30/05/2026
28/5/26,परम श्रद्धेय मुनिश्री आत्मानंदजी तेरापंथ धर्मसंघ ने एक ऐसे तपस्वी, संयमी एवं आत्मसाधना में निरंतर रत महान संत को खो दिया है शुरुवात 94 वर्ष में भी उनकी ऊर्जा, साधनामय जीवनशैली एवं आत्मकल्याण के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत था। आत्मनिर्भरता, सादगी एवं संतोष उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान थी।उनके दर्शन हेतु आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु पर वे स्नेह, करुणा एवं मंगल आशीषों की वर्षा करते थे। उनका शांत, सौम्य एवं विनम्र स्वभाव हर किसी के हृदय को स्पर्श करता था।मेरे लिए उनका जीवन एक जीवंत आध्यात्मिक पाठशाला था।"संत शरीर से विदा होते हैं, किंतु उनके आदर्श, तप और प्रेरणाएँ सदैव जीवित रहती हैं।"
🌸 दीक्षा प्रदाता युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी से सन् 2013 के बीदासर वृहद दीक्षा महोत्सव में दीक्षित शुरुवात 94 वर्षीय पूज्य मुनिश्री आत्मानंदजी का गत रात्रि 28 मई को रात्रि 11:45 बजे शांतिपूर्वक देवलोकगमन हुआ।
✨ तेरापंथ धर्मसंघ के आयु की दृष्टि से सबसे वयोवृद्ध संत पर परमपूज्य गुरुदेव ने महती कृपा की। रात्रि 12:21 बजे मुनिश्री के देवलोकगमन पश्चात उनके पार्थिव देह के समीप पधारकर मंगल पाठ उच्चारित किया।
🙏 विनम्र श्रद्धांजलि एवं भावपूर्ण वंदन🙏