बाबा हरिवंश तपोभूमि आश्रम

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बाबा हरिवंश तपोभूमि आश्रम 250वर्ष पुराना वटवृक्ष, धार्मिक धरोहर,ब?

Celebrating my 3rd year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉
25/05/2025

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जय जय गोवर्धन गिरधारी 🌺🙏 राधे राधे मित्रों 🙏आप सभी को श्री गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट की हार्दिक बधाई 🌺🙏🌺 प्रभु श्री गिररा...
26/10/2022

जय जय गोवर्धन गिरधारी 🌺🙏
राधे राधे मित्रों 🙏
आप सभी को श्री गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट की
हार्दिक बधाई 🌺🙏🌺
प्रभु श्री गिरराज महाराज हम सभी की समस्त प्रकट की
आपत्तियों से रक्षा करें 🌺🙏🌺
देवी अन्नपूर्णा🌺 हम सभी को धनधान्य
से समृद्ध करें 🌺🙏🌺
यही उस परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना है🌺🙏🌺

🌺राधे कृष्ण 🌺राधे कृष्ण 🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏🌺

🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼धनतेरस की शुभ बेला आप सभी को धन धान्य से परिपूर्ण रखे।🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
22/10/2022

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धनतेरस की शुभ बेला आप सभी को धन धान्य से परिपूर्ण रखे।
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*राम* शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं: 'सुखद' होना और 'ठहर' जाना . जैसे कि अपने मार्ग से भटका हुआ कोई पथिक किसी सुरम्य स्था...
05/10/2022

*राम* शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं: 'सुखद' होना और 'ठहर' जाना . जैसे कि अपने मार्ग से भटका हुआ कोई पथिक किसी सुरम्य स्थान को देखकर 'ठहर' जाता है। हमने 'सुखद' ठहराव का अर्थ देने वाले जितने भी शब्द पढ़े हैं, सभी में *राम* अंतर्निहित है, यथा *आराम, विराम, विश्राम, अभिराम, उपराम, ग्राम*.

अर्थात जो *रमने* के लिए *विवश* कर दे, वह *राम*.

जीवन की आपा धापी में पड़ा *अशांत* मन जिस आनंद दायक *गंतव्य* की सतत तलाश में है, वह गंतव्य है *राम*.

भारतीय मन हर स्थिति में *राम* को *साक्षी* बनाने का आदी है।

दुःख में *हे राम*,

पीड़ा में *अरे राम*,

लज्जा में *हाय राम*,

अशुभ में *अरे राम राम*,

अभिवादन में *राम राम*,

शपथ में *राम दुहाई*,

अज्ञानता में *राम जाने*,

अनिश्चितता में *राम भरोसे*,

अचूकता के लिए *राम बाण*,

मृत्यु के लिए *राम नाम सत्य*,

सुशासन के लिए *राम राज्य*

जैसी अभिव्यक्तियां पग-पग पर राम को साथ खड़ा करती हैं। राम भी इतने सरल हैं कि हर जगह खड़े हो जाते हैं। हर भारतीय उन पर अपना अधिकार मानता है। जिस का कोई नहीं उस के लिए राम हैं- निर्बल के बल राम। असंख्य बार देखी, सुनी व पढ़ी जा चुकी राम कथा का आकर्षण कभी नहीं खोता। राम पुनर्नवा हैं। हमारे भीतर जो कुछ भी अच्छा है, वह राम है। जो शाश्वत है, वह राम हैं।
सब-कुछ लुट जाने के बाद जो बचा रह जाता है, वही तो राम है। घोर निराशा के बीच जो उठ खड़ा होता है, वह भी राम ही है।

आपको तथा आपके प्रिय जनों को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं । श्री राम की कृपा से आपके जीवन में सुख शांति और समृद्धि का सदैव वास हो।

🙏🌹जय सिया राम🌹🙏

🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺शारदीय नवरात्रि सभी का मंगल करे🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
26/09/2022

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शारदीय नवरात्रि सभी का मंगल करे
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धर्म के साक्षात् स्वरूप, ज्योतिष् पीठाधीश्वर एवं द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर, ब्रह्मस्वरूप पूज्यपाद जगतगुरु शंकराचार्य स्व...
11/09/2022

धर्म के साक्षात् स्वरूप, ज्योतिष् पीठाधीश्वर एवं द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर, ब्रह्मस्वरूप पूज्यपाद जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज आज दोपहर 3.30 बजे, 99 वर्ष की आयु में परमब्रह्म में विलीन हो गए।
सनातनी परम्परा के धर्मध्वजा वाहक पूज्यपाद शंकराचार्य जी का चराचर जगत् से महाप्रयाण सत्य ही अपूर्णीय क्षति है।
भावभीनी श्रद्धांजलि, दण्डवत प्रणाम 🙏

*।। भक्तराज हनुमान।।*सुबेल पर्वत पर भगवान् पर्णशय्या पर लेटे हुए थे। सुग्रीव की गोद में उनका सिर था, अंगद-हनुमान चरण दबा...
10/09/2022

*।। भक्तराज हनुमान।।*

सुबेल पर्वत पर भगवान् पर्णशय्या पर लेटे हुए थे। सुग्रीव की गोद में उनका सिर था, अंगद-हनुमान चरण दबा रहे थे, धनुष और तुणीर अगल-बगल रखे हुए थे, लक्ष्मण पीछे की ओर वीरासन से बैठकर भगवान् को देख रहे थे, भगवान् अपने हाथ में बाण लेकर सहला रहे थे।

भगवान् ने चन्द्रमा की ओर देखकर पूछा- ‘भाई ! अपनी-अपनी बुद्धि के अनुसार तुम लोग बताओ कि यह चन्द्रमा में श्यामता कैसी है ?’

सुग्रीव, विभीषण, अंगद आदि ने अपने-अपने भाव के अनुसार उसके कारण बतलाये। सबके पीछे हनुमान ने कहा- ‘प्रभो ! चन्द्रमा आपका सेवक है। आपका भी उस पर अनन्त प्रेम है। वह आपको अपने हृदय में रखता है और आप उसके हृदय में रहते हैं। बस, आप ही चन्द्रमा के हृदय में श्यामसुन्दर रूप से दीख रहे हैं।’

भगवान् हँसने लगे, सबको बड़ी प्रसन्नता हुई।

कह हनुमंत सुनहु प्रभु ससि तुम्हार प्रिय दास।
तव मूरति बिधु उर बसति सोई स्यामता अभास।।

हनुमानजी को तो सर्वत्र भगवान् के ही दर्शन होते थे। चन्द्रमा में उन्होंने भगवान् के दर्शन किये तो इसमें आश्चर्य की क्या बात है ?
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08/09/2022

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19/08/2022

श्री कृष्ण जन्माष्ठमी की हार्दिक शुभकामनाएँ

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02/08/2022

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