Koitoorgond

Koitoorgond Indigenous people, scheduled tribes and koitoor Gond community from all religions, religious, cultur

13/10/2023

सेबाजोहार 🙏

04/10/2022

#राबेन🔥
🔥
#रावण 🔥
🙏जवाब इक सवाल हजारों खड़े किए गए हैं _?

🙏रावण के वंशजों का डीएनए 3 लाख से लेकर 70 हजार साल पुराना है _🧐

🙏भारत के आदिवासी समुदाय, चाहे वे उत्तर, दक्षिण, पश्चिम या पूरब के हों, सभी का पैतृक जीन O और मातृक जीन M है. 🧐

🙏 ये दोनों जीन पूरी तरह से भारतीय उपमहाद्वीप की पैदाइश हैं.
🙏🧐भारत के आदिवासियों में पाए जाने वाले इन दोनों जीनों की उम्र पुरातत्व वैज्ञानिकों के अनुसार लगभग 3 लाख साल और जीनोम वैज्ञानिकों के अनुसार कम से कम 70 हजार साल पुरानी है.
🧐🙏 यानी इनका आउट ऑफ अफ्रीका थ्योरी से कोई लेना देना नहीं है.

🧐जबकि आर्यों का मूल पैतृक जीन R है जो बाहर से आया है.
😍🧐🙏अब रावण, मेघनाद और महिषासुर को जो समुदाय पूर्वज मान कर उनकी पूजा करते हैं, उन सबका जीन तो 3 लाख से 70 हजार साल पुराना है फिर 5 हजार साल पहले आया कोई आर्य ब्राह्मण कैसे रावण का पिता हो जाएगा?

🧐 रावणवंशी DNA तो आर्यों में है ही नहीं!
#सेबाजोहार 🙏

फोटो: नई रामायण के नये रावण की. 2023 में आने वाली फिल्म ‘आदिपुरुष’ में सैफ अली रावण बनाए गए हैं. समझिए रामकथा क्यों और कैसे लिखी जाती रही है.
AkPankaja ✍️

  💐🎂🔥🙏भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों  का बलिदान करने वाले   में  #रम्पा_विद्रोह_आंदोलन  #रम्पा_आंदोलन की आवाज बुलंद ...
04/07/2022



💐🎂🔥🙏
भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले
में #रम्पा_विद्रोह_आंदोलन #रम्पा_आंदोलन की आवाज बुलंद करने वाले महान #आदिवासी_क्रांतिकारी #अल्लुरी_सीताराम_राजू जी की जयंती पर 💐🎂💐🎂💐
#सेबाजोहार🙏

 #महाराजा_प्रविरचंद्र_भंजदेव_कोवे 🎁🎊💐🎂( काकतीय गोंड ) मध्य प्रदेश बस्तर के अंतिम गोंडवानस शासक थे ! उनका जन्म 25 जून 192...
25/06/2022

#महाराजा_प्रविरचंद्र_भंजदेव_कोवे 🎁🎊💐🎂

( काकतीय गोंड ) मध्य प्रदेश बस्तर के अंतिम गोंडवानस शासक थे !
उनका जन्म 25 जून 1929 में हुआ था ! 💐🎂

राजा प्रविर चंद्रजी ने रायपुर के राजकुमार कॉलेज से अपनी पढा़ई पूरी की !
🔥🔥🔥🔥🔥🔥
आजादी की पूर्व संध्या को दिल्ली के रामलीला मैदान में सरदार वल्लभ भाई पटेल की उपस्थिति में इस देश के जिन 565 जागीरदारों ने अपनी रियासतें भारत वर्ष में संविलिनीकरण किया उनमें से 258 रियासतें गोंडवाना अंचल के गोंडी राजा महाराजाओं की थी!

उसी में से एक महाराजा प्रविर चंद्र भंजदेव (काकतिय) का भी राज्य था ! उनकी पिता प्रफुल्ल चंद्र भंजदेओ मयूरभंज ओडिसा से बस्तर आए थे ।
राजा प्रविर चंद्रजी अपने राज्य में आदिवासी व गोंड समाज में सबके पसंदीदा राज्यकर्ता थे !

महाराजा प्रविर चंद्र भंजदेवजी ( काकतीय) को उनके जन्मदिवस पर
सेबाजोहार 💐🌸🙏🙏🙏

सेबाजोहार 🙏कोइटूर गोंड स्वदेशी लोग समुदाय ।
24/06/2022

सेबाजोहार 🙏
कोइटूर गोंड स्वदेशी लोग समुदाय ।

24/06/2022

सेबाजोहार 🙏🔥
#रानीदुर्गावती_मंडाबी बलिदान दिवस संदेश ।

 #सेबाजोहार🙏 #24जून_रानीदुर्गावती_बलिदान_दिवस 🔥🔥🔥🔥52 गढ़ 🔥🔥🔥🔥       महारानी दुर्गावती मंडाबी जी                की 458 बा ...
23/06/2022

#सेबाजोहार🙏
#24जून_रानीदुर्गावती_बलिदान_दिवस

🔥🔥🔥🔥52 गढ़ 🔥🔥🔥🔥
महारानी दुर्गावती मंडाबी जी
की 458 बा
बलिदान दिवस पर
स्वदेशी समुदाय को
बहोत सारी बधाई
💐💐💐 💐💐💐💐

