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04/03/2020

होली 2020: जानिए मुहूर्त, पूजा विधि, टोटके व राशि के अनुसार रंग चुनने के लाभ

आज कल किसी भी त्यौहार के आठ दस दिन या उससे भी पहले से मोबाईल पर उससे संबंधित सामग्रियों का अंबार सा लग जाता है। इस साल 9 मार्च 2020 को होलिका दहन और 10 मार्च 2020 को रंगों का त्यौहार मनाया जायेगा। आपको अभी से होली 2020 की इमेज, होली 2020 के पोस्ट और इस बार होली 2020 कैसे मनाएं, जैसे मैसेजों ने कंफ्यूज़ कर दिया होगा। इसलिए गणेशास्पीक्स होली से जुड़े रहस्य और होली पर क्या करें, क्या ना करें जैसे सभी सवालों के जवाब कम और आसान शब्दों में आप तक पहुंचाने वाला है। आइए जानते हैं, होली 2020 आपके और हम सभी के लिए क्या खास लेकर आ रही है?

होली दहन 2020 के शुभ मुहूर्त
हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, होलिका दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष के समय, फाल्गुन पूर्णिमा के चाँद में ही करना चाहिए। भद्रा में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। होलिका दहन शुभ और सटीक मुहूर्त में ही करना चाहिए, अन्यथा दुर्भाग्य और पीड़ा झेलनी पड़ सकती है। वर्ष 2020 में फाल्गुन पूर्णिमा यानि 9 मार्च के प्रदोष काल में होलिका दहन होगा। 9 मार्च को भद्रा पूंछ 09ः37 से 10ः38 और भद्रा मुख 10ः38 से 12ः19 बजे तक रहेगा। ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहुर्त 9 मार्च शाम 18ः46 से 21ः12 बजे तक रहने वाला है। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से फाल्गुन पूर्णिमा तक होलाष्टक माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। इस दौरान यह ध्यान रखना चाहिए कि उस दिन “भद्रा” न हो। पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए। इसे आसान शब्दों में ऐसे समझ सकते हैं, कि उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए।

होलिका दहन 2020 पूजा विधि
होलिका दहन से पहले विधि विधान के साथ होलिका की पूजा की जाती है। इस दौरान होलिका के सामने पूर्व या उतर दिशा की ओर मुख करके पूजा करने का विधान है। पहले होलिका को आंचमन से जल लेकर सांकेतिक रूप से स्नान के लिए जल अर्पण करना चाहिए। इसके पश्चात कच्चे सूत को होलिका के चारों और तीन या सात परिक्रमा करते हुए लपेटना होता है। सूत के माध्यम से उन्हे वस्त्र अर्पण किये जाते हैं। जिसके बाद अन्य पूजन सामग्रियों को एक-एक कर होलिका को समर्पित करना चाहिए। पूजन के बाद जल से अर्ध्य दिया जाता है, एक लोटा जल, माला, रोली, चावल, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल आदि होलिका को अर्पण करने चाहिए। इस दौरान किसान भाई अपनी नई फसल के कुछ अंश जैसे पके चने और गेंहूं की बालियां भी होलिका को अर्पण कर सकते हैं।

होलिका दहन से जुड़े टोटके व उपाय
धार्मिक या सामाजिक स्तर पर होलिका दहन से जुड़े कई टोटके या उपाय लोगों द्वारा अपनाये जाते हैं। माना जाता है कि होलिका दहन के दिन किया गया टोटका सटीक और लाभकारी परिणाम देने की अधिक संभावना रखते हैं। कोई भी आम व्यक्ति अपनी परेशानियों या मुश्किलों के अनुसार इन टोटकों का उपयोग अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए कर सकता है। यदि आपके जीवन में भी कोई परेशानी या समस्या है तो लीजिये हमारे ज्योतिष विशेषज्ञों की सलाह।

शरीर के उबटन को होलिका में जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
सफलता प्राप्ति के लिए होलिका दहन स्थल पर नारियल, पान तथा सुपारी भेंट करें।
गृह क्लेश से निजात पाने और सुख-शांति के लिए होलिका की अग्नि में जौ-आटा चढ़ाएं।
भय और कर्ज से निजात पाने के लिए नरसिंह स्रोत का पाठ करना लाभदायक होता है।
होलिका दहन के बाद जलती अग्नि में नारियल दहन करने से नौकरी की बाधाएं दूर होती हैं।
घर, दुकान और कार्यस्थल की नजर उतार कर उसे होलिका में दहन करने से लाभ होता है।
होलिका दहन के दूसरे दिन राख लेकर उसे लाल रुमाल में बाँधकर पैसों के स्थान पर रखने से बेकार खर्च रुक जाते हैं।
लगातार बीमारी से परेशान हैं, तो होलिका दहन के बाद बची राख मरीज़ के सोने वाले स्थान पर छिड़कने से लाभ मिलता है।
बुरी नजर से बचाव के लिए गाय के गोबर में जौ, अरसी और कुश मिलाकर छोटा उपला बना कर इसे घर के मुख्य दरवाज़े पर लटका दें।
जल्द विवाह के लिए होली के दिन सुबह एक पान के पत्ते पर साबुत सुपारी और हल्दी की गांठ लेकर शिव लिंग पर चढ़ाएं और बिना पलटे घर आ जाएं। अगले दिन भी यही प्रयोग करें।
दांपत्य जीवन में शांति के लिए होली की रात उत्तर दिशा में एक पाट पर सफेद कपड़ा बिछा कर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल के ढेर पर नव ग्रह यंत्र स्थापित करें। इसके बाद केसर का तिलक कर घी का दीपक जला कर पूजन करें।

अपनी राशि के अनुसार करें रंगों का उपयोग
होलिका दहन के अगले दिन रंग वाली होली यानि धुलेंडी मनाई जाती है। इस दिन कई तरह के रंगों से अपने परिवार व मित्रों के साथ रंगों से उल्लास मनाया जाता है। दरअसल रंगों से लोगों को रंगना सांकेतिक तौर पर जीवन में मिलने वाली ख़ुशियों को प्रदर्शित करने का माध्यम है। लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार प्रत्येक रंग किसी खास राशि से संबंध रखता है। इसलिए राशियों से हिसाब से रंगों का चुनाव आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

मेष राशि – मेष राशि वालों के लिए लाल और गुलाबी रंग सर्वोत्तम है।
वृषभ राशि – वृषभ राशि के लोग सफेद और क्रीम रंग से होली खेलें।
मिथुन राशि – मिथुन राशि के लोगों के लिए हरा और पीला रंग शुभ होता है।
कर्क राशि – कर्क राशि के लोगों के लिए सफेद और क्रीम रंग बेहतर होगा।
सिंह राशि – सिंह राशि वालों के लिए पीला और केसरिया रंग काफी अच्छा होता है।
कन्या राशि – कन्या राशि के लोगों के लिए हरा रंग श्रेष्ठ माना जाता है।
तुला राशि – तुला राशि के लोगों के लिए सफेद और पीला रंग शुभ होता है।
वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि के लोगों के लिए लाल और गुलाबी रंग श्रेष्ठ है।
धनु राशि – धनु राशि के लोगों के लिए लाल व पीला रंग सर्वोत्तम है।
मकर राशि – मकर राशि के लोगों के लिए नीला और हरा रंग शुभ माना गया है।
कुंभ राशि – कुंभ राशि के लोगों के लिए नीला रंग शुभ होता है।
मीन – मीन राशि वालों को हर संभव पीले और लाल रंग से ही होली खेलना चाहिए।

जय माँ कामाख्या !!!

04/03/2020

मंत्र से अपनी योग्यता को बढाकर भौतिक सुख प्राप्र करे
॥ॐ ह्रौं नटेश्वराय ह्रौं ॐ नमः शिवाय॥
||OM HROUM NATESHWARAAY HROUM OM NAMAHA SHIVAAY||

How to Perform this Powerful Mantra:
21 Days (5 Mala of Rudraksh Daily)
Use One Hand For "Apan Mudra" (Hand Middle Two Fingers and Thumb ) and other hand to J*p Mala.

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