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Kabir Vani इस पेज पे आपको कबीर साहेब, संत रामपाल जी महाराज का धार्मिक वीडियो देखने को मिलेगा।

तीन लोक के स्वामीइस्कॉन भक्तों का मानना है कि ‘हरे कृष्ण’ मंत्र ही मोक्ष का मार्ग है, लेकिन गीता के अनुसार यह मनमानी पूज...
15/10/2024

तीन लोक के स्वामी

इस्कॉन भक्तों का मानना है कि ‘हरे कृष्ण’ मंत्र ही मोक्ष का मार्ग है, लेकिन गीता के अनुसार यह मनमानी पूजा है। श्रीकृष्ण ने स्वयं किसी अन्य परमेश्वर की शरण में जाने का निर्देश दिया था। ब्रह्मा, विष्णु, महेश केवल तीन लोकों के स्वामी हैं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें "ज्ञान गंगा"।

#3लोककाराज_ब्रह्माविष्णुमहेश


इस्कॉन वाले यह नहीं समझते कि गीता अध्याय 4 श्लोक 5 में काल ने कहा कि उसके और अर्जुन के कई जन्म हो चुके हैं। ब्रह्मा, विष...
15/10/2024

इस्कॉन वाले यह नहीं समझते कि गीता अध्याय 4 श्लोक 5 में काल ने कहा कि उसके और अर्जुन के कई जन्म हो चुके हैं। ब्रह्मा, विष्णु, शिव भी जन्म-मरण के चक्र में हैं। ये त्रिलोक के देवता हैं, पूर्ण परमात्मा नहीं।
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें अद्भुत पुस्तक ज्ञान गंगा।

#3लोककाराज_ब्रह्माविष्णुमहेश


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पूरी गीता में कहां है यह इस्कॉन का मंत्र?इस्कॉन संगठन का मानना है कि भगवान के नामों का जाप करने से आत्मा मृत्यु के समय आ...
15/10/2024

पूरी गीता में कहां है यह इस्कॉन का मंत्र?

इस्कॉन संगठन का मानना है कि भगवान के नामों का जाप करने से आत्मा मृत्यु के समय आध्यात्मिक क्षेत्र या वैकुंठ, में वापस लौट सकती है।
इनका बड़ा मं‍त्र है 'हरे रामा-हरे रामा, राम-राम हरे हरे, हरे कृष्ण-हरे कृष्ण, कृष्ण-कृष्ण हरे हरे'। 

संत रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 8 श्लोक 13 में अपनी भक्ति का मंत्र ओम् (ॐ) यह एक अक्षर बताया है तथा गीता अध्याय 17 श्लोक 23 तत् ब्रह्म (सच्चिदानंद घन ब्रह्म) की भक्ति का तीन नाम का ‘‘ओम् (ॐ) तत् सत्’’ बताया है। इसके जाप से ही पूर्ण मोक्ष होता है। इसका भेद तत्वदर्शी संत ही बता सकता है।
वह तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं।

#3लोककाराज_ब्रह्माविष्णुमहेश


इस्कॉन संस्था मानती है कि कृष्ण जी ही सर्वोच्च ईश्वर हैं।जबकि संत रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि अर्जुन ने गीता अध्याय ...
15/10/2024

इस्कॉन संस्था मानती है कि कृष्ण जी ही सर्वोच्च ईश्वर हैं।
जबकि संत रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि अर्जुन ने गीता अध्याय 8 श्लोक 1 में प्रश्न किया कि गीता अध्याय 7 श्लोक 29 में जो तत् ब्रह्म कहा है, वह क्या है? इसका उत्तर गीता ज्ञान देने वाले प्रभु ने गीता अध्याय 8 श्लोक 3 में बताया है कि वह ‘‘परम अक्षर ब्रह्म’’ है।
इसके बाद गीता ज्ञान दाता ने गीता अध्याय 8 श्लोक 5, 7 में अर्जुन को अपनी भक्ति करने को कहा है तथा इसी अध्याय 8 श्लोक 8-9-10 में अपने से अन्य परम अक्षर ब्रह्म यानि सच्चिदानंद घन ब्रह्म की भक्ति करने को कहा है।
इससे स्पष्ट है कि पूर्ण परमात्मा श्री कृष्ण जी से भिन्न है।
उसकी जानकारी के लिए पढ़ें ज्ञान गंगा।

#3लोककाराज_ब्रह्माविष्णुमहेश


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गीता अनुसार किस परमेश्वर की पूजा करनी चाहिए?गीता अध्याय 8 श्लोक 3, 8, 9, 10, अध्याय 15 श्लोक 17, अध्याय 18 श्लोक 62 में ...
15/10/2024

गीता अनुसार किस परमेश्वर की पूजा करनी चाहिए?

गीता अध्याय 8 श्लोक 3, 8, 9, 10, अध्याय 15 श्लोक 17, अध्याय 18 श्लोक 62 में बताए परम अक्षर ब्रह्म कबीर साहेब (कविर्देव) की पूजा करनी चाहिए जिससे जन्म मरण समाप्त हो। जबकि इस्कॉन वालों ने गीता ज्ञान बोलने वाले ब्रह्म की साधना में ही लगा दिया है जो गीता अनुसार अनुत्तम साधना है।

#3लोककाराज_ब्रह्माविष्णुमहेश


बिहार में आई बाढ़ से कई जिलों के बहुत से गांव एक दूसरे से कट गए हैं व सब कुछ जलमग्न हो गया है। ऐसे में बाढ़ग्रस्त इलाकों म...
13/10/2024

बिहार में आई बाढ़ से कई जिलों के बहुत से गांव एक दूसरे से कट गए हैं व सब कुछ जलमग्न हो गया है। ऐसे में बाढ़ग्रस्त इलाकों में आवश्यक वस्तुओं का अभाव जीवन के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
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