06/06/2020
छीपा समाज के इकलौते R. A. S.अधिकारी हाजी
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अहसान अहमद छीपा :-
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हाजी अहसान अहमद छीपा भारत के मुस्लिम छीपा समाज के एक मात्र व्यक्ति है जो सेवानिवृत R. A. S. अधिकारी है। उनसे पहले और न ही बाद में समाज का कोई भी व्यक्ति R. A. S.या किसी भी राज्य का प्रशासनिक अधिकारी नहीं बन सका है जो समाज के लिए चिन्ता का विषय है। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी एवं कुशल प्रशासक अहसान साहब का जन्म कपासन से 16 किलो मीटर दूर गुलुण्ड नामक एक छोटे से गाँव में हुआ। वैसे आपका पुश्तैनी निवास स्थान किशनगढ ( अजमेर ) है। जहाँ से आपके पङदादा सुल्तान जी गुलुण्ड आकर बसे थे। सुल्तान जी के एक भाई किशनगढ मे रहे तथा एक भाई सुजानगढ चले गये जिनकी औलाद आज भी कीमीवाला के नाम से पहचानी जाती है।
अहसान साहब की दसवीं तक की शिक्षा उनके गाँव में ही हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे उदयपुर गये जहाँ एम.ए.तक की सभी परीक्षाएँ अँग्रेज़ी मीडियम से दी तथा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। M. A (राजनीति विज्ञान) की परीक्षा में आपने उदयपुर यूनिवर्सिटी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। आपका M. A का परीक्षा परिणाम जून 1972 में घोषित हुआ और 5 अगस्त, 1972 को उत्तर प्रदेश के बाँदा स्थित जवाहरलाल नेहरू डिग्री काॅलेज में लेक्चरर (राजनीति विज्ञान) के पद पर आपकी नियुक्ति हो गई ।वहाँ पढाने के साथ साथ आपने R. A. S. की तैयारी शुरू कर दी तथा 1977 में पहले ही प्रयास में आप सैलेक्ट हो गये तथा राजस्थान में बीसवीं पोजीशन हासिल की।
इस शानदार सफलता के कारण आपको भरतपुर का सहायक कलेक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद आपने उपखण्ड अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, राजस्व अपील अथाॅरिटी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिलापरिषद,डायरेक्टर ट्राइबल रिसर्च इन्सटीट्यूट एडिशनल कमिश्नर आबकारी विभाग राजस्थान, रजिस्ट्रार मोहनलाल सुखाङिया विश्वविद्यालय उदयपुर तथा अतिरिक्त संभागीय आयुक्त उदयपुर आदि राजस्थान के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएँ दी। 30 सितम्बर 2010 को 38 वर्ष की उल्लेखनीय गौरवपूर्ण सेवाओं के बाद आप अतिरिक्त संभागीय आयुक्त पद से सेवानिवृत्त हुए।
बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अहसान साहब 1981 में चूरू के S.D.M रहे। मात्र अढाई महीने के अल्प काल में आप तत्कालीन अतिरिक्त कलेक्टर श्री डी. आर जोधावत व जनाब शरीफ जी मोलानी के साथ दो बार सुजानगढ पधारे। अपने परिजनों व मुझसे आत्मीयता से मिले। अपने गाँव के मदरसे व जमातखाने के लिए समाज से आर्थिक सहयोग लिया।उस राशि से गुलुण्ड में जमीन खरीदी गई। समाज सुधार के लिए 29 मई, 2005 कोआपने उदयपुर में इज्तेमाई शादी का प्रोग्राम किया जो राजस्थान में होने वाला पहला प्रोग्राम था। शेरो शायरी, वादविवाद व आसुभाषण प्रतियोगिता, वेडमिन्टन व क्रिकेट आपकी पसंद रहे हैं। ,1982से आप उदयपुर में निवास करते हैं। आपने तीनों बच्चों की परवरिश व तरवियत बहुत अच्छे ढंग से की है। बेटी फरजाना अहमद सुखाङिया यूनिवर्सिटी से L. L. B की गोल्ड मैडलिस्ट है व महाराणा उदयपुर द्वारा 5000 रुपये व मैडल देकर सम्मानित हो चुकी है। बङे पुत्र इरफान अहमद स्टाॅक मार्केट से जुङे तथा छोटे बेटे फुरकान अहमद हुण्डई कम्पनी उदयपुर के मैनेजर है। समाज गौरव अहसान साहब एक रोशन मीनार है जिसकी रोशनी व मार्ग दर्शन में समाज विकास की अपेक्षा है।
द्वारा -शम्सुद्दीन स्नेही, सुजानगढ।