Hindi writer

Hindi writer Translated books of famous writers, short stories of Noble Laureates. 24 books published.

writing in hindi for past two decades on different issues, travelogues, world heritage sites,shortstories, folktales, children;s stories, poetry, health and fitness.

13/02/2021

“It was just a hard day.” That’s what I told my husband. He kept trying to fix things, which is so sweet, but I honestly, couldn’t even think enough to…

किसी भी देश,समाज,मानव की आर्थिक शक्ति की अधिष्ठात्री देवी है-माँ लक्ष्मी। माँ वांछनीय नहीं अपितु पूजनीय होती है। इसीलिए ...
11/11/2020

किसी भी देश,समाज,मानव की आर्थिक शक्ति की अधिष्ठात्री देवी है-माँ लक्ष्मी। माँ वांछनीय नहीं अपितु पूजनीय होती है। इसीलिए भारतीय शास्त्रों,संस्कृति में दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी के पूजन का विधान है। धन-संपत्ति को देवरूप में मानने का अर्थ है-उसमें पवित्रता का समावेश करना। धन एक पवित्र शक्ति है। इसका उपयोग समाज को सद्मार्ग पर चलाते रहने, पिछड़ों को आगे बढ़ाने, दैवी कार्यों को सम्पन्न करने के लिए होता रहे यही है लक्ष्मी पूजन का वास्तविक अर्थ। माँ लक्ष्मी सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था की प्रतीक है। धन के उपयोग में जो सावधानियाँ बरतनी चाहिए वे सब लक्ष्मी पूजन की विधि में वर्णित हैं। वास्तव में धन का दुरुपयोग माँ का प्रत्यक्ष अपमान है। वेदों तथा शास्त्रों में वर्णित हैं माँ लक्षमी से सम्बद्ध कुछ आधारभूत सिद्धान्त-...

किसी भी देश,समाज,मानव की आर्थिक शक्ति की अधिष्ठात्री देवी है-माँ लक्ष्मी। माँ वांछनीय नहीं अपितु पूजनीय होती है। इ...

Photo by Tom Leishman on Pexels.com पाश्चात्य अपसंस्कृति की चकचौंध में यद्यपि कुछ महिलाएं अपने ऊंचे-ऊंचे सपनों को साकार ...
31/10/2020

Photo by Tom Leishman on Pexels.com पाश्चात्य अपसंस्कृति की चकचौंध में यद्यपि कुछ महिलाएं अपने ऊंचे-ऊंचे सपनों को साकार करने के लिए नीची राहों पर चल निकली हैं तथापि वे प्रत्येक रचनात्मक कार्यक्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान भी बना रही हैं। अंतर्विरोधों का सामना करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त कर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। वह देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनी तो अन्तरिक्ष में उड़ान भी भर रही हैं। कारपोरेट जगत में किरण शा मजूमदार,इन्दिरा नूयी की तरह सफलता के परचम लहरा रही हैं। टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा, पी.वी.संधु, साइना नेहवाल से कौन परिचित नहीं , महिला पुलिस अधिकारी व वर्तमान में पुड्डुचेरी की गवर्नर किरण बेदी ने पुलिस प्रशासन को नयी गरिमा प्रदान की है। निर्मला सीतारमण ने देश की प्रथम रक्षा मंत्री के रूप में देश की रक्षा का कार्य वहन किया। अग्निपुत्री टेसी थॉमस मिसाइल्स परीक्षण में जुटी हैं तो वी.ललिताम्बिका अन्तरिक्ष में 'गगनयान' भेजने के लिए कृतसंकल्प हैं। इस युग में महिलाओं का वर्चस्व प्राप्त करना निश्चय ही गौरवपूर्ण है। यह स्पष्ट है कि दृढ़संकल्प कर लेने पर महिला घर और बाहर दोनों का उत्तरदायित्व सफलतापूर्वक निभा सकती है। ऐसा करने में उसमें ईश्वरप्रदत्त स्वाभाविक गुण विद्यमान हैं- [ 315 more words ]

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Photo by Sharon McCutcheon on Pexels.co अमेरिका के एक सभागार में एक वक्ता ने प्रवेश किया। सभागार खचाखच भरा हुआ था। वक्ता...
30/10/2020

Photo by Sharon McCutcheon on Pexels.co अमेरिका के एक सभागार में एक वक्ता ने प्रवेश किया। सभागार खचाखच भरा हुआ था। वक्ता के प्रेरक भाषणों की दूर-दूर तक ख्याति थी। उस दिन वे मानव के जीवन मूल्यों के महत्त्व पर भाषण देने वाले थे। भाषण शुरू करने की बजाय उन्होने अपने हाथ में लिए हुए सौ डॉलर का नोट दिखा कर लोगों से पूछा-" इस नोट को कौन लेना चाहेगा?" … [ 279 more words ]

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रावण के दस सिर -काम, क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, आलस्य, झूठ, अहंकार,मद और चोरी इन दस पापों के सूचक हैं। आओ,हम सब मिल कर आज द...
24/10/2020

रावण के दस सिर -काम, क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, आलस्य, झूठ, अहंकार,मद और चोरी इन दस पापों के सूचक हैं। आओ,हम सब मिल कर आज दशहरे के दिन इन पापों,बुराइयों को रावण के पुतले के साथ अग्नि में स्वाह करने का प्रयास करें। समस्त भारत वासियों को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

रावण के दस सिर -काम, क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, आलस्य, झूठ, अहंकार,मद और चोरी इन दस पापों के सूचक हैं। आओ,हम सब मिल कर आज दशहर....

फिलिस्तीन में दो सागर हैं। एक ताज़ा है, उसमें मछलियाँ रहती हैं। तट पर हरियाली छायी हुई है। पेड़ों की शाखाएँ उस पर फैली हैं...
23/10/2020

फिलिस्तीन में दो सागर हैं। एक ताज़ा है, उसमें मछलियाँ रहती हैं। तट पर हरियाली छायी हुई है। पेड़ों की शाखाएँ उस पर फैली हैं और अपनी प्यासी जड़ों की प्यास को वे सागर के अमृतमय जल से बुझाती हैं। जोर्डान नदी पर्वतों से आकर इस सागर में मिलती है। यहाँ पर आनंद है और सूर्य का प्रकाश है। मनुष्य इसके पास आ कर घर बनाते हैं, पक्षी पेड़ों पर अपने घोंसले। उनके वहाँ होने के कारण प्रकृति का कण-कण आनंदमग्न रहता है। [ 203 more words ]

फिलिस्तीन में दो सागर हैं। एक ताज़ा है, उसमें मछलियाँ रहती हैं। तट पर हरियाली छायी हुई है। पेड़ों की शाखाएँ उस पर फैली...

एक बार एक नवयुवक ने ज़ेन आचार्य से कहा -" गुरुजी, अपने जीवन से बहुत दुःखी हूँ। कृपया इस से मुक्त होने का कोई उपाय बताइये।...
22/10/2020

एक बार एक नवयुवक ने ज़ेन आचार्य से कहा -" गुरुजी, अपने जीवन से बहुत दुःखी हूँ। कृपया इस से मुक्त होने का कोई उपाय बताइये।" यह सुनकर आचार्य जी चुप रहे। युवक ने अपनी बात दोहरायी। इस पर आचार्य जी ने युवक को गिलास में पानी भर कर लाने के लिए कहा। युवक ने वैसा ही किया। यह देख कर आचार्य जी ने पानी में एक मुट्ठी नमक डाल कर पीने के लिए कहा। युवक ने आचार्य जी की बात मान कर पानी पी लिया। … [ 208 more words ]

एक बार एक नवयुवक ने ज़ेन आचार्य से कहा -” गुरुजी, अपने जीवन से बहुत दुःखी हूँ। कृपया इस से मुक्त होने का कोई उपाय बताइय...

माँ! नहीं दिया जन्म तूने मुझ को, फिर भी इतना प्यार दिया। खोज रही हूँ आज जीवन के इस मोड़ पर वह अनजान चेहरा जिसने मुझे जन्म...
20/10/2020

माँ! नहीं दिया जन्म तूने मुझ को, फिर भी इतना प्यार दिया। खोज रही हूँ आज जीवन के इस मोड़ पर वह अनजान चेहरा जिसने मुझे जन्म देकर दुनिया की भीड़ में अकेला छोड़ दिया। क्यों?कैसे? कब हुआ यह सब? मिला नहीं ज़वाब अब तक। माँ! मत तुम यह समझना, नहीं है मुझे तुम से प्यार। तुम ही तो हो वह … [ 82 more words ]

माँ! नहीं दिया जन्म तूने मुझ को, फिर भी इतना प्यार दिया। खोज रही हूँ आज जीवन के इस मोड़ पर वह अनजान चेहरा जिसने मुझे जन.....

एक नन्ही सी कली ,थी फूल बनने को उतावली, बाट जोहती थी माली की,आए और सहलाए उसे प्यार से। माली! वह तो लगा था फलों को बटोरने...
17/10/2020

एक नन्ही सी कली ,थी फूल बनने को उतावली, बाट जोहती थी माली की,आए और सहलाए उसे प्यार से। माली! वह तो लगा था फलों को बटोरने में, उसको भला इतनी फुरसत कहाँ? जो देखे कली को और सहलाए प्यार से। उसको केवल इतना था पता,उसका काम है खाद डालना, समय-समय पर पानी का छिड़काव कर देना। कली की देखभाल के लिए वह अपना और काम तो … [ 85 more words ]

एक नन्ही सी कली ,थी फूल बनने को उतावली, बाट जोहती थी माली की,आए और सहलाए उसे प्यार से। माली! वह तो लगा था फलों को बटोरने...

