Lord Shiv Bhakt

Lord Shiv Bhakt जो समय की चाल हैं, अपने भक्तों की ढाल हैं,
पल में बदल दे सृष्टि को, वो महाकाल हैं।

शिव का अर्थ यद्यपि कल्याणकारी माना गया है, लेकिन वे हमेशा लय एवं प्रलय दोनों को अपने अधीन किए हुए हैं। रावण, शनि, कश्यप ऋषि आदि इनके भक्त हुए है। शिव सभी को समान दृष्टि से देखते है इसलिये उन्हें महादेव कहा जाता है।

🙏जिसने महादेव को जाना हो,वह समस्त विश्व को जानता है सच्ची रूप से।🙏
18/04/2024

🙏जिसने महादेव को जाना हो,
वह समस्त विश्व को जानता है
सच्ची रूप से।🙏

🙏महादेव के चरणों में बैठकर भक्ति का ज्ञान पाते हैं,वह जो शिव को जानता है, उसे जगत सारा समझते हैं।🙏
17/04/2024

🙏महादेव के चरणों में बैठकर
भक्ति का ज्ञान पाते हैं,वह जो शिव को जानता है,
उसे जगत सारा समझते हैं।🙏

🙏तुम्हारे दर पर आकर जो भक्त होते हैं,उनकी हर मनोकामना पूरी होती है तुमसे मिलकर हमेशा।🙏
16/04/2024

🙏तुम्हारे दर पर आकर जो भक्त होते हैं,
उनकी हर मनोकामना पूरी होती है तुमसे
मिलकर हमेशा।🙏

महादेव ही स्वर्ग हैं,महादेव ही मोक्ष हैं
16/04/2024

महादेव ही स्वर्ग हैं,
महादेव ही मोक्ष हैं

🙏शंकर नाम ही काफी है, इस जगत में सुख दुःख का साथी हो,भक्ति की इस राह पर तुम्हारी कृपा हो सदा साथ हो।🙏
15/04/2024

🙏शंकर नाम ही काफी है, इस जगत में सुख दुःख
का साथी हो,भक्ति की इस राह पर
तुम्हारी कृपा हो सदा साथ हो।🙏

भोले तूने तो सारी दुनिया तारी हैं,कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ, कह देचल बेटा आज तेरी बारी हैंजय महाकाल ||
15/04/2024

भोले तूने तो सारी दुनिया तारी हैं,
कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ, कह दे
चल बेटा आज तेरी बारी हैं
जय महाकाल ||

17/11/2021
|| बोलो हर हर महादेव ||
12/04/2021

|| बोलो हर हर महादेव ||

14/08/2020

आदि गुरु शंकराचार्य ने धर्म की हानी रोकने के लिए इस समाज की स्थापना की थी

गोस्वामी समाज को ऋषियों की संतान भी कहा जाता है 10 नाम गोस्वामी समाज के 10 उच्च जातियों के चार अलग-अलग ऋषि है

1.गिरि 2.पर्वत और 3.सागर। इनके ऋषि हैं भ्रुगु।
4.पुरी 5.भारती और 6.सरस्वती। इनके ऋषि हैं शांडिल्य।
7.वन और 8.अरण्य के ऋषि हैं कश्यप।
9.तीर्थ और 10. आश्रम के ऋषि अवगत हैं।
धर्मरक्षकों का संप्रयह दाय है।

आचार्य आदि शंकराचार्य द्वारा संन्यासियों की पहले से चली आ रही परंपरा को जब संगठित किया गया और उसे नाम दिया- दसनामी साधु संघ।

गोस्वामी / गुसाईं समाज एक भारतीय संस्कृति से जुड़ा समाज है इसे दसनाम गुसाईं/गोस्वामी भारतीय उपजाति "गोस्वामी" (मूल रूप से गुसाईं)के समूह से बना यह समाज सम्पूर्ण भारत में फैला है ।सर्वाधिक गोस्वामी समाज के लोग राजस्थान,बिहार,गुजरात,हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में रहते है । इस समाज के साधु भगवा रंग के कपडे पहनते है । कुम्भ मेले में भी शाही स्नान हेतु इन्हे मान्यता है। पूर्व में अधिकतर गोस्वामी समाज के लोग मंदिर में पूजा का कार्य करते थे लेकिन अब गोस्वामी समाज के लोग खेती व प्रशासनिक सेवा,विश्वविधालय प्रोफेसर इत्यादि सेवा में भी कार्यरत है । ये शिव के उपासक होते है ।गोस्वामी समाज भक्ति परंपरा से जुड़ा संप्रदाय हैं इन्होंने भक्ति का अनूठा योगदान दिया है ।माना जाता है कि इन लोगों को मरने के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती हैं। सामान्य रूप से इन्हें ब्राह्मणों के उच्चतर माना जाता है। कहा जाता है कि जगत गुरू ब्राह्मण और ब्राह्मण गुरू साध (साधु/सन्यासी /गुसाईं )।

26/06/2020

महादेव हर महादेव हर 🕉️पूज्य गिरी बापू जी द्वारा गाया गया ये सुंदर भजन 🕉️

🚩 हर हर महादेव 🚩
आप सब एक बार जरूर सुने और शेयर करें।।

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23/06/2020

मेरो भालो महादेव री...

🕉️पूज्य गिरी बापू जी द्वारा गाया गया ये सुंदर भजन 🕉️

🚩 हर हर महादेव 🚩
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