05/11/2021
🐍🌛🌞🌿🙏 कार्तिक अमावस्या जिसे दीपावली कहते है
दीपावली की पावन तिथि पर प्रातः काल समुंद्र मंथन से आदि गौ सुरभि माता प्रगट हुई इसलिए दीपावली के दो दिन का प्राकट्य है
प्रात:काल सुरभि का प्राकाट्य और प्रदोष वेला में मां भगवती महालक्ष्मी का प्राकाट्य इसलिए प्रदोष काल में लक्ष्मी का पूजन होता है और प्रातः में गौ माता का पूजन होता है लक्ष्मी माता का पूजन तो पूरे भारत में किया जाता है
पर दुर्भाग्य है गो पूजन लगभग लुप्त सा होता जा रहा है।
गौमाता अग्रजा है और लक्ष्मी माता अनुजा है दोनों का पूजन होना चाहिए। अगर गौ माता का पूजन नहीं होता है तो लक्ष्मी जी घर मे आती तो है परंतु गधे पर सवार होकर और जब गौ माता और लक्ष्मी जी दोनों की पूजा होती है तब लक्ष्मी जी गरुड पर सवार होकर आती हैं
नोट-- गौ माता (अर्थात भारत की देसी गाय नस्ल से है ☑️)
डेरी वाली जर्सी गाय पूजनीय नही होती ❌
Don't forget follow me us. 👇👇🙏🙏
____________(.shivsevak)