Jai Shree Laxmi Narayan

Jai Shree Laxmi  Narayan Jai Sanatani

22/02/2026
20/02/2026

jaijagannath #

जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घ...
16/08/2023

जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये।
वहां पहुँचते ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी।
उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।

उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।

मादा हिरनी क्या करती ? वह प्रसव पीडा से व्याकुल थी। अब क्या होगा ? क्या हिरनी जीवित बचेगी ? क्या वो अपने शावक को जन्म दे पायेगी ? क्या शावक जीवित रहेगा ?

क्या जंगल की आग सब कुछ जला देगी ? क्या मादा हिरनी शिकारी के तीर से बच पायेगी ?क्या मादा हिरनी भूखे शेर का भोजन बनेगी ?
वो एक तरफ आग से घिरी है और पीछे नदी है। क्या करेगी वो ?

हिरनी अपने आप को शून्य में छोड, अपने बच्चे को जन्म देने में लग गयी। कुदरत का कारिष्मा देखिये। बिजली चमकी और तीर छोडते हुए, शिकारी की आँखे चौंधिया गयी। उसका तीर हिरनी के पास से गुजरते, शेर की आँख में जा लगा,शेर दहाडता हुआ इधर उधर भागने लगा।और शिकारी, शेर को घायल ज़ानकर भाग गया। घनघोर बारिश शुरू हो गयी और जंगल की आग बुझ गयी। हिरनी ने शावक को जन्म दिया।

हमारे जीवन में भी कभी कभी कुछ क्षण ऐसे आते है, जब हम चारो तरफ से समस्याओं से घिरे होते हैं और कोई निर्णय नहीं ले पाते। तब सब कुछ नियति के हाथों सौंपकर अपने उत्तरदायित्व व प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।अन्तत: यश, अपयश ,हार ,जीत, जीवन,मृत्यु का अन्तिम निर्णय ईश्वर करता है।हमें उस पर विश्वास कर उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए।

कुछ लोग हमारी सराहना करेंगे,
कुछ लोग हमारी आलोचना करेंगे।

【दोनों ही मामलों में हम फायदे में हैं,】.
एक हमें प्रेरित करेगा और
दूसरा हमारे भीतर सुधार लाएगा।।

*🌺💧 भगवान 💧🌺*एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए! कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता, तो मेरे पास भागा-भागा आता और  अपनी परेशा...
15/08/2023

*🌺💧 भगवान 💧🌺*

एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए! कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता, तो मेरे पास भागा-भागा आता और अपनी परेशानियां बताते हुये कुछ न कुछ मांगने लगता है!

अंतत: उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए देवताओं की बैठक बुलाई और बोले- देवताओं, मैं मनुष्य की रचना करके कष्ट में पड़ गया हूं। कोई न कोई मनुष्य हर समय शिकायत ही करता रहता हैं, जबकि मैं उन्हे उनके कर्मानुसार सब कुछ दे रहा हूं। फिर भी थोड़े से कष्ट मे ही मेरे पास आ जाता हैं। जिससे न तो मैं कहीं शांति पूर्वक रह सकता हूं, न ही तपस्या कर सकता हूं। आप लोग मुझे कृपया ऐसा स्थान बताएं, जहां मनुष्य नाम का प्राणी कदापि न पहुंच सके।
प्रभुजी के विचारों का आदर करते हुए देवताओं ने अपने-अपने विचार प्रकट किए। गणेश जी बोले- आप हिमालय पर्वत की चोटी पर चले जाएं। भगवानजी ने कहा- यह स्थान तो मनुष्य की पहुंच में हैं। उसे वहां पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। इंद्रदेव जी ने सलाह दी- कि वह किसी महासागर में चले जाएं। वरुण देव जी बोले- आप अंतरिक्ष में चले जाइए।
भगवानजी ने कहा- एक दिन मनुष्य वहां भी अवश्य पहुंच जाएगा। भगवान निराश होने लगे थे। वह मन ही मन सोचने लगे- “क्या मेरे लिए कोई भी ऐसा गुप्त स्थान नहीं हैं, जहां मैं शांतिपूर्वक रह सकूं"।

अंत में सूर्य देव जी बोले- प्रभुजी! आप ऐसा करें कि मनुष्य के हृदय में बैठ जाएं! मनुष्य अनेक स्थान पर आपको ढूंढने में सदा उलझा रहेगा, पर वह यहाँ आपको कदापि न तलाश करेगा। ईश्वर को सूर्य देव की बात पसंद आ गई। उन्होंने ऐसा ही किया और वह मनुष्य के हृदय में जाकर बैठ गए।
उस दिन से मनुष्य अपना दुख व्यक्त करने के लिए ईश्वर को मन्दिर, ऊपर, नीचे, आकाश, पाताल में ढूंढ रहा है पर वह मिल नहीं रहें हैं।

परंतु मनुष्य कभी भी अपने भीतर- *"हृदय रूपी मन्दिर"* में बैठे हुए ईश्वर को नहीं देख पाता..!!