वर्ष 2020 के नोबल शांति पुरस्कार के लिए संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम को विजेता घोषित किया गया है। यह संगठन स...
11/10/2020

वर्ष 2020 के नोबल शांति पुरस्कार के लिए संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम को विजेता घोषित किया गया है। यह संगठन सम्पूर्ण विश्व में अत्यधिक खतरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता उपलब्ध करवाता है। नोबल पुरस्कार समिति की अध्यक्ष बैरिट रीस-एंडरसन ने कहा कि यू एन खाद्य एजेंसी (WFP) को, भुखमरी का सामना करने, संघर्ष प्रभावित इलाकों में शांति के लिए बेहतर हालात बनाने और युद्धों व संघर्षों में भूखमरी को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने से रोकने के उसके प्रयासों को पहचान व मान्यता प्रदान करने के लिए शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है। … [ 466 more words ]

वर्ष 2020 के नोबल शांति पुरस्कार के लिए संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम को विजेता घोषित किया गया है। यह संग.....

वस्तुतः प्रत्येक प्राणी में प्रकृति पदत्त कुछ सहज मनोवृत्तियाँ विद्यमान रहती हैं। इन मनोवृत्तियों को संयमित,परिष्कृत करन...
09/10/2020

वस्तुतः प्रत्येक प्राणी में प्रकृति पदत्त कुछ सहज मनोवृत्तियाँ विद्यमान रहती हैं। इन मनोवृत्तियों को संयमित,परिष्कृत करने पर व्यक्तित्व उत्कृष्ट बनता है। मानवीय वृत्तियों, संवेदनाओं को परिष्कृत व संयमित कर समय अथवा परिस्थिति के अनुरूप प्रयुक्त करने से न केवल व्यक्ति का स्वयं का आत्मगौरव बढ़ता है अपितु परिवार,समाज, देश भी प्रगति करता है। हँसना- हँसना-रोना, दुःखी होना, उदार होना, क्रोध करना आदि मनोवृत्तियाँ व्यक्ति में जन्म से ही विद्यमान रहती हैं। यह सच है कि हँसना, प्रसन्न रहना शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक ही नहीं आवश्यक भी है लेकिन समय, परिस्थिति के विपरीत हंसने पर सामने वाले का हृदय आक्रोश से भर जाता है, सम्बन्धों में कड़वाहट उत्पन्न हो जाती है।परिजनों, मित्रों, सहयोगियों अथवा किसी अन्य व्यक्ति को दुःखी देख कर उसकी विपत्ति पर हँसना संवेदनहीनता तथा भावशून्यता कहलाएगी। किसी की गलती, दयनीय स्थिति पर व्यंग्य के रूप में हँसना सर्वथा अनुचित है। महाभारत के विनाशकारी युद्ध के मूल कारण में झांकना अनुचित नहीं होगा। भ्रमवश जल को थल समझ कर दुर्योधन के गिर पड़ने पर द्रौपदी का हंस कर उसको 'अंधा' कह देने पर ही इतिहास के सर्वाधिक विनाशकारी युद्ध महाभारत का बीजारोपण हो गया था। यही नहीं किसी के स्वाभिमान को आहत करने वाली हंसी भी सदैव संकट का कारण बनती है। … [ 384 more words ]

वस्तुतः प्रत्येक प्राणी में प्रकृति पदत्त कुछ सहज मनोवृत्तियाँ विद्यमान रहती हैं। इन मनोवृत्तियों को संयमित,पर.....

'माँ' शब्द में छिपा है ममता का अथाह सागर। भारतीय संस्कृति में 'माँ' नित्य पूजनीय ,नित्य वंदनीय है। पाश्चात्य भौतिकतावाद ...
07/10/2020

'माँ' शब्द में छिपा है ममता का अथाह सागर। भारतीय संस्कृति में 'माँ' नित्य पूजनीय ,नित्य वंदनीय है। पाश्चात्य भौतिकतावाद की चकाचौंध में माँ की गरिमा धूमिल पड़ने लगी है। एक ओर स्वतंत्र अस्तित्व की इच्छुक भारतीय नारी अपने माँ के कर्तव्यों के प्रति उदासीन हो रही है तो दूसरी ओर बच्चे भी शीघ्रताशीघ्र भौतिक सुख-सुविधाओं का अंबार जुटाने में गलत दिशा में भटक रहे हैं। आधुनिक माँ अपने बच्चों को हर प्रकार की सुख-सुविधा जुटाने के लिए प्रयत्नशील है लेकिन अपना समय दे पाने में वह असमर्थ है। … [ 323 more words ]

‘माँ’ शब्द में छिपा है ममता का अथाह सागर। भारतीय संस्कृति में ‘माँ’ नित्य पूजनीय ,नित्य वंदनीय है। पाश्चात्य भौति....

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