Jaibawalaljidham

Jaibawalaljidham रामपुर धाम वो पवित्र भूमि है जहाँ श्री बावा लाल जी ने तपस्या की और पंच भौतिक शरीर का त्याग किया।

9 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई और एक बहन को उसका सबसे प्यारा भाई मिला🥹♥️
10/06/2026

9 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई और एक बहन को उसका सबसे प्यारा भाई मिला🥹♥️

ध्यानपुर दरबार🌷
09/06/2026

ध्यानपुर दरबार🌷

जब गुरु चेतन दास जी ने पहली बार उस दिव्य बालक को नागदेव की छत्रछाया में शांत निद्रा लेते देखा,तभी उनके हृदय में एक अलौकि...
08/06/2026

जब गुरु चेतन दास जी ने पहली बार उस दिव्य बालक को नागदेव की छत्रछाया में शांत निद्रा लेते देखा,तभी उनके हृदय में एक अलौकिक अनुभूति जाग उठी।
उन्होंने मन ही मन कहा —“यह कोई साधारण बालक नहीं यह ईश्वर की विशेष कृपा का पात्र है।एक दिन यही बालक अपने तप,त्याग और भक्ति से संसार को धर्म और मानवता का मार्ग दिखाएगा।”
समय बीतता गया और गुरु की वह दिव्य दृष्टि सत्य सिद्ध हुई।वही बालक आगे चलकर पूज्य बावालालजी महाराज के रूप में लाखों भक्तों के जीवन का प्रकाश बना🥹♥️

07/06/2026

Datarpur Dham🌷

जम्मू के एक छोटे से गाँव में रहने वाले एक दंपति की शादी को पूरे 10 वर्ष हो चुके थे।उनके पास सब कुछ था—प्यार,सम्मान और पर...
06/06/2026

जम्मू के एक छोटे से गाँव में रहने वाले एक दंपति की शादी को पूरे 10 वर्ष हो चुके थे।उनके पास सब कुछ था—प्यार,सम्मान और परिवार का साथ—लेकिन उनकी गोद सूनी थी।हर दिन एक नई उम्मीद लेकर आता और हर रात उनकी आँखों में अधूरे सपनों के आँसू छोड़ जाता।

कई डॉक्टरों,मंदिरों और दवाइयों का सहारा लेने के बाद भी उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ।समय बीतता गया लेकिन उनका विश्वास कभी नहीं टूटा एक दिन किसी ने उन्हें श्री बावालालजी महाराज के बारे में बताया।दोनों पति-पत्नी श्रद्धा से बावालालजी के चरणों में पहुँचे और हाथ जोड़कर प्रार्थना की—

“हे दयालु महाराज!यदि आपकी कृपा हो जाए तो हमारी सूनी गोद भी भर सकती है।”

बावालालजी ने करुणा भरी दृष्टि से उनकी ओर देखा और आशीर्वाद देते हुए कहा—

विश्वास बनाए रखो,समय आने पर तुम्हारे घर भी खुशियाँ आएँगी

उस दिन के बाद दंपति का विश्वास और भी मजबूत हो गया वे प्रतिदिन बावालालजी का स्मरण करने लगे।आखिरकार वर्षों की प्रतीक्षा के बाद वह शुभ दिन आया जब माँ ने एक सुंदर पुत्र रत्न को जन्म दिया।

जब उन्होंने पहली बार अपने नन्हे बच्चे को गोद में लिया,तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू बहने लगे।उन्हें ऐसा लगा मानो स्वयं बावालालजी का आशीर्वाद उनके घर उतर आया हो।

कुछ दिनों बाद वे अपने नवजात पुत्र को लेकर बावालाल जी के चरणों में पहुँचे।माँ की गोद में बच्चा था,पिता हाथ जोड़कर बैठे थे और दोनों की आँखों में ख़ुशी के आँसू थे।तभी बावालाल जी ने मुस्कुराते हुए बच्चे के सिर पर अपना पवित्र हाथ रखा और आशीर्वाद दिया।

उस क्षण वहाँ उपस्थित सभी लोगों की आँखें नम हो गईं।वर्षों का इंतजार,दर्द और संघर्ष आज आनंद में बदल चुका था।

05/06/2026

दातारपुर धाम🛕

ध्यानपुर धाम🛕
03/06/2026

ध्यानपुर धाम🛕

03/06/2026

आज के दर्शन रामपुर धाम से

Address

Rampur Haler
Dasua
144223

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jaibawalaljidham posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category