🚩सत्य सनातन 🚩

जय श्री राम🙏🚩

 #है_प्रीत_जहां_की_रीत_सदा !! है प्रीत जहां की रीत सदामैं गीत वहां के गाता हूंभारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनाता ह...
15/08/2023

#है_प्रीत_जहां_की_रीत_सदा !!
है प्रीत जहां की रीत सदा
मैं गीत वहां के गाता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
है प्रीत जहां की रीत सदा....

काले-गोरे का भेद नहीं
हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और ना आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
ओ जिसे मान चुकी सारी दुनिया
मैं बात...
मैं बात वही दोहराता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
है प्रीत जहां की रीत सदा....

जीते हो किसी ने देश तो क्या
हमने तो दिलों को जीता है
जहां राम अभी तक है नर में
नारी में अभी तक सीता है
इतने पावन हैं लोग जहां
ऊतने पावन हैं लोग जहां
मैं नित-नित...
मैं नित-नित शीश झुकाता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं

ईतनी ममता नदियों को भी
जहां माता कह के बुलाते हैं
इतना आदर इंसान तो क्या
पत्थर भी पूजे जाते हैं
उस धरती पर मैंने जन्म लिया
उस धरती पर मैंने जन्म लिया
ये सोच...
ये सोच के मैं इतराता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
है प्रीत जहां की रीत सदा.....
"""""स्वतंत्रता दिवस के 77 वें आजादी के अमृत महोत्सव कि आप सभी को मंगलमय शुभकामनाएं एवं बधाई !!
🚩🇮🇳जयहिन्द🇮🇳🚩

14/08/2023

Hi everyone! 🌟 You can support me by sending Stars - they help me earn money to keep making content you love.

Whenever you see the Stars icon, you can send me Stars!
Jai Shree Laxmi Narayan

.                 🚩🚩सकारात्मक सोच।🚩🚩एक गरीब आदमी बड़ी मेहनत से एक - एक रूपया जोड़ कर मकान बनवाता है . उस मकान को बनवाने ...
13/08/2023

. 🚩🚩सकारात्मक सोच।🚩🚩

एक गरीब आदमी बड़ी मेहनत से एक - एक रूपया जोड़ कर मकान बनवाता है . उस मकान को बनवाने के लिए वह पिछले 20 वर्षों से एक - एक पैसा बचत करता है ताकि उसका परिवार छोटे से झोपड़े से निकलकर पक्के मकान में सुखी रह सके।

आखिरकार एक दिन मकान बन कर तैयार हो जाता है . तत्पश्चात पंडित से पूछ कर गृह प्रवेश के लिए शुभ तिथि निश्चित की जाती है .

लेकिन गृहप्रवेश के 2 दिन पहले ही भूकंप आता है और उसका मकान पूरी तरह ध्वस्त हो जाता है .

यह खबर जब उस आदमी को पता चलती है तो वह दौड़ा दौड़ा बाजार जाता है और मिठाई खरीद कर ले आता है . मिठाई लेकर वह घटनास्थल पर पहुंचता है

जहां पर काफी लोग इकट्ठे होकर उसके के मकान गिरने पर अफसोस जाहिर कर रहे थे .
ओह बेचारे के साथ बहुत बुरा हुआ , कितनी मुश्किल से एक - एक पैसा जोड़कर मकान बनवाया था .

इसी प्रकार लोग आपस में तरह तरह की बातें कर रहे थे .
वह आदमी वहां पहुंचता है और झोले से मिठाई निकाल कर सबको बांटने लगता है . यह देखकर सभी लोग हैरान हो जाते हैं .

तभी उसका एक मित्र उससे कहता है , कहीं तुम पागल तो नहीं हो गए हो , घर गिर गया , तुम्हारी जीवन भर की कमाई बर्बाद हो गई और तुम खुश होकर मिठाई बांट रहे हो .

वह आदमी मुस्कुराते हुए कहता है , तुम इस घटना का सिर्फ नकारात्मक side देख रहे हो इसलिए इसका सकारात्मक पक्ष तुम्हें दिखाई नहीं दे रहा है . ये तो बहुत अच्छा हुआ कि मकान आज ही गिर गया .
वरना तुम्ही सोचो अगर यह मकान 2 दिनों के बाद गिरता तो मैं मेरी पत्नी और बच्चे सभी मारे जा सकत थे . तब कितना बड़ा नुकसान होता .

