अर्जुन सिंह उरियाल

अर्जुन सिंह उरियाल � धर्मो रक्षति रक्षितः �� यतो धर्मस्त?

10/04/2023

अपनी मृत्यु और अपनों की मृत्यु डरावनी लगती है!
बाकी तो मौत को enjoy ही करता है इंसान ...

मौत के स्वाद का
चटखारे लेता मनुष्य ...

थोड़ा कड़वा लिखा है पर मन का लिखा है,
मौत से प्यार नहीं , मौत तो हमारा स्वाद है,

बकरे का,
गाय का,
भेंस का,
ऊँट का,
सुअर,
हिरण का,
तीतर का,
मुर्गे का,
हलाल का,
बिना हलाल का,
ताजा बकरे का,
भुना हुआ,
छोटी मछली,
बड़ी मछली,
हल्की आंच पर सिका हुआ।
न जाने कितने बल्कि अनगिनत स्वाद हैं मौत के।
क्योंकि मौत किसी और की, और स्वाद हमारा....

स्वाद से कारोबार बन गई मौत।
मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन, पोल्ट्री फार्म्स।
नाम "पालन" और मक़सद "हत्या"❗

स्लाटर हाउस तक खोल दिये। वो भी ऑफिशियल।

गली गली में खुले नान वेज रेस्टॉरेंट, मौत का कारोबार नहीं तो और क्या हैं ? मौत से प्यार और उसका कारोबार इसलिए क्योंकि मौत हमारी नही है।

जो हमारी तरह बोल नही सकते,
अभिव्यक्त नही कर सकते, अपनी सुरक्षा स्वयं करने में समर्थ नहीं हैं,
उनकी असहायता को हमने अपना बल कैसे मान लिया ?
कैसे मान लिया कि उनमें भावनाएं नहीं होतीं ?
या उनकी आहें नहीं निकलतीं ?

डाइनिंग टेबल पर हड्डियां नोचते बाप बच्चों को सीख देते है, बेटा कभी किसी का दिल नही दुखाना !
किसी की आहें मत लेना !
किसी की आंख में तुम्हारी वजह से आंसू नहीं आना चाहिए !

बच्चों में झुठे संस्कार डालते बाप को, अपने हाथ मे वो हडडी दिखाई नही देती, जो इससे पहले एक शरीर थी, जिसके अंदर इससे पहले एक आत्मा थी, उसकी भी एक मां थी ...??
जिसे काटा गया होगा ?
जो कराहा होगा ?
जो तड़पा होगा ?
जिसकी आहें निकली होंगी ?
जिसने बद्दुआ भी दी होगी ?

कैसे मान लिया कि जब जब धरती पर अत्याचार बढ़ेंगे तो
भगवान सिर्फ तुम इंसानों की रक्षा के लिए अवतार लेंगे ..❓

क्या मूक जानवर उस परमपिता परमेश्वर की संतान नहीं हैं .❓
क्या उस ईश्वर को उनकी रक्षा की चिंता नहीं है ..❓
धर्म की आड़ में उस परमपिता के नाम पर अपने स्वाद के लिए कभी ईद पर बकरे काटते हो, कभी दुर्गा मां या भैरव बाबा के सामने बकरे की बली चढ़ाते हो।
कहीं तुम अपने स्वाद के लिए मछली का भोग लगाते हो।

कभी सोचा ...??
क्या ईश्वर का स्वाद होता है ? ....क्या है उनका भोजन ?

किसे ठग रहे हो ?
भगवान को ?
वाहेगुरु को ?

मंगलवार को नानवेज नही खाता ...!
आज शनिवार है इसलिए नहीं ...!

नवरात्रि में तो सवाल ही नही उठता ....!

झूठ पर झूठ...
झूठ पर झूठ
झूठ पर झूठ ..

हमारे बच्चों को अगर कोई ऐसे खाए तो हमें कैसा लगेगा ??

कर्म का फल मिल कर रहता है ये याद रखना ।

ईश्वर ने बुद्धि सिर्फ तुम्हे दी!
ताकि तमाम योनियों में भटकने के बाद मानव योनि में तुम जन्म मृत्यु के चक्र से निकलने का रास्ता ढूँढ सको!
लेकिन तुमने इस मानव योनि को पाते ही स्वयं को भगवान समझ लिया!

प्रकृति के साथ रहो।
प्रकृति के होकर रहो।

जब इस तरह के छायाचित्र दिखते हैं तो उन करोड़ों बच्चियों को लगता है कि वो भी अनंत नभ की सीमाओं तक पहुँच सकती हैंराष्ट्रपत...
08/04/2023

जब इस तरह के छायाचित्र दिखते हैं तो उन करोड़ों बच्चियों को लगता है कि वो भी अनंत नभ की सीमाओं तक पहुँच सकती हैं

राष्ट्रपति मुर्मु जी एक बार में कई समूहों को प्रेरणा देती हैं

नमन है इन्हें

श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के भूतल के खम्बों के ऊपर बीम रखने का कार्य प्रारम्भ हो गया हैकुछ बीम रख भी दिये गये हैं
06/04/2023

श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के भूतल के खम्बों के ऊपर बीम रखने का कार्य प्रारम्भ हो गया है

कुछ बीम रख भी दिये गये हैं

श्री राम जन्मभूमि स्थित अस्थायी मंदिर तथा निर्माणाधीन मंदिर स्थल पर आज श्री राम नवमी के शुभ अवसर पर भव्य साज-सज्जा की गई...
30/03/2023

श्री राम जन्मभूमि स्थित अस्थायी मंदिर तथा निर्माणाधीन मंदिर स्थल पर आज श्री राम नवमी के शुभ अवसर पर भव्य साज-सज्जा की गई है

सभी सनातनियों को श्री राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं

जय माता आदि शक्ति 🙏🏻🚩

24/03/2023

*आत्मबोध* 🕉️🚩

*हिंदुओं की नौकरी की अंधी भूख...* 😤👉🏽

*🧐नौकरी के लिए तुम सिकंदर की सेना में भर्ती होकर चाणक्य के विरुद्ध लड़े...*

*🧐खिलजी की सेना में भर्ती होकर गुरुकुल तोड़े...*

*🧐अकबर की सेना में भर्ती होकर हेमचंद्र विक्रमादित्य के विरुद्ध लड़े...*

*🧐तो कभी महाराणा प्रताप छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविन्द सिंह के विरुद्ध लडे...*

*🧐नौकरी के बदले तुमने औरंगजेब की सेना में भर्ती होकर कृष्ण जन्मभूमि तोड़ी... काशी विश्वनाथ तोड़ा...*

*🧐तुमने अंग्रेज़ो की नौकरी की और रानी लक्ष्मीबाई, तात्याटोपे, कुँवरसिंह, नानासाहेब की मुखबिरी की... तुमने आजाद हिंद फौज पर गोलियां बरसाई... तुमने नौकरी के लिए जालीयनवाला बाग जैसा भयानक खुनी खेल आजादी के दिवानो के साथ खेला...*

*🔊तुम में अब सनातनी हिंदू बचा ही नहीं है... राम-कृष्ण के सिद्धान्तों वाले तुम रहे ही नहीं...*

*😤मैं तुम जैसा नहीं जो नौकरी के लिए, रोजगार के लिए, सस्ते टमाटर प्याज के लिए, मुफ्त बिजली पानी के लिए धर्म भूल जाऊं व सनातन व राष्टृविरोधीयो का साथ देकर धर्म विरोधी व राष्ट्रद़ोही बनु*

*"मैं उनमें से हूं" जिन्होंने महीनों भूखे रहकर भी क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित रखी...*
*मेरी भूख देश की सुरक्षा की है।*
*मेरी भूख देश के आत्मसम्मान की है।*
*मेरी भूख देश के विकास की है।*
*मेरी भूख राम मंदिर की है।*
*मेरी भूख कृष्णजन्मभूमि की है।*
*मेरी भूख काशी विश्वनाथ की है।*
*मेरी भूख कश्मिर वापसी की है।*
*मेरी भूख सनातन राष्ट्र की है।*

*मै समोसे, पकोड़े तलकर भी, सब्जी फल बेचकर गुजारा कर लूंगा।* 👉🏽

पर उन्हें वोट नही दूंगा जिन्होंने मंदिरों से घंटे उतारे, होली बंद करवाई, कार सेवको पर गोलियां चलवाई, सिखों व हिंदूओ के बीच दंगा करवाया, जो हिंदू विरोधी बिल लाना चाहते थे। 🙄😖

मैं संघर्षपूर्ण जीवन जी लूंगा, पर अपने धर्म व भारत माता के स्वाभिमान से समझौता नहीं करूंगा, और उसके साथ सौतेला व्यवहार करने वालों को कभी माफ नहीं करूंगा। मेरा धर्म मुझे धर्म व राष्ट्र के लिए कर्तव्य निभाने व प्राणों का बलिदान देने की शिक्षा देता है।

अगर मेरा परिवार, समाज, धर्म व राष्ट्र की रक्षा के लिए प्राण देकर मेरे शरीर का चोला बदलना पड़े तो मै यह करने के लिए भी उत्साहित हूं

*🚩जय जय श्री राम 🚩*
*🚩सनातन हिन्दू धर्म की जय🚩*

🔰🔊🔊🔊🔊🔊🔊🔊🔊*जाने-अनजाने हम  #हिन्दू स्वयं ही* *अपनी  #परम्पराओं को  #अन्धविश्वास घोषित कर देते हैं और, उसका पालन करना अपनी...
14/03/2023

🔰🔊🔊🔊🔊🔊🔊🔊🔊
*जाने-अनजाने हम #हिन्दू स्वयं ही* *अपनी #परम्पराओं को #अन्धविश्वास घोषित कर देते हैं और, उसका पालन करना अपनी आधुनिक शिक्षा के खिलाफ समझते हैं।*

🟡 *जबकि, सत्य ये है कि हम हिन्दुओं के अधिकतर परंपराओं और रीति-रिवाजों के पीछे एक सुनिश्वित एवं ठोस वैज्ञानिक कारण होता है।*

*और इसीलिए आज भी हम घर के बड़े और बुजुर्गों को यह कहते हुए सुनते हैं कि मंगलवार, गुरूवार और शनिवार के दिन #बाल और #नाखून भूल कर भी नहीं काटने चाहिए।*

*वास्तव में जब हम #अंतरिक्ष_विज्ञान और #ज्योतिष की प्राचीन और प्रामाणिक पुस्तकों का अध्ययन करते हैं तो हमें इन प्रश्रों का बड़ा ही स्पष्ट वैज्ञानिक समाधान प्राप्त होता है।*

*होता यह कि मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन ग्रह-नक्षत्रों की दशाएं तथा अंनत ब्रह्माण्ड में से आने वाली* *अनेकानेक #सूक्ष्मातिसूक्ष्म_किरणें (कॉस्मिक रेज़) मानवीय शरीर एवं मस्तिष्क पर अत्यंत संवेदनशील प्रभाव डालती हैं।*

*और अब वैज्ञानिक विश्लेषणों से यह भी स्पष्ट है कि मानव शरीर में उंगलियों के अग्र भाग तथा सिर अत्यंत संवेदनशील होते हैं तथा, कठोर नाखूनों और बालों से इनकी सुरक्षा होती है।*

*इसीलिये ऐसे प्रतिकूल समय में इनका काटना शास्त्रों के अनुसार वर्जित, निंदनीय और अधार्मिक कार्य माना गया है।*

*यह बहुत सामान्य सी बात है किहर किसी का मानसिक स्तर एक समान नहीं होता है ना ही हर किसी को एक-एक कर हर बात की वैज्ञानिकता समझाना संभव हो पाता है।*

*इसीलिए हमारे ऋषि-मुनियों ने गूढ़ से गूढ़ बातों को भी हमारी परम्परों और रीति-रिवाजों का भाग बना दिया ताकि, हम जन्म-जन्मांतर तक अपने पूर्वजों के ज्ञान-विज्ञान से लाभान्वित होते रहें।*🙏🏼🚩

05/03/2023

हो सकता है अगले दो तीन दिन आप कहीं रास्ते में जा रहे हों और अचानक से सनसनाता हुआ पानी या रंग की धार आप पर आकर गिरे

तो गुस्सा न हों, न उन बच्चों को डांटे बल्कि खुद को भाग्यशाली समझें कि आपको उन नादान हाथों ने चुना है, जो हमारी संस्कृति को जिन्दा रखे हुए हैं, जो उत्सव को जिन्दा रखे हुए हैं

ऐसे कम ही नासमझ मिलेंगे

वैसे भी सारे समझदार बच्चे विडियो गेम, डोरेमोन और एंड्रॉइड के अंदर घुसे होंगे

तो कृपया इन्हें हतोत्साहित न करें

बल्कि यदि आप उन्हें छुपा देख लें तो जानबूझ कर वही से निकलें

आपकी शर्ट ज़रूर ख़राब हो सकती है, पर जब उनकी इस शरारत का जबाब आप मुस्कुराहट से देंगे तो उनकी खुशी आपको खुशी ही लौटाएगी और...

होली ज़िन्दा रहेगी...
रंग ज़िन्दा रहेंगे...
उत्सव ज़िन्दा रहेगा...
बचपन ज़िन्दा रहेगा...

कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीड होजो लड़ सका है वो ही तो महान है ❤️
25/02/2023

कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीड हो
जो लड़ सका है वो ही तो महान है ❤️

*🕉️भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों ?*♦️शिवजी की आधी परिक्रमा करने का विधान है। वह इसलिए की शिव के सोमसूत्र को लांघा नही...
10/02/2023

*🕉️भगवान शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों ?*

♦️शिवजी की आधी परिक्रमा करने का विधान है। वह इसलिए की शिव के सोमसूत्र को लांघा नहीं जाता है। जब व्यक्ति आधी परिक्रमा करता है तो उसे चंद्राकार परिक्रमा कहते हैं। शिवलिंग को ज्योति माना गया है और उसके आसपास के क्षेत्र को चंद्र। आपने आसमान में अर्ध चंद्र के ऊपर एक शुक्र तारा देखा होगा। यह शिवलिंग उसका ही प्रतीक नहीं है बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड ज्योतिर्लिंग के ही समान है।

_''अर्द्ध सोमसूत्रांतमित्यर्थ: शिव प्रदक्षिणीकुर्वन सोमसूत्र न लंघयेत।।_
_इति वाचनान्तरात।''_

*🕉️सोमसूत्र :*
शिवलिंग की निर्मली को सोमसूत्र की कहा जाता है। शास्त्र का आदेश है कि शंकर भगवान की प्रदक्षिणा में सोमसूत्र का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, अन्यथा दोष लगता है। सोमसूत्र की व्याख्या करते हुए बताया गया है कि भगवान को चढ़ाया गया जल जिस ओर से गिरता है, वहीं सोमसूत्र का स्थान होता है।

*🕉️क्यों नहीं लांघते सोमसूत्र :*
सोमसूत्र में शक्ति-स्रोत होता है अत: उसे लांघते समय पैर फैलाते हैं और वीर्य ‍निर्मित और 5 अन्तस्थ वायु के प्रवाह पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे देवदत्त और धनंजय वायु के प्रवाह में रुकावट पैदा हो जाती है। जिससे शरीर और मन पर बुरा असर पड़ता है। अत: शिव की अर्ध चंद्राकार प्रदशिक्षा ही करने का शास्त्र का आदेश है।

_‘शिवस्यार्ध प्रदक्षिणा’ का अर्थ शिव की आधी ही प्रदक्षिणा करनी चाहिए।_

*🕉️किस ओर से करनी चाहिये परिक्रमा :*
भगवान शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बांई ओर से शुरू कर जलाधारी के आगे निकले हुए भाग यानी जल स्रोत तक जाकर फिर विपरीत दिशा में लौटकर दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा पूरी करें।

*🕉️हर हर महादेव🚩*

10/02/2023

सनातन ही सत्य है 🚩

https://youtu.be/Jk9xKje60hY ☝️🙏
05/02/2023

https://youtu.be/Jk9xKje60hY ☝️🙏

*इतिहासबोध🕉️🚩**चमार कोई नीच जाति नहीँ, बल्कि सनातन धर्म के रक्षक चंवर वंशीय क्षत्रिय हैं, साथ में भेजी गई वीडियो अव....

30/01/2023

चमत्कारों की भूमि है भारत

यहाँ कंकड़ कंकड़ शंकर है और कण कण में देवी देवताओं का वास है

आखिरकार माँ धारी देवी जी अपने मूल स्थान के ठीक ऊपर बने नए मंदिर में विराजमान हो गयी

मां धारी देवी जी को चार धाम यात्रा की रक्षक माना जाता है

ऐसा कहा जाता है कि 2013 में जब धारी देवी को उनके मूल स्थान से हटा दिया गया था उसी के बाद केदारनाथ की भीषण आपदा आयी थी

आज माँ धारीदेवी मूर्ति स्थापना होने पर माँ धारीदेवी रो पड़ी

जय माँ धारीदेवी

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