11/09/2026
बहूनि सन्ति तीर्थानि, दिवि भूमौ रसासु च। बदरी सदृशं तीर्थ, न भूतं न भविष्यति।।" ✨अर्थात: स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल में कई तीर्थ हैं, लेकिन बद्रीनाथ जैसा पवित्र धाम न कभी था और न कभी होगा! 🙏हिमालय की गोद में, अलकनंदा नदी के पावन तट पर स्थित 'धरती का वैकुंठ' श्री बद्रीनाथ धाम। जहाँ स्वयं नारायण योग मुद्रा में विराजमान हैं। इसी धाम के पास स्थित है 'चरण पादुका' शिला, जहाँ भगवान विष्णु ने धरती पर अपना पहला कदम रखा था। 🔱बोलो जय बद्री विशाल! 🚩 इस पावन दर्शन को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें।