रुद्रेश्वर महादेव नालापानी Rudreshwar Mahadev Nalapani

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नालापानी स्थित ऐतिहासिक रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में दूर-दराज से लोग शिव के अभिषेक को पहुंचते हैं। गुरु द्रोणाचार्य की तपस्थली और शिक्षा-दीक्षा से यहां का इतिहास जुड़ा हुआ है, जिसका इतिहास हजारों साल पुराना है।

🕉️ ॐ नमः शिवाय 🕉️🙏🏻 सभी श्रद्धालु भक्तजनों को सादर आमंत्रण 🙏🏻श्री रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, नालापानी तपोवन आश्रम, देहरादू...
28/08/2025

🕉️ ॐ नमः शिवाय 🕉️

🙏🏻 सभी श्रद्धालु भक्तजनों को सादर आमंत्रण 🙏🏻

श्री रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, नालापानी तपोवन आश्रम, देहरादून में
शनि देव मूर्ति स्थापना के शुभ अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

📅 शनिवार, 03 अगस्त 2025
🕓 सायं 4:30 बजे – पूजा एवं मूर्ति स्थापना

📅 रविवार, 31 अगस्त 2025
🕤 प्रातः 9:30 बजे – पूजा एवं हवन
🕛 दोपहर 12:00 बजे – भंडारा

आप सभी सपरिवार पधारकर प्रभु चरणों में उपस्थित हों और शनि देव की असीम कृपा तथा प्रसाद का लाभ प्राप्त करें।

🌸🙏🏻
निवेदक :
माई धर्म गिरि जी (अध्यक्ष)
श्री रुद्रेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट

🌸🙏 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🌸आज का दिन उस दिव्य पल की याद दिलाता है जब श्रीकृष्ण ने मथुरा की कारागार ...
16/08/2025

🌸🙏 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🌸

आज का दिन उस दिव्य पल की याद दिलाता है जब श्रीकृष्ण ने मथुरा की कारागार में जन्म लेकर संसार को धर्म, प्रेम और भक्ति का संदेश दिया।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी कठिनाई क्यों न हो, सत्य और धर्म की विजय निश्चित है।

✨ आइए, इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, उनकी बाँसुरी की मधुर धुन और गीता के उपदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करें।
💐
“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत,
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥”

🌼🙏 सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगलमय शुभकामनाएँ 🙏🌼
✨ जय श्री कृष्ण ✨

🚩 हर हर महादेव! 🚩🕉️ शिव चालीसा 🕉️दोहाश्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥चौपाईजय गि...
08/08/2025

🚩 हर हर महादेव! 🚩

🕉️ शिव चालीसा 🕉️
दोहा
श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

चौपाई
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥
भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की हवे दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥
नन्दि गणेश सोहे तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहि जुहारी॥
तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महाँ मारि गिरायउ॥
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥
किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तास पूरी करी॥
दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करै सदा हीं॥
वेद माहि महिमा तुम्हारी। महिमा जासु जात निहारी॥
अखिल लोक में तुम सम बड़भागी। पाप हरन मंगल मुरली॥
भूत पिशाच निकट नहि आवै। महाबल नाम सुनते भागै॥
सदा हियँ हरषि ध्यान जो लावे। जन्ममरण ताके मिटि जावे॥
जोगी सूर मुनि ध्यान लगावे। नारद शारद शीश नवावे॥
नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥
जो यक बार पाठ कर कोई। तनिक कष्ट वियोग न होई॥
अर्थात हरि हरि गुन गावे। भवसागर तरि जाये॥

दोहा
पूजा करै सदा हरि, हर, भक्त रहे लय लाय।
अयोध्यादास प्रभु, देहु भक्ति की आय॥

🚩 हर हर महादेव! 🚩

08/08/2025

🚩 हर हर महादेव! 🚩

12 ज्योतिर्लिंग (संक्षेप में) : ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह अत्यंत पावन और पूजनीय स्वरूप हैं, जिनका उल्लेख प्राचीन हिंदू शास्त्रों, विशेषकर शिव पुराण में मिलता है। "ज्योतिर्लिंग" का अर्थ है – "ज्योति" यानी प्रकाश और "लिंग" यानी भगवान शिव का प्रतीक; अर्थात् वह स्थान जहाँ शिव स्वयं अनंत प्रकाश-स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। इन बारह स्थलों को भारत के विभिन्न भागों में स्थापित माना जाता है और प्रत्येक का अपना अलग इतिहास, कथा और आध्यात्मिक महत्व है। श्रद्धालु मानते हैं कि ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति तथा कल्याण की प्राप्ति होती है। यह केवल मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं, जो उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सम्पूर्ण भारत को शिवभक्ति के सूत्र में पिरोते हैं।

1) सोमनाथ – प्रभास पाटन, गुजरात: महादेव के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम, आक्रमणों के बाद कई बार पुनर्निर्मित।

2) मल्लिकार्जुन – श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश: श्रीशैल पर्वत पर स्थित, पार्वती के “मल्लिका” रूप से जुड़ा।

3) महाकालेश्वर – उज्जैन, मध्य प्रदेश: एकमात्र दक्षिणामुखी शिवलिंग; काल-भैरव परंपरा, भस्म आरती प्रसिद्ध।

4) ओंकारेश्वर – मंडला/मंधाता द्वीप, मध्य प्रदेश: नर्मदा के बीच “ॐ” आकार के द्वीप पर स्थित।

5) केदारनाथ – रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: तीर्थों के शिरोमणि, कठिन हिमालयी धाम, पंच-केदार में प्रमुख।

6) भीमाशंकर – सह्याद्री, महाराष्ट्र (पुणे): भीम नामक असुर-वध की कथा से सम्बद्ध।

7) काशी विश्वनाथ – वाराणसी, उत्तर प्रदेश: मोक्षदायिनी काशी में स्थित, गंगा तट की परंपरा का केंद्र।

8 ) - त्र्यंबकेश्वर – नासिक, महाराष्ट्र: गोदावरी नदी का उद्गम क्षेत्र, त्र्यंबक पर्वत समीप।

9) वैद्यनाथ – देवघर, झारखंड (परंपरागत मान्यता): रावण-उद्धार कथा; कुछ परंपराएं पर्ली वैजनाथ (महाराष्ट्र) को भी मानती हैं।

10) नागेश्वर – द्वारका, गुजरात (लोकप्रिय परंपरा): “नागों के ईश्वर”; कुछ परंपराएं औढा/औंधा नागनाथ (महाराष्ट्र) को मानती हैं।

11) रामेश्वरम् – तमिलनाडु: सेतु-निर्माण की रामकथा से जुड़ा, काशी–रामेश्वरम् समन्वय।

12) घृष्णेश्वर – एलोरा, महाराष्ट्र: अजंता–एलोरा गुफाओं के पास, पारिवारिक/गृहस्थ धर्म पर बल।

महामृत्युंजय मंत्र (ऋग्वेद से)

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

हिंदी अनुवाद:

हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की उपासना करते हैं, जो सुगंध के समान सर्वत्र व्याप्त हैं और भक्तों का पालन-पोषण करते हैं। जैसे पकने पर खरबूजा (उर्वारुक) अपने डंठल से स्वतः अलग हो जाता है, वैसे ही हम मृत्यु के बंधन से मुक्त हों और अमरत्व का अनुभव करें।

🚩 हर हर महादेव! 🚩

06/08/2025

🕉️ श्रद्धांजलि संदेश 🕉️

रुद्रेश्वर महादेव मंदिर समिति, नालापानी की ओर से धराली (हर्षिल), उत्तराखंड में हाल ही में घटित बादल फटने की हृदयविदारक घटना में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि।

यह संकट पूरे उत्तराखंड के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। हम सभी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को धैर्य और शक्ति प्रदान करें।

🙏 मृतात्माओं की शांति के लिए एक शांति मंत्र 🙏

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः

ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

(भावार्थ: ईश्वर हमारी रक्षा करें, हमारा पालन-पोषण करें, हम मिलकर कार्य करें, और आपस में द्वेष न रखें। सम्पूर्ण जगत में शांति बनी रहे।)



हम सभी रुद्रेश्वर महादेव से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और प्रभावित जनों को शीघ्र राहत एवं संबल प्रदान करें।

🙏 ॐ नमः शिवाय 🙏

04/08/2025

🌺 शुभारंभ 🌺
🙏 हर हर महादेव 🙏

“जहाँ शिव हैं, वहाँ सृष्टि है... जहाँ श्रद्धा है, वहाँ शिव हैं।”
आज से शुरू हो रहा है रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, नालापानी (देहरादून) का आधिकारिक Facebook पेज — आप सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है! 🙏

🕉️ यह मंदिर शिव की शक्ति, प्रकृति की शांति और भक्तों की आस्था का प्रतीक है। नालापानी की पहाड़ियों के बीच बसा यह पावन स्थल हर भक्त को आंतरिक शांति और दिव्यता का अनुभव कराता है।

🌿 इस पेज के माध्यम से आपको मिलती रहेंगी:
🔸 मंदिर से जुड़ी ताज़ा जानकारियाँ
🔸 त्यौहार, पूजा और आयोजन की घोषणाएं
🔸 फोटो, वीडियो और आध्यात्मिक संदेश
🔸 और एक सतत शिवभक्त समुदाय का साथ

🚩 आप सभी से अनुरोध है कि पेज को Like करें, Share करें और महादेव के इस दिव्य परिवार से जुड़ें।
चलें एक साथ शिव की भक्ति के इस पवित्र मार्ग पर... 🌼

🔔 ॐ नमः शिवाय 🔔
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