01/03/2025
भक्तों भजन करो गाढ़ा।
ना गर्मी लगे ना जाड़ा।।
नित ही करो सूर्य प्रणाम।
तन मन को मिले आराम।।
निज सांसों पर दो ध्यान।
यूं करो निद्रा का आह्वान।।
सब भूलो जग की बातें।
लखो आती जाती सांसें।।
कम खाना और गम खाना।
तन मन बुद्धि बढ़े खजाना।।
मोह को त्यागो क्रोध को मारो।
बस नेकी करो कुआं में डारो।।
अपना ध्यान धरो मन माहीं।
आत्म तत्व में ब्रह्मांड समाही।।
प्रकाशानंद