04/11/2025
🌕 शान्ति बाबा और कार्तिक पूर्णिमा का पवित्र संबंध:—
शांति बाबा मंदिर,कहलगाँव भागलपुर
📿 शान्ति बाबा का जीवन परिचय (लोकमान्यता के अनुसार):—
शान्ति बाबा कहलगांव क्षेत्र के एक महान संत, तपस्वी और शिवभक्त माने जाते हैं।
उनका जीवन पूर्णतः साधना, भक्ति और लोकसेवा को समर्पित था।
कहा जाता है कि वे गंगा किनारे तपस्या करते थे और सदा लोगों को शान्ति, प्रेम और सदाचार का संदेश देते थे।
🕉️ कार्तिक पूर्णिमा का दिन:—
स्थानीय श्रद्धालु मानते हैं कि शान्ति बाबा ने अपने शरीर का त्याग (महासमाधि)
इसी कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया था।
उस समय गंगा किनारा भक्तों से भरा हुआ था,
और बाबा ने गंगा तट पर ध्यानमग्न अवस्था में देह त्याग कर परमधाम को प्राप्त किया।
🌸 महासमाधि के बाद:—
उसी स्थान पर बाद में शान्ति बाबा मंदिर का निर्माण हुआ।
माना जाता है कि जहाँ उन्होंने देह त्याग किया, वहीं आज भी गंगा का प्रवाह पवित्र और शांत रहता है।
हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालु वहाँ पहुँचते हैं —
बाबा की समाधि पर पुष्प अर्पण करते हैं, दीप जलाते हैं, और गंगा स्नान करते हैं।
★ सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व धार्मिक रूप से अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दिन गंगा स्नान और इच्छित दान से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिवाली भी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता है कि स्वर्ग से उतरकर पृथ्वी पर देवता गण गंगा के घाट पर दीप जलाकर पावन उत्सव मनाते हैं।
इस वर्ष का कार्तिक पूर्णिमा 2025 की सही तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार साल 2025 में कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि मंगलवार, 4 नवंबर को रात 10 बजकर 36 मिनट से आरंभ हो जाएगी। बुधवार, 5 नवंबर को पूर्णिमा तिथि शाम 6 बजकर 48 मिनट तक प्रभावी रहने वाली है। ऐसे में परंपरानुसार उदया तिथि को ही बली मानते हुए कार्तिक पूर्णिमा 2025 बुधवार, 5 नवंबर को ही मनाई जाएगी।
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