Begampura Mahabodhi Mission

Begampura Mahabodhi Mission ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिले सबन को अन्न!
छोट बड़ो सब सम बसै रैदास रह प्रसन्न!!

बेगमपुरा महाबोधि मिशन" की ओर से समस्त विश्व को संत शिरोमणि सतगुरू रविदास महाराज जी के जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगल क...
01/02/2026

बेगमपुरा महाबोधि मिशन" की ओर से समस्त विश्व को संत शिरोमणि सतगुरू रविदास महाराज जी के जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं मंगल कामनाएं 🎉🎉🎉

#बेगमपुरा_महाबोधि_मिशन

बात दिसम्बर 1971 के भारत-पाक युद्ध की है. इस युद्ध का तात्कालिक कारण 1970 का पाकिस्तानी आम चुनाव था जोकि पाकिस्तान का पह...
11/05/2025

बात दिसम्बर 1971 के भारत-पाक युद्ध की है. इस युद्ध का तात्कालिक कारण 1970 का पाकिस्तानी आम चुनाव था जोकि पाकिस्तान का पहला प्रत्यक्ष आम चुनाव था जिसमें अवामी लीग को पूर्ण बहुमत मिला. अवामी लीग ने कुल 300 सीटों में से पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) की 162 सामान्य सीटों में से 160 सामान्य सीटें व सभी 7 महिला सीटें जीत ली थी पीपीपी को केवल 81 सामान्य सीटें और 5 महिला सीटें मिली जो सभी पश्चिमी पाकिस्तान (वर्तमान पाकिस्तान) में थी. चूंकि पाकिस्तान का नियंत्रण पश्चिमी पाकिस्तान अर्थात आज के पाकिस्तान के पास था इसलिए पाकिस्तान के तत्कालीन नेताओं ने इस चुनाव परिणाम को मानने से इनकार कर दिया और पाकिस्तान की सेना ने उस वक्त बांग्लादेश के आम लोगों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया. एक अनुमान के मुताबिक करीबन 30 लाख से ज्यादा लोगों की हत्या और 2 लाख से ज्यादा महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया. इन अत्याचारों से तंग आकर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रही शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश के लोग आजादी के लिए आन्दोलन करने लगे. इससे पाकिस्तानी सेना का अत्याचार और बढ़ गया. बांग्लादेश के लोग अपनी जान बचाने के लिए भारत में घुसने लगे. भारी संख्या में बांग्लादेशी भारत में घुसते देख भारत ने अपने संप्रभुता की रक्षा के लिए और बांग्लादेशी लोगों को पाकिस्तान अत्याचारों से बचाने के लिए मजबूरी में युद्ध में कूदना पड़ा. उस वक्त रूस को छोड़कर तकरीबन सभी मजबूत राष्ट्र भारत के खिलाफ थे. 1971 के युद्ध में अमेरिका ने मजबूती से पाकिस्तान का हथियारों व पैसे से साथ दिया. अमेरिका द्वारा USS इंटरप्राइजेज नाम का परमाणु शक्ति से संचालित बेड़ा पाकिस्तान की मदद के लिए रवाना कर दिया गया था. यह उस वक्त का दुनिया का सबसे शक्तिशाली बेड़ा था जो एक बार तेल भरने के बाद पूरी दुनिया का चक्कर लगा सकता था. 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद चीन भी भारत को दोबारा घेरने की फ़िराक में था, उसने भी खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया. श्रीलंका को भी डर था कि भारत, पाकिस्तान को तोड़कर जिस प्रकार से बांग्लादेश बनाना चाहता है, वैसे ही श्रीलंका को भी तोड़कर अलग से तमिल राष्ट्र बना सकता है. श्रीलंका ने भी अपने भंडारनायके अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को उतरने और तेल भरने की इजाज़त दे दी थी. भारत कई तरफ़ से घिरा हुआ था. उसके बावजूद भी पाकिस्तान के टुकड़े करके पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर अब्दुल्ला खान नियाज़ी के नेतृत्व में भारतीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने मात्र 13 दिन में 90000 पाकिस्तानी सैनिकों का दुनियां का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण करवाया था. इस कामयाबी के पीछे सोवियत संघ (रूस) का बड़ा सहयोग था. इसके साथ-साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने अदम्य साहस के साथ तत्कालीन रक्षा मंत्री व मजबूत प्रशासक बाबू जगजीवन राम जी को इस पूरे अभियान की कमान सौंप दी थी. बाबूजी ने अपनी ज़बरदस्त रणनीति से पाकिस्तान को मात्र 13 दिनों में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया लेकिन देश ने उनके योगदान को सिर्फ इसलिए भुला दिया क्योंकि देश आतंकवाद के साथ साथ जातंकवाद से भी ग्रस्त है. बाबू जगजीवन राम जी चमार जाति से थे और जातंकवादियों को यह कतई पसंद नहीं कि कथित दलित समाज के व्यक्ति की बहादुरी का महिमामंडन किया जाए क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो जातंकवाद खतरे में पड़ जाएगा. भारत की सेना विश्व की चौथी सबसे शक्तिशाली सेना है. हमें अपनी सेना पर पूर्ण भरोसा व गर्व है. वर्तमान में भारत-पाक के युद्ध के हालातों में सिर्फ़ 3 दिन में आधे-अधूरे सीजफायर से बाबू जगजीवन राम जी की याद आ गई. अगर आज वो होते तो यक़ीनन पाकिस्तान का इन 3 दिनों में ही नक्शा बदल गया होता. आज भारत कूटनीतिक रूप से कहां खड़ा है? दलितों-मुस्लिमों व कमज़ोरों को भेड़ियों की तरह झुण्ड बनाकर कूटने को कूटनीति नहीं कहते. जब तक वोटनीति जिंदा रहेगी तब तक कूटनीति मजबूत नहीं हो सकती. एक देश का दूसरे देश के साथ व्यवहार ही कूटनीति होता है. क्या 1971 की अपेक्षा आर्थिक रूप से काफ़ी मजबूत भारत की कूटनीति उतनी ही कामयाब है?

