25/09/2025
लद्दाख_की_डेमोग्राफी
लद्दाख में असल समस्या है 46% मुस्लिम जनसंख्या जिसके कारण सरकार छठी अनुसूची का वादा करने के बावजूद परहेज कर रही है।
और यह आंकड़े तो 2011 के हैं जबकि आज वास्तविकता में बौद्ध और मुस्लिमों का प्रतिशत और अधिक गिर चुका है क्योंकि 'लव जेहाद' के कारण लद्दाख में बौद्ध बुरी तरह अल्पमत में आ चुके हैं।
सोनम वांगचुक एक बिका हुआ दलाल है जो भोले लद्दाखी बौद्धों को उनके रक्षक मोदी व भाजपा के खिलाफ भड़का रहा है, जिन्होंने 2019 में उन्हें इस्लामिक भेड़ियों के इस्लामिक विस्तारवाद से बचाया था।
सोनम वांगचुक जिसने मुख्यमंत्री पद के लालच में इटालियन खून के विदेशी नेता और देशद्रोहियों से हाथ मिला लिया है, वही इन ब्रेकिंग इंडिया फोर्सेज का प्यादा बना हुआ है।
यानि बन्दूक मुस्लिमों और राहुल गांधी की है लेकिन कंधा वांगचुक का है कि आग और फैले तो फिर मुस्लिम भी शामिल हो जाएंगे।
लेकिन विश्वास रखिये, इसने और कांग्रेस के स्थानीय नेता और भारत में चीन के एजेंट राहुल के नजदीकियों की संलिप्तता के प्रमाण मिल चुके हैं और जल्दी ही इनका इलाज होगा।
इस बीच, स्वयं को राष्ट्रवादी कहने वाले अतिउत्साही (मूर्ख) कार्यकर्ताओं से निवेदन है कि लद्दाखी बौद्धों के विरुद्ध उल्टा-सीधा बोलने से बचें।
वे भोले लोग हैं जो चीन के एजेंट राहुल गांधी के पपेट वांगचुक की महत्वकांक्षा के जाल में फंस गये हैं, ठीक वैसे ही जैसे आप लोग चुनावों के समय जातिवाद के जाल में फंस जाते हो। कांग्रेसी गिरोह और उनके पेड एजेंट आपकी इसी मूर्खता को उछालकर लद्दाखियों को और भड़का रहे हैं।
कांग्रेसी तो हैं ही देशद्रोही, लेकिन आप उनके जाल में क्यों फंस रहे हैं?
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