25/02/2026
रमज़ान मुबारक! प्यारे दोस्तों, 🌙
इफ्तार का वक्त दुआओं की कुबूलियत का खास लम्हा होता है। आइए, आज से हम सब अपना रोजा इस खूबसूरत सुन्नत दुआ के साथ खोलें और इसकी बरकतें हासिल करें:
दुआ:
اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
तर्जुमा:
"ऐ अल्लाह! मैंने तेरे ही लिए रोजा रखा, और तुझ पर ही ईमान लाया, और तुझ पर ही भरोसा किया, और तेरे ही दिए हुए रिज़्क (खाने) से इफ्तार किया।" 🤲
नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया: "रोज़ेदार की इफ्तार के वक़्त की दुआ रद्द नहीं की जाती।" (इब्न माजा)
इस मुबारक दुआ को अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी शेयर करें ताकि सब इससे फायदा उठा सकें।
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