16/09/2020
क्षत्रिय परिवारों में देवताओं की प्रार्थना पर इंद्रासन ग्रहणकर देवताओं पर शासन करने वाले #ययाति, देवताओं को अपनी प्रजा घोषित कर वसूल करने वाले #रघु, गाय की रक्षा के लिए स्वधर्म पालन की कामना से प्रेरित हो स्वयं के शरीर का दान देने #दिलीप, कबूतर के प्राणों की रक्षा करने के लिए स्वयं के शरीर का दान देने वाले #शिवि, तपस्या के बल पर भगवान नारायण के कमण्डल से गंगा को धरती पर लाने वाले #भगीरथ, अपनी तपस्या के बल पर ब्रह्माण्ड को हिला देने वाले #विश्वामित्र, सत्य की रक्षा के लिए डोम के घर बिक जाने वाले #हरीशचंद्र, बाल्यावस्था में तपस्या से भगवान को प्रसन्न करने वाले #ध्रुव, अपनी प्रतिज्ञा व वचनो पर सदा दृढ रहने वाले #भीष्म, महान् धनुर्धर #अर्जुन, कवच व कुण्डल का दान देने वाले #दानवीर_कर्ण और न जाने एक से एक अद्भुत विभूतियाँ पैदा हुई।
स्वतंत्रता व स्वधर्म की रक्षा करने वाले #प्रताप, #दुर्गादास व #चंद्रसेन, विदेशी आतताइयों से लोहा लेने वाले #दाहिर, #विक्रमादित्य, #पृथ्वीराज, #पंजवनराय, #चामुण्डराय, #हमीर और न जाने कैसे-कैसे अद्भुत योद्धा इन्ही घरो से उत्पन्न हुए। यह कोई पुरानी बातें नही है जब इन्ही घरो में पैदा हुए लोगों ने संसार के वीरों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। लोग युद्ध क्षेत्र में उन योद्धाओं देखकर आश्चर्यचकित हो गए, जिनके मस्तक शत्रुओं की तलवारो से काटे जा चुके थे, फिर भी दोनों हाथो से तलवारे चलाते हुए शत्रुओं की सेना में हाहाकार मच जाया करता था, इनको देखकर संसार में वीर कहलाने वाले लोगों व उनकी वंश परम्पराओं ने भी श्रद्धा से अपने मस्तक नीचे झुका लिए, आज इन्हीं वीरों को लोग नहीं जानते और पूर्वजों का अपमान करने से नहीं थकतें,
इसी राजपूताना इतिहास पढ़ते-पढ़ते 7 पीढ़ी गुजर जायेंगी लेकिन समाप्त नहीं होगा।
यह कैसी विडम्बना है? अपना अस्तित्व, अपना स्वधर्म, अपनी संस्कृति, अपने स्वाभिमान को खो कर इस फिल्मी दुनिया को श्रेष्ठ माना बैठे हैं जिसका कोई अस्तित्व नहीं।
जय क्षत्रिय रक्त 🙏
क्षात्रधर्म युगे युगे 🙏