Gurudwara sri jand sahib khedi

Gurudwara sri jand sahib khedi Religious organisation. Community. Sikh temple

"नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाने सरबत दा भला"धन धन साहिब श्री गुरु नानक देव जी के 555 वें प्रकाश पर्व की लाख-लाख बधाई      ...
15/11/2024

"नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाने सरबत दा भला"
धन धन साहिब श्री गुरु नानक देव जी के 555 वें प्रकाश पर्व की लाख-लाख बधाई

दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी प्रकाश पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏💐
17/01/2024

दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी प्रकाश पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏💐

सचखंड श्री हरमंदिर साहिब जी के स्थापना दिवस(नींव पत्थर दिवस) की आप सभी को लख लख बधाई,        ❤️🙏
14/01/2024

सचखंड श्री हरमंदिर साहिब जी के स्थापना दिवस(नींव पत्थर दिवस) की आप सभी को लख लख बधाई,


❤️🙏

12/12/2023

Waheguru ji 🙏🚩

'नानक नाम जहाज है, चढ़ै सो उतरे पारजो श्रद्धा कर सेंवदे, गुर पार उतारणहार'महान धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और व...
22/09/2023

'नानक नाम जहाज है, चढ़ै सो उतरे पार
जो श्रद्धा कर सेंवदे, गुर पार उतारणहार'

महान धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और विश्वबन्धु हमारे सिक्ख समाज के आदिगुरू गुरुनानक देव जी की पुण्यतिथि पर शत- शत नमन ! 🙏
#गुरुनानक_देव_पुण्यतिथि

धुर की बाणी आई, तिनि सगली चिंत मिटाई'दसो पातशाहो की जगदी ज्योत, हजरा-हजूर सर्व कला भरपुर, शबद गुरु,श्री गुरु ग्रन्थ साहि...
16/09/2023

धुर की बाणी आई, तिनि सगली चिंत मिटाई

'दसो पातशाहो की जगदी ज्योत, हजरा-हजूर सर्व कला भरपुर, शबद गुरु,श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के प्रथम प्रकाश पर्व की आप सभी को लख लख बधाई

Gurudwara sri jand sahib khedi

14/06/2023
14/06/2023
धन धन साहिब दसवीं गुरु खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी गुरु के गुरुपूरब आगमन पर आज गुरूद्वारा  #श्री_जंड_...
03/01/2023

धन धन साहिब दसवीं गुरु खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी गुरु के गुरुपूरब आगमन पर आज गुरूद्वारा #श्री_जंड_साहिब_खेड़ी व साध संगत द्वारा
श्री अखंड साहिब पाठ आरंभ किया गया व परसों रोज कीर्तन व गुरु का अटूट लंगर है, आप सभी सदर आमंत्रित है समय 10:00AM -05-01-2023 आप सभी से विनम्र निवेदन है कृपया गुरद्वारा साहिब पहुंचकर वाहेगुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त करें!

Gurudwara sri jand sahib khedi

28/12/2022

🙏🌹🙏🌹🙏🌹

🌹*Please cover your head & Remove your shoes before reading Hukamnama sahib Ji*🌹

Sandhya wele da mukhwakh shri Harmandar sahib amritsar sahib ji, Ang-694,
16-December-2022
ਸੰਧਿਆ ਵੇਲੇ ਦਾ ਮੁੱਖਵਾਕ ਜੀ

ਧਨਾਸਰੀ ਭਗਤ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਕੀ ੴ ਸਤਿਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥ ਹਮ ਸਰਿ ਦੀਨੁ ਦਇਆਲੁ ਨ ਤੁਮ ਸਰਿ ਅਬ ਪਤੀਆਰੁ ਕਿਆ ਕੀਜੈ ॥ ਬਚਨੀ ਤੋਰ ਮੋਰ ਮਨੁ ਮਾਨੈ ਜਨ ਕਉ ਪੂਰਨੁ ਦੀਜੈ ॥੧॥ ਹਉ ਬਲਿ ਬਲਿ ਜਾਉ ਰਮਈਆ ਕਾਰਨੇ ॥ ਕਾਰਨ ਕਵਨ ਅਬੋਲ ॥ ਰਹਾਉ ॥ ਬਹੁਤ ਜਨਮ ਬਿਛੁਰੇ ਥੇ ਮਾਧਉ ਇਹੁ ਜਨਮੁ ਤੁਮ੍ਹ੍ਹਾਰੇ ਲੇਖੇ ॥ ਕਹਿ ਰਵਿਦਾਸ ਆਸ ਲਗਿ ਜੀਵਉ ਚਿਰ ਭਇਓ ਦਰਸਨੁ ਦੇਖੇ ॥੨॥੧॥ {ਪੰਨਾ 694}

ਪਦਅਰਥ: ਹਮ ਸਰਿ = ਮੇਰੇ ਵਰਗਾ। ਸਰਿ = ਵਰਗਾ, ਬਰਾਬਰ ਦਾ। ਦੀਨੁ = ਨਿਮਾਣਾ, ਕੰਗਾਲ। ਅਬ = ਹੁਣ। ਪਤੀਆਰੁ = (ਹੋਰ) ਪਰਤਾਵਾ। ਕਿਆ ਕੀਜੈ = ਕੀਹ ਕਰਨਾ ਹੋਇਆ? ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ। ਬਚਨੀ ਤੋਰ = ਤੇਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਰ ਕੇ। ਮੋਰ = ਮੇਰਾ। ਮਾਨੈ = ਮੰਨ ਜਾਏ, ਪਤੀਜ ਜਾਏ। ਪੂਰਨ = ਪੂਰਨ ਭਰੋਸਾ।੧।

ਰਮਈਆ ਕਾਰਨੇ = ਸੋਹਣੇ ਰਾਮ ਤੋਂ। ਕਵਨ = ਕਿਸ ਕਾਰਨ? ਅਬੋਲ = ਨਹੀਂ ਬੋਲਦਾ।ਰਹਾਉ।

ਮਾਧਉ = ਹੇ ਮਾਧੋ! ਤੁਮ੍ਹ੍ਹਾਰੇ ਲੇਖੇ = (ਭਾਵ,) ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਵਿਚ ਬੀਤੇ। ਕਹਿ = ਕਹੇ, ਆਖਦਾ ਹੈ।੨।

ਅਰਥ: (ਹੇ ਮਾਧੋ!) ਮੇਰੇ ਵਰਗਾ ਕੋਈ ਨਿਮਾਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇ, ਤੇਰੇ, ਵਰਗਾ ਹੋਰ ਕੋਈ ਦਇਆ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਨਹੀਂ, (ਮੇਰੀ ਕੰਗਾਲਤਾ ਦਾ) ਹੁਣ ਹੋਰ ਪਰਤਾਵਾ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ। (ਹੇ ਸੋਹਣੇ ਰਾਮ!) ਮੈਨੂੰ ਦਾਸ ਨੂੰ ਇਹ ਪੂਰਨ ਸਿਦਕ ਬਖ਼ਸ਼ ਕਿ ਮੇਰਾ ਮਨ ਤੇਰੀ ਸਿਫ਼ਤਿ-ਸਾਲਾਹ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਵਿਚ ਪਰਚ ਜਾਇਆ ਕਰੇ।੧।

ਹੇ ਸੋਹਣੇ ਰਾਮ! ਮੈਂ ਤੈਥੋਂ ਸਦਾ ਸਦਕੇ ਹਾਂ; ਤੂੰ ਕਿਸ ਗੱਲੇ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਬੋਲਦਾ?।ਰਹਾਉ।

ਰਵਿਦਾਸ ਆਖਦਾ ਹੈ-ਹੇ ਮਾਧੋ! ਕਈ ਜਨਮਾਂ ਤੋਂ ਮੈਂ ਤੈਥੋਂ ਵਿਛੁੜਿਆ ਆ ਰਿਹਾ ਹਾਂ (ਮਿਹਰ ਕਰ, ਮੇਰਾ) ਇਹ ਜਨਮ ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਵਿਚ ਬੀਤੇ; ਤੇਰਾ ਦੀਦਾਰ ਕੀਤਿਆਂ ਬੜਾ ਚਿਰ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, (ਦਰਸ਼ਨ ਦੀ) ਆਸ ਵਿਚ ਹੀ ਮੈਂ ਜੀਊਂਦਾ ਹਾਂ।੨।੧।

धनासरी भगत रविदास जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हम सरि दीनु दइआलु न तुम सरि अब पतीआरु किआ कीजै ॥ बचनी तोर मोर मनु मानै जन कउ पूरनु दीजै ॥१॥ हउ बलि बलि जाउ रमईआ कारने ॥ कारन कवन अबोल ॥ रहाउ ॥ बहुत जनम बिछुरे थे माधउ इहु जनमु तुम्हारे लेखे ॥ कहि रविदास आस लगि जीवउ चिर भइओ दरसनु देखे ॥२॥१॥ {पन्ना 694}

पद्अर्थ: हम सरि = मेरे जैसा। सरि = जैसा, बराबर का। दीनु = निमाणा, कंगाल। अब = अब। पतीआरु = (और) परतावा। किआ कीजै = क्या करना? करने की जरूरत नहीं। बचनी तोर = तेरी बातें करके। मोर = मेरा। मानै = मान जाए, पतीज जाए। पूरन = पूर्ण भरोसा।1।

रमईआ कारने = सुंदर राम से। कवन = किस कारण? अबोल = नहीं बोलता। रहाउ।

माधउ = हे माधो! तुमारे लेखे = (भाव) तेरी याद में बीते। कहि = कहे, कहता है।2।

अर्थ: (हे माधो!) मेरे जैसा और कोई निमाणा नहीं, और तेरे जैसा और कोई दया करने वाला नहीं, (मेरी कंगालता का) अब और परतावा करने की जरूरत नहीं। (हे सुंदर राम!) मुझ दास को ये पूर्ण सिदक बख्श कि मेरा मन तेरी सिफत सालाह की बातों में पसीज जाया करे।1।

हे सुंदर राम! मैं तुझसे सदा सदके हूँ, क्या बात है कि तू मेरे से बात नहीं करता? । रहाउ।

रविदास कहता है–हे माधो! कई जन्मों से मैं तुझसे विछुड़ता आ रहा हूँ (मेहर कर, मेरा) ये जन्म तेरी याद में बीते; तेरा दीदार किए काफी समय हो गया है, (दर्शन की) आस में ही मैं जीता हूँ।2।1।

Dhanaasaree, Devotee Ravi Daas Jee:

One Universal Creator God. By The Grace Of The True Guru:

There is none as forlorn as I am, and none as Compassionate as You; what need is there to test us now?

May my mind surrender to Your Word; please, bless Your humble servant with this perfection. ||1||

I am a sacrifice, a sacrifice to the Lord.

O Lord, why are You silent? ||Pause||

For so many incarnations, I have been separated from You, Lord; I dedicate this life to You.

Says Ravi Daas: placing my hopes in You, I live; it is so long since I have gazed upon the Blessed Vision of Your Darshan. ||2||1||

Chaar sahibzaade        🚩    🙏
27/12/2022

Chaar sahibzaade 🚩
🙏

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