✍️ एड. जगमोहन बोधि बेगमपुरिया

संत शिरोमणि गुरू रविदास जी महाराज के 648 वें जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई हो 🎊🎉🎊🎉 #बेगमपुरा_महाबोधि_मिशन
12/02/2025

संत शिरोमणि गुरू रविदास जी महाराज के 648 वें जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई हो 🎊🎉🎊🎉
#बेगमपुरा_महाबोधि_मिशन

कल नेटफ्लिक्स पर इम्तियाज अली की फिल्म "अमर सिंह चमकीला" देखी. यह फिल्म अमर सिंह चमकीला की बायोपिक है. अमर सिंह चमकीला च...
13/04/2024

कल नेटफ्लिक्स पर इम्तियाज अली की फिल्म "अमर सिंह चमकीला" देखी. यह फिल्म अमर सिंह चमकीला की बायोपिक है. अमर सिंह चमकीला चमार जाति में पैदा हुए एक महान कलाकार रहे हैं. उनकी प्रसिद्धि का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि कनाडा में हुए अमिताभ बच्चन के एक कार्यक्रम में 137 कुर्सियां अलग से लगवाई गई थी लेकिन इसी स्थान पर हुए अमर सिंह चमकीला जी के कार्यक्रम में 1024 कुर्सियां अलग से लगवानी पड़ी थी. अपने जमाने के दुनिया के महानतम कलाकारों में से एक अमर सिंह चमकीला को पंजाब के कुछ धार्मिक ठेकेदारों ने मात्र 27 साल की उम्र में उनकी पत्नी व अन्य दो कलाकारों सहित मार दिया था. बहाना यह बनाया कि अमर सिंह चमकीला अश्लील गाना गाते हैं जबकि भोजपुरी, हरियाणवी और पंजाबी गायकी में आज भी अमर सिंह चमकीला के कथित अश्लील गानों से ज्यादा फूहड़ गाने आज भी प्रचलित हैं लेकिन उन्हें किसी ने आज तक नहीं मारा. यह सच्चाई है कि अगर अमर सिंह चमकीला चमार नहीं होते तो मारे नहीं जाते. इसलिए दुनिया के सभी चमारों को एकजुट होकर अपनी अलग व अद्वितीय पहचान बनानी चाहिए. फिल्म को जबरदस्त तरीके से फिल्माया गया है तथा पूरी ईमानदारी से समाज में फैले जातिवाद को दिखाया गया है. आप भी फिल्म को जरूर देखें.


9 मार्च, 2024, वार शनिवार को "बेगमपुरा संकल्प विश्व यात्रा" के प्रथम चरण का समापन गाँव बिधनोई, जिला भिवानी (हरियाणा) में...
10/03/2024

9 मार्च, 2024, वार शनिवार को "बेगमपुरा संकल्प विश्व यात्रा" के प्रथम चरण का समापन गाँव बिधनोई, जिला भिवानी (हरियाणा) में हुआ. इस अवसर पर भारी संख्या में अनुयायिओं ने पहुंचकर यात्रा का काफ़िले के साथ स्वागत किया. गुरुजी का अटूट लंगर चला व बेगमपुरा के संदेश को विश्व में फैलाने के लिए सभी ने संकल्प लिया. सभी सहयोगियों का हार्दिक आभार 🙏🙏🙏

बहल रात्रि प्रवास के दौरान जबरदस्त स्वागत किया गया. सभी बहलवासियों का हार्दिक आभार. 🙏
09/03/2024

बहल रात्रि प्रवास के दौरान जबरदस्त स्वागत किया गया. सभी बहलवासियों का हार्दिक आभार. 🙏

राजगढ़/सादुलपुर (राजस्थान) में रात्रि प्रवास के दौरान सत्संग कार्यक्रम. सरपंच नरसी मिठड़ी व उनकी पूरी टीम सहित सभी का बह...
08/03/2024

राजगढ़/सादुलपुर (राजस्थान) में रात्रि प्रवास के दौरान सत्संग कार्यक्रम. सरपंच नरसी मिठड़ी व उनकी पूरी टीम सहित सभी का बहुत बहुत आभार🙏

डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सादुलपुर/राजगढ़, जिला चुरू (राजस्थान) में  लोगों ने "बेगमपुरा संकल्प विश्व यात्रा" का जोरदार स...
08/03/2024

डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सादुलपुर/राजगढ़, जिला चुरू (राजस्थान) में लोगों ने "बेगमपुरा संकल्प विश्व यात्रा" का जोरदार स्वागत किया. सभी का आभार🙏

डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्कल, पिलानी (राजस्थान)
08/03/2024

डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्कल, पिलानी (राजस्थान)

गाँव हरपालू, जिला चुरू (राजस्थान) में ग्रामीणों ने "बेगमपुरा संकल्प विश्व यात्रा" का जोरदार स्वागत किया. सभी का आभार.
08/03/2024

गाँव हरपालू, जिला चुरू (राजस्थान) में ग्रामीणों ने "बेगमपुरा संकल्प विश्व यात्रा" का जोरदार स्वागत किया. सभी का आभार.

पिलानी (राजस्थान) में रात्रि प्रवास के दौरान सत्संग का कार्यक्रम किया गया जिसमें समाज में व्याप्त नशाखोरी पर लगाम लगाने ...
08/03/2024

पिलानी (राजस्थान) में रात्रि प्रवास के दौरान सत्संग का कार्यक्रम किया गया जिसमें समाज में व्याप्त नशाखोरी पर लगाम लगाने का आह्वान किया गया. सभी गणमान्य बुद्धिजीवियों का हार्दिक आभार.
#बेगमपुरा_संकल्प_विश्व_यात्रा

गांव जीलो, जिला नीम का थाना (राजस्थान) में रात्रि प्रवास. उपासक संजय कुमार व उनके समस्त परिवार का हार्दिक आभार. #बेगमपुर...
08/03/2024

गांव जीलो, जिला नीम का थाना (राजस्थान) में रात्रि प्रवास. उपासक संजय कुमार व उनके समस्त परिवार का हार्दिक आभार.
#बेगमपुरा_संकल्प_विश्व_यात्रा

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