08/04/2026
गोल्डन बुक्स ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी सामाजिक संस्था हुडको महाराष्ट्र सांस्कृतिक मंडल, भिलाई के द्वारा "साइबर क्राइम से बचाव हेतु जागरूकता पर एक प्रभावशाली कार्यशाला" का आयोजन, साइबर क्राइम विभाग के सहयोग से संस्था के माधव सभागार में किया गया. इस कार्यक्रम का शुभारम्भ संकष्टी चतुर्थी के शुभवसर पर संस्था के श्री गणेश मंदिर, हुडको में सामूहिक अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए महाआरती करके शुभारंभ किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
मा.श्री विजय अग्रवाल (SP, दुर्ग) और विशिष्ट अतिथि मा.श्री सुखनंदन राठौड़ (ए.एस.पी. सिटी) तथा साइबर क्राइम के एक्सपर्ट डॉ.संकल्प राय (सीनियर सब इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच) और डॉ. सुरेश शर्मा के गरिमामय उपस्थित में हुआ. सभी अतिथियों का सम्मान श्रीफल और उर्पण से किया गया. अपने प्रेरक उद्बोधन में मुख्य अतिथि मा.श्री विजय अग्रवाल जी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए अत्यंत सरल एवं सहज भाषा में उपस्थित नागरिकों- विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों-को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP धोखाधड़ी एवं ऑनलाइन निवेश ठगी जैसे अपराधों से सतर्क रहने का संदेश दिया. साथ-साथ उन्होंने चीन में भारत की तुलना में जनसंख्या अधिक होने के बावजूद साइबर फ्रॉड के लगभग नहीं होने का कारण उनकी जागृति एवं सतर्कता को बताया. कार्यशाला में उपस्थित एडिशनल एसपी मा. श्री सुखनंदन राठौर जी ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए डिजिटल अरेस्ट ,फर्जी कॉल, ओटीपी की धोखा घड़ी और ऑनलाइन ठगी जैसे अपराधों से सतर्क रहने का हेतु मार्गदर्शन किया. उन्होंने स्वयं के साथ धोखा घड़ी होने पर बिना भय एवं देरी के पुलिस के नंबर 1930 पर सूचना देने की बात भी कहीं. साथ ही श्री सुखनंदन राठौर ने कुछ बातें सदैव रोचक पद्धति से स्मरण रखने की विधि भी बताई ,जैसे POLICE शब्द में P-अर्थात पासवर्ड किसी के साथ शेयर ना करना, O-अर्थात ओटीपी नहीं बताना, L-मतलब अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए, I-यानी अपनी आइडेंटिटी हाइड करके रखना और C-यानी अनजान लोगों से चैटिंग नहीं करना और अंत में E-यानी इमरजेंसी नंबर 1930 को सदैव याद रखना. उन्होंने उपस्थित लोगों को यह विश्वास दिलाया की पुलिस सदैव नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए प्रयत्नशील रहती है. एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में उन्होंने देश की सांस्कृतिक चेतना के बदलते स्वरूप पर चिंता व्यक्त की. अनेक रोचक प्रसंग एवं अनुभव को शेयर करते हुए उन्होंने स्वयं को सक्षम बनाने पर भी जोर दिया. डॉ. संकल्प राय जी ने साइबर अपराधी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से दिए जाने वाले लालच से बचने तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी देते हुए ई-मेल, इंटरनेट बैंकिंग एवं ATM से जुड़े पासवर्ड को समय-समय पर बदलने तथा मजबूत एवं गोपनीय पासवर्ड रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया. संस्था के अध्यक्ष श्री नितिन फुले ने अपने भाषण में संस्था के द्वारा किये गये सामाजिक क्षेत्र में एक और पहल करते हुए, इस कार्यशाला द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारी को उपस्थित सभी जनों को एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अपने परिवार रिश्तेदारों, मित्रों को अवगत करने का आवाहन करते हुए इस कार्यक्रम में अपनी बहुमूल्य समय निकालकर पधारने के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की और पुलिस विभाग को आने वाले समय में हर तरह की जागरूकता अभियान में सहयोग करने का आश्वासन दिया.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी व वरिष्ठ, संस्था के महिला शाखा की मातृशक्ति, युवाओं एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने इस कार्यशाला का लाभ प्राप्त किया. इस कार्यशाला में वार्ड के पार्षद सीजू एंथोनी, धीरेंद्र जोगेवार, राजेश धारकर, चंद्रशेखर वकील, प्रकाश डाहाके, अनिल पाटिल, राजेंद्र डाहाके, संजय खर्चे, दिलीप देऊलवार, अजय कठाले, मुकुंद अवधूत, राजेश पाटिल, संजय तनखीवाले, किशोर बहाड़े, अशोक धांडे, सतीश कोपरकर,कविश गोखले, योगेंद्र डाहाके, अजय नागले, मिलिंद भिड़े, दिलीप बड़गुजर, आनंद बड़गुजर, कृष्णा देवकते, सारांश बहाड़े, श्रीकांत झोलदेव व अन्य सदस्यगण उपस्थित थे. कार्यक्रम का गरिमामय एवं प्रभावी संचालन डॉ. श्रीमती ज्योति धारकर और धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती संगीता पाटिल ने किया.