30/06/2022
उदयपुर में कन्हैया लाल साहू जी की हत्या करने वाले आतंकवादी थे? और अब तक दोगलों और धिम्मियों का गाना शुरू हो गया होगा, की आतंक का तो कोई मजहब होता ही नही? लेकिन एक बात तो बताओ मासूम, कन्हैया के जिस पड़ोसी नजीम ने हत्यारों तक एक-एक बात पहुंचाई, साजिश रचने के लिए सारी जानकारी दी, वो क्या है? ये वही दीमक है जो कश्मीर फाइल्स अंजाम देने में मुख्य विलेन था। जो आपके साथ काम करेगा, बैठेगा, दुकानदार बनेगा, पड़ोसी बनेगा, हर वो ढोंग करेगा जिससे वो आपका विश्वास प्राप्त कर सके, लेकिन जब अपने गिरोह की बात आएगी तो आपकी पीठ पर वार करने से नही चुकेगा। ऐसे विश्वासघातियों को कब पहचानेंगे? दर्जी कन्हैया लाल जी की दुकान पर ग्राहक बनकर आये थे, गला काट कर चले गए, कल हो सकता है किसी ग्राहक कन्हैया की दाढ़ी बनाते समय...इसलिए अपने आसपास ऐसे विश्वासघातियों को पहचानिए और अपनी सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों से सावधान रहिये।