करुणाधाम स्थित ईशावास्यम् "महालक्ष्मी मंदिर" का वास्तु आधार श्रीयंत्र है ।श्रीयंत्र प्रकृति और पुरुष की एकात्मता का द्योतक है।यह स्वानुभूत अपार ऊर्जा का स्तोत्र है । ईशावास्यम महालक्ष्मी मंदिर की संरचना श्री यंत्र पर आधारित है, और भावनात्मक रूप से यदि कहें तो श्रीयंत्र पर पुरुषाकृति में साधक की भावना है। जिस प्रकार हमारे भीतर सात चक्र स्थापित हैं उसी प्रकार महालक्ष्मी मंदिर भी सात भागों में विभक्
त है और प्रत्येक भाग को उसी रंग से प्रकाशित किया गया है, जो उस चक्र का रंग है,
जैसे मंडपम् को मूलाधार चक्र मानकर मूलाधार के लाल रंग को यहाँ प्रमुखता दी गई है , जैसे हमारे भौतिक शरीर में स्थित यह चक्र हमारी वासनाओं को नियंत्रित करता है और हमारे शरीर का माता के समान पोषण करता है ।
द्वितीय खंड "माता महालक्ष्मी का मंदिर " जो स्वाधिष्ठान चक्र पर आधारित है जिसका प्रमुख रंग प्रातः काल के सूर्य की भाँति नारंगी है,यह चक्र हमारी प्रसन्नता,विश्वास,आत्मबल,तथा मानसिक शक्ति बढ़ाता है ।
तीसरा खंड माणिपुर चक्र है इसका रंग पीला है यह चक्र मंदिर का मूल है यहाँ श्रीयंत्र स्थापित किया गया है,यह चक्र मन की निर्मलता,विवेक,आत्मविश्वास और आत्मकल्याण का स्रोत है।
चतुर्थ खंड का रंग हरा एवं इसकी ऊर्जा विशाल समुद्र के समान फैली हुई होती है,इस चक्र में हमारी आत्मा का वास होता है।
पाँचवाँ खण्ड विशुद्ध चक्र है यह मानव शरीर के कंठ में स्थित होता है,जिसका रंग नीला माना गया है, यह चक्र हमारी नकारात्मक सोच को विशुद्ध सकारात्मकता में बदल देता है।
छठवाँ खण्ड आज्ञा चक्र है जिसका रंग जामुनी है,यह तृतीय नेत्र होता है,आज्ञा चक्र गुरु का स्थान है ,यह गुरुचक्र भी कहलाता है,यह चक्र इड़ा, पिंगला,सुषुम्ना नाड़ी का संधिस्थल है।
सप्तम खंड सहस्त्रार चक्र है,यह मनुष्य शरीर में शीर्ष (सर के ठीक बीच में ) स्थित होता है,यह बैगनी रंग का होता है,यह चक्र सभी चक्रों में सूर्य के समान तेजस्वी है,इसकी जागृति से सभी चक्र ऊर्जावान होते है।
आमतौर पर श्रीविग्रह (मूर्ति) के नीचे ही यंत्र लगाये जाते है किंतु ईशावास्यम् महालक्ष्मी मंदिर में दो श्री यंत्रो की स्थापना की गयी है। एक तो महालक्ष्मी के आसन के नीचे स्थापित है और दूसरा माँ के विग्रह के ऊपर तीसरे खंड "मणिपुर चक्र" में स्थापित है जिसकी नियमित पूजा-अर्चना पुजारियों द्वारा की जाती है। जिसके दर्शन नवरात्र की नवमी तिथि को नियमानुसार किये जा सकते हैं।