  🔥गोंडवाना चक्र गोंड स्वदेशी लोगों आदिवासियों को पूरी मानव जाति के अनुरूप नहीं है और सांसारिक सृष्टि का विधान है और जीव...
22/06/2022

🔥
गोंडवाना चक्र गोंड स्वदेशी लोगों आदिवासियों को पूरी मानव जाति के अनुरूप नहीं है और सांसारिक सृष्टि का विधान है और जीवन का विधान सीखना है।

आज पूरी मानव जाति जाने-अनजाने अंधी जाति को अमानवीय ढंग से विकसित करने के लिए ब्रह्मांड को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।

मानव प्रकृति में सुख की लालसा बढ़ती और घटती जा रही है, प्राकृतिक संसाधनों का पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है।
प्राकृतिक पर्यावरण को संतुलित न कर पाने के विनाशकारी परिणाम आज दुनिया के सामने दिखने लगे हैं।
कार्मिक आंदोलन द्वारा सृजन का नियम मानव, धार्मिक, सामाजिक, संस्कार के रूप में अपनाने की कला के प्रति जागरूकता के रूप में एक नियमित जीवन जीने के लिए संपूर्ण मानव समाज को संदेश देना "गोंडवाना चक्र" निर्माण का अंतर्निहित विचार है।

इसलिए सभ्यता के वाहक आदिम आदिवासी (मेम्ने) प्राकृतिक और संस्कारिक सामुदायिक जीवन और व्यवहार का अध्ययन हम निम्नलिखित स्वरूपों में सामान्य दक्षिणावर्त (एंटी-क्लॉक वाइज) में देख सकते हैं: -

(1) गतिमान ग्रहों की प्रकृति चलती है-नक्षत्रो नियमन

पुकराल / यूनिवर्स
"गोंडवाना चक्र" चलने की दिशा में प्रचलित सामान्य वैश्विक चक्र (घड़ी) की दिशा के विपरीत है।
यह एक स्वाभाविक और वैज्ञानिक तथ्य है कि पुकराल ग्रह-तारों की गति की दिशा में सामान्य घड़ियों के चलने की दिशा के विपरीत गति करना (एंटी-क्लॉक वाइज) है।

लगातार पुकराल ने अपने प्रभाव से ग्रहों के साथ तारों की चाल की दिशा का पालन किया-गोंडवाना चक्र, किस दिशा में ग्रहों की ओर चलना निर्धारित किया गया था।

चूंकि यह चक्र (घड़ी) पुकराल ग्रह की परिक्रमा-नक्षत्रों की ओर पपरवाहित है, इसलिए हम "प्राकृतिक चक्र" या प्राकृतिक घड़ी कहते हैं।

पुकराल सभी ग्रहों, उपग्रहों, उल्काओं, तारों को सूर्य के चारों ओर एक निश्चित दूरी पर गोलाकार गुरुत्वीय प्रतिकर्षण बल से अपनी कक्षा में #बायें_से_दायें_घुमाना अनंत काल है और अपने पथ से कभी विचलित नहीं होगा या नहीं होगा।

पुकराल के सभी ग्रह अपने कमरे से थोड़ा विचलित होते हैं, यह प्रकृति और सभी को बिना प्राणिजगत के प्रभावित नहीं करेगा, जिसकी गति को प्राकृतिक आपदा या विनास कहा जा सकता है।
इसलिए पुकराल सुरक्षात्मक है अपने विनास को गति/गति के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार उनके संचलन को रोकने के लिए और पुकराल जीवन को संरक्षित करने के लिए आंदोलन चक्र के निर्माण को संतुलित करने के लिए।
वर्षों से परिसंचरण संतुलन स्थिर रहने के कारण पुकराल क्रोड़ोआ / एक उदाहरण बना हुआ है।
जानवरों की दुनिया के साथ सहजीवी संबंध एक ही प्रकृति है।
अतः ग्रहों का गोंडवाना चक्र ग्रहों की गति की दिशा में घूमता है, स्वाभाविक रूप से प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ता है, मानव मध्यम, नियमित, लंबे जीवन को प्रेरणा के लिए प्राकृतिक जीवन के व्यवहार को अपनाकर प्रेरित करता है। 2) मानव गतिविधियों के साथ संबंध के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों का व्यवहार

सेबाजोहार

आदिवासी क्रांतिकारी कालीबाई भील भारत के इतिहास में शिक्षा के लिए शहादत की मिसाल हैं।  इतनी कम उम्र में अंग्रेजों और जमीं...
20/06/2022

आदिवासी क्रांतिकारी कालीबाई भील भारत के इतिहास में शिक्षा के लिए शहादत की मिसाल हैं। इतनी कम उम्र में अंग्रेजों और जमींदारों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। कुर्बानी के दिन शहीदों को सलाम.. सेबाजोहार🙏💐 कोइटूरगोंड कबीला की और से
#भील_वीरांगना_कालीबाई_कलासुआ #भील_वीरांगना_कालीबाई_कलासुआ

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