20/02/2026
⛪️⛪️20/2/26 आज का उपवास वचन उद्देश्य ⛪️⛪️⛪️
नहेम्याह 1:3उन्होंने मुझ से कहा, “जो बचे हुए लोग बँधुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और
उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं।”
।। नहेम्याह की प्रार्थना।।
नहेम्याह 1:4ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता, और
स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्थना करता रहा।
नहेम्याह 1:5परिचय“हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान् और भययोग्य ईश्वर! तू जो
अपने प्रेम रखनेवाले और आज्ञा माननेवाले के विषय अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है;
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नहेम्याह 1:6तू कान लगाए और आँखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय
तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले।
मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरुद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है।
नहेम्याह 1:7हम ने तेरे सामने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएँ, विधियाँ और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उनको हम ने नहीं माना।
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नहेम्याह 1:8उस वचन की सुधि ले, जो तू ने अपने दास मूसा से कहा था,
‘यदि तुम लोग विश्वासघात करो, तो मैं तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करूँगा।*
नहेम्याह 1:9परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएँ मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों,
तौभी मैं उनको वहाँ से इकट्ठा करके उस स्थान में पहुँचाऊँगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है।’*
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नहेम्याह 1:10अब वे तेरे दास और तेरी प्रजा के लोग हैं जिनको तू ने अपनी बड़ी सामर्थ और बलवन्त हाथ के द्वारा छुड़ा लिया है।
नहेम्याह 1:11हे प्रभु विनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं,
कान लगा, और आज अपने दास का काम सफल कर, और उस पुरुष को उस पर दयालु कर।” (मैं तो राजा का पियाऊ था।)
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⛪️लहू के मार्ग से पिता के पास जाए।
इफिसियों 1:7
[7]हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
1 यूहन्ना 1:9
[9]यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
इब्रानियों 10:19-22
[19]सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
[20]जो उस ने परदे अर्थात अपने शरीर में से होकर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
[21]और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
[22]तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
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⛪️अपने 3 उद्देश्य के लिए प्रार्थना करें
1) रूपांतरण के लिए
2) राज्य के लिए
3) व्यक्तिगत विषय के लिए