Chamatkari Balaji Mandir - Churu

Chamatkari Balaji Mandir - Churu चमत्कारी बालाजी मंदिर की स्थापना चूरू के प्रसिद्ध सेठ
स्वर्गीय श्री माल चंद जी कोठारी ने की थी।

देव दीपावली के उपलक्ष में चमत्कारी बालाजी मंदिर में 501 दीये जलाकर, किया गया पूजा अर्चना |
28/11/2023

देव दीपावली के उपलक्ष में चमत्कारी बालाजी मंदिर में 501 दीये जलाकर, किया गया पूजा अर्चना |

नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है...मां कुष्मांडा को अष्टभुजाओं वाली देवी ...
18/10/2023

नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है...

मां कुष्मांडा को अष्टभुजाओं वाली देवी भी कहा जाता है. मान्यता है कि जो साधक नवरात्रि के चौथे दिन माता रानी की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
साथ ही जातक का बु्द्धि, विवेक और यश बढ़ता है.

मां कुष्मांडा आदिशक्ति का वह स्वरूप है जिनकी मंद मुस्कान से इस सृष्टि ने सांस लेना आरंभ किया था. देवी कूष्मांडा का निवास स्थान सूर्यमंडल के बीच में माना जाता है.

मां कुष्मांडा की पूजा नि:संतान दंपत्तियों के लिए खास है. कहते हैं मां के इस रूप का पूजन करने से नि:संतान दंपत्तियों को संतान की प्राप्ति होती है.

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है...देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का चंद्रघंटा स्वरूप शांत...
17/10/2023

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है...

देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का चंद्रघंटा स्वरूप शांतिदायक और कल्याणकारी है. इसके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र है. इसी के कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है.
मां चंद्रघंटा सिंह की सवारी करती हैं. दस भुजाओं वाली चंद्रघंटा स्वरूप में देवी एक तरफ कमल और कमंडल तो दूसरी ओर शत्रुओं के नाश के लिए त्रिशूल, गदा और खड्ग जैसे अस्त्र भी धारण करती हैं.
मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए ये चीज़ें अर्पित की जाती हैं:

गंगाजल से अभिषेक
अक्षत, लाल चंदन, चुनरी, सफेद और लाल पुष्प

नवरात्रि का दूसरा दिन है मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित...पौराणिक कथा के मुताबिक देवी पार्वती ने जब प्रजापति दक्ष के यहां म...
17/10/2023

नवरात्रि का दूसरा दिन है मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित...

पौराणिक कथा के मुताबिक देवी पार्वती ने जब प्रजापति दक्ष के यहां माता सती के रूप में जन्म लिया था, तब उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या करने का प्रण लिया। उनके इसी तपस्वी रूप को मां ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना जाता है।

नवरात्रि का प्रथम दिन, मां शैलपुत्री की होती है पूजा ...मां शैलपुत्री सौभाग्य की देवी हैं। उनकी पूजा से सभी सुख प्राप्त ...
16/10/2023

नवरात्रि का प्रथम दिन, मां शैलपुत्री की होती है पूजा ...

मां शैलपुत्री सौभाग्य की देवी हैं। उनकी पूजा से सभी सुख प्राप्त होते हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण माता का नाम शैलपुत्री पड़ा। माता शैलपुत्री का जन्म शैल या पत्थर से हुआ, इसलिए इनकी पूजा से जीवन में स्थिरता आती है।

नवरात्री के पहले दिन माताजी की पूजा और आराधना करने पहुंचे भक्तगणों का तांता लगा रहा.आप सब भी मंदिर में पधार कर माताजी का...
16/10/2023

नवरात्री के पहले दिन माताजी की पूजा और आराधना करने पहुंचे भक्तगणों का तांता लगा रहा.
आप सब भी मंदिर में पधार कर माताजी का आशीर्वाद प्राप्त करे.

गणेश चतुर्थी की सभी भक्तों को बधाई। जय गणेशाय नमः
19/09/2023

गणेश चतुर्थी की सभी भक्तों को बधाई। जय गणेशाय नमः

16/09/2023
मंत्र शक्ति, दिल में भक्ति...
06/09/2023

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Churu MarketPlace Sikar Sikar Rajasthan - राजस्थान Rajasthan
05/09/2023

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मंगलवार व्रत कथा का प्रारम्भ
29/08/2023

मंगलवार व्रत कथा का प्रारम्भ

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