड़ नहीं, यह विचार है।
और इस विचार की रक्षा के लिए अगर कोई ढाल बनकर खड़ा है,
तो वह है — हिंदू आर्मी!
हिंदू आर्मी चीफ सुशील तिवारी
केवल एक पद नहीं,
बल्कि उस चेतना का नाम हैं
जो हर हिंदू के भीतर सोई हुई शक्ति को जगाती है।
जब धर्म पर प्रहार होता है,
तो तलवार से पहले विचार उठता है।
जब सनातन को चुनौती मिलती है,
तो संगठन सबसे पहले मैदान में उतरता है।
सुशील तिवारी
डर की राजनीति नहीं करते,
वे जागरण की राजनीति करते हैं।
वे जानते हैं —
हिंदू कमजोर नहीं,
बस अब तक सहनशील था…
और अब जाग चुका है।
आज हिंदू आर्मी
भय, भ्रम और भटकाव से बाहर निकलकर
एकजुट हिंदुत्व की आवाज बन चुकी है।
यह किसी के विरोध में नहीं,
यह अपने धर्म, संस्कृति
और अस्तित्व की रक्षा का संकल्प है।

22/12/2025
22/12/2025
18/12/2025

कथा रामराज्य की

18/12/2025

न्याय होना चाहिए

Address

सेक्टर एच South City
Delhi
110011

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Hindu Army it Cell posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Hindu Army it Cell:

Share

#HINDU_ARMY

HINDU ARMY Hindu army

हिन्दुआर्मी का लक्ष्य ।

हिन्दू उत्थान ।

हिन्दुआर्मी हिन्दू राष्ट्र ।