इस कहानी से आपको समझ में आ गया होगा सकारात्मक और नकारात्मक सोच में क्या अंतर है . यदि वह व्यक्ति नकारात्मक दृष्टिकोण से सोचता तो शायद वह Depression का शिकार हो जाता . लेकिन केवल एक सोच के फर्क ने उसके दुख को परिवर्तित दिया. ईश्वर जो भी करता है,अच्छा ही करता है।

🌹🙏🏻 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः। 🙏🏻🌹

🌹श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी।🌹
🌹हे नाथ नारायण वासुदेवा।।🌹

🌹हरे राम हरे राम। राम राम हरे हरे।।🌹
🌹हरे कृष्ण हरे कृष्ण। कृष्ण कृष्ण हरे हरे।।🌹

बड़ी सुंदर बोध कथा 😊टेढ़े कान्हा😊एक बार की बात है - वृंदावन का एक साधू अयोध्या की गलियों में राधे कृष्ण - राधे कृष्ण जप ...
10/08/2023

बड़ी सुंदर बोध कथा

😊टेढ़े कान्हा😊

एक बार की बात है - वृंदावन का एक साधू अयोध्या की गलियों में राधे कृष्ण - राधे कृष्ण जप रहा था । अयोध्या का एक साधू वहां से गुजरा तो राधे कृष्ण राधे कृष्ण सुनकर उस साधू को बोला - अरे जपना ही है तो सीता राम जपो, क्या उस टेढ़े का नाम जपते हो ?

😡वृन्दावन का साधू भडक कर बोला - ज़रा जुबान संभाल कर बात करो, हमारी जुबान भी पान भी खिलाती हैं तो लात भी खिलाती है । तुमने मेरे इष्ट को टेढ़ा कैसे बोला ?

😔 अयोध्या वाला साधू बोला इसमें गलत क्या है ? तुम्हारे कन्हैया तो हैं ही टेढ़े । कुछ भी लिख कर देख लो-
उनका नाम टेढ़ा - कृष्ण
उनका धाम टेढ़ा - वृन्दावन

😔 वृन्दावन वाला साधू बोला चलो मान लिया, पर उनका काम भी टेढ़ा है और वो खुद भी टेढ़ा है, ये तुम कैसे कह रहे हो ?

😌 अयोध्या वाला साधू बोला - अच्छा अब ये भी बताना पडेगा ? तो सुन -
जमुना में नहाती गोपियों के कपड़े चुराना, रास रचाना, माखन चुराना - ये कौन सीधे लोगों के काम हैं ? और आज तक ये बता कभी किसी ने उसे सीधे खडे देखा है कभी ?

😟 वृन्दावन के साधू को बड़ी बेइज्जती महसूस हुई , और सीधे जा पहुंचा बिहारी जी के मंदिर । अपना डंडा डोरिया पटक कर बोला - इतने साल तक खूब उल्लू बनाया लाला तुमने ।
ये लो अपनी लुकटी, ये लो अपनी कमरिया, और पटक कर बोला ये अपनी सोटी भी संभालो ।
हम तो चले अयोध्या राम जी की शरण में ।
और सब पटक कर साधू चल दिये ।

☺ अब बिहारी जी मंद मंद मुस्कुराते हुए उसके पीछे पीछे । साधू की बाँह पकड कर बोले अरे " भई तुझे किसी ने गलत भडका दिया है "

😚 पर साधू नही माना तो बोले, अच्छा जाना है तो तेरी मरजी , पर ये तो बता राम जी सीधे और मै टेढ़ा कैसे ? कहते हुए बिहारी जी कूंए की तरफ नहाने चल दिये ।

😡वृन्दवन वाला साधू गुस्से से बोला -

" नाम आपका टेढ़ा- कृष्ण,
धाम आपका टेढ़ा- वृन्दावन,
काम तो सारे टेढ़े- कभी किसी के कपडे चुरा, कभी गोपियों के वस्त्र चुरा,
और सीधे तुझे कभी किसी ने खड़े होते नहीं देखा। तेरा सीधा है किया"।
अयोध्या वाले साधू से हुई सारी झैं झैं और बइज़्जती की सारी भड़ास निकाल दी।

😊 बिहारी जी मुस्कुराते रहे और चुप से अपनी बाल्टी कूँए में गिरा दी ।
फिर साधू से बोले अच्छा चलो जाइये, पर जरा मदद तो करो, तनिक एक सरिया ला दे तो मैं अपनी बाल्टी निकाल लूं ।

😔साधू सरिया ला देता है और कृष्ण सरिये से बाल्टी निकालने की कोशिश करने लगते हैं ।

😏साधू बोला अब समझ आइ कि तौ मैं अकल भी ना है।
अरै सीधै सरिये से बाल्टी भला कैसे निकलेगी ?
सरिये को तनिक टेढ़ा कर, फिर देख कैसे एक बार में बाल्टी निकल आवेगी ।

😊 बिहारी जी मुस्कुराते रहे और बोले - जब सीधापन इस छोटे से कूंए से एक छोटी सी बालटी नहीं निकाल पा रहा, तो तुम्हें इतने बडे भवसागर से कैसे पार लगा सकेगा ?
😊अरे आज का इंसान तो इतने गहरे पापों के भवसागर में डूब चुका है कि इस से निकाल पाना मेरे जैसे टेढ़े के ही बस की है 😊

🙏🙏😊" बोलो टेढ़े वृन्दावन बिहारी लाल की जय "😊🙏🙏*****जय श्री कृष्ण।

Address

Delhi

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jai Shree Laxmi Narayan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share