19/04/2026
मणिमहेश यात्रा की उलटी गिनती शुरू: 120 दिन शेष,
पर क्या शिव की डगर अभी भी अधूरी है?
भरमौर का स्वाभिमान और आस्था की पुकार: अब नहीं तो कब?
मणिमहेश की पावन यात्रा शुरू होने में अब मात्र चार माह (120 दिन) का समय बचा है। एक ओर शिव भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए झोली फैलाए बैठे हैं, तो दूसरी ओर जनजातीय क्षेत्र भरमौर की जनता और व्यापारी वर्ग इस चिंता में डूबा है कि क्या इस बार भी उन्हें बदहाल सड़कों और लचर व्यवस्था के साए में यह यात्रा काटनी होगी?
NH की खस्ता हालत: विकास या विनाश की राह?
भरमौर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे (NH) आज किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। खस्ताहाल सड़कें न केवल यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की कमर भी तोड़ रही हैं। जब रास्ता ही सुरक्षित नहीं होगा, तो दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु और मालवाहक वाहन यहाँ पहुँचने से कतराएंगे। स्थानीय निवासियों के लिए यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि उनके जीवन का आधार है—अस्पताल जाना हो या राशन लाना, हर सांस इस जर्जर सड़क से होकर गुजरती है।
हेली टैक्सी और मल्टी-पॉइंटिंग व्यवस्था: पारदर्शिता की मांग
यात्रा को सुगम बनाने के लिए हेली टैक्सी सेवा का सुचारू होना अनिवार्य है। 'मल्टी-पॉइंटिंग' व्यवस्था को लेकर जनता में भारी रोष है। प्रशासन को चाहिए कि वह अगले 120 दिनों के भीतर इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और दुरुस्त करे, ताकि टिकटों की कालाबाजारी रुके और आम यात्री को इसका लाभ मिल सके। स्थानीय युवाओं के रोजगार और व्यापारियों के हित सीधे तौर पर इस व्यवस्था से जुड़े हैं।
आस्था और सम्मान का प्रश्न
मणिमहेश यात्रा केवल एक सरकारी आयोजन नहीं है, यह करोड़ों लोगों की धार्मिक अगाध श्रद्धा का केंद्र है। क्या हम महादेव के अतिथियों का स्वागत टूटी सड़कों और अव्यवस्थाओं से करेंगे? यह भरमौर की गरिमा का प्रश्न है। स्थानीय लोगों का रोजगार और व्यापारियों का भविष्य दांव पर है।"चार महीने का समय और चुनौतियों का पहाड़—प्रशासन की चुप्पी अब जनता को अखर रही है। शिव की भूमि पर शिव भक्तों का मार्ग सुलभ करना पुण्य भी है और कर्तव्य भी।"
हमारी पुरजोर मांग:
1. युद्ध स्तर पर NH का सुधारीकरण: मानसून से पहले सड़क की स्थिति को ठीक किया जाए।
2. पारदर्शी हेली सेवा: मल्टी-पॉइंटिंग व्यवस्था को स्थानीय हितों को ध्यान में रखकर सरल बनाया जाए।
3. स्थानीय रोजगार की सुरक्षा: यात्रा के दौरान स्थानीय व्यापारियों और टैक्सी ऑपरेटरों को प्राथमिकता मिले।
चलो एकजुट होकर आवाज उठाएं, ताकि मणिमहेश की यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके!
जय मनीमहेश