Santmat Sadhana Bhakti

  • Home
  • Santmat Sadhana Bhakti

Santmat Sadhana Bhakti You can message only if you have to hold any important information, otherwise not.

🙏 ॐ श्री सद्गुरवे नमः
🌹 संतमत | साधना | भक्ति | संतवाणी | संतमत-सत्संग
🪷 महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के उपदेश
🎥 संतमत-सत्संग | प्रवचन व भजन
🌼 Santmat Parivar में आपका स्वागत है🙏
✨ Short • Clean • Spiritual 🕉️

संतवाणी — अंतर्मुखी साधना का गूढ़ रहस्यआँखें बंद करने पर सामने अंधकार का एक दायरा दिखाई देता है। यह दायरा कितना बड़ा है,...
04/09/2026

संतवाणी — अंतर्मुखी साधना का गूढ़ रहस्य

आँखें बंद करने पर सामने अंधकार का एक दायरा दिखाई देता है। यह दायरा कितना बड़ा है, कहना कठिन है। इसके भीतर काम, क्रोध, मद, लोभ आदि अनेक विकार भरे हुए हैं।

संतों ने इस अंधकार को पार करने का मार्ग अन्तर्मुखी साधना के रूप में बताया है। किसी शास्त्र में इसका वास्तविक भेद स्पष्ट रूप से प्रकट नहीं है। यह गूढ़ रहस्य केवल संतों के पास है।

भेद यह गुप्त पाना किसी ग्रंथ से,
है असंभव, समझ लो किसी संत से।।

यह ज्ञान बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा है। जो लोग इस रहस्य को जानते हैं, उन्हें इसका अभ्यास करना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात है—करना। केवल जान लेना पर्याप्त नहीं है।

जैसे कोई व्यक्ति बार-बार “पानी, पानी” पुकारता रहे, तो केवल पुकारने से पानी उसके पास नहीं आ जाएगा; जब तक वह पानी लाने का प्रयास नहीं करेगा, उसकी प्यास नहीं बुझेगी। उसी प्रकार भेद जान लेने के बाद भी यदि उसका अभ्यास नहीं किया जाए, तो उस ज्ञान का क्या लाभ?

हाँ, यह भेद किसी अनुभवी और जानकार संत से ही प्राप्त करना चाहिए, क्योंकि सही मार्गदर्शन के अभाव में साधना का गलत तरीका अपनाने से अनर्थ भी हो सकता है।

एक बार मैं गुरु महाराज के साथ रायबरेली गया था। वहाँ एक साधु से भेंट हुई। उनकी आँखें ऊपर की ओर उलट गई थीं और वे सदैव ऊपर ही देखते रहते थे। गुरु महाराज ने कृपापूर्वक उनसे इसका कारण पूछा।

उन्होंने बताया—
“महाराज! मुझे एक साधु ने भौंहों के ऊपर की ओर देखने के लिए कहा था। मैंने कई वर्षों तक उसी प्रकार अभ्यास किया, जिसके कारण मेरी आँखें ऊपर की ओर ही रहने लगीं। अब जब भी देखता हूँ, ऊपर की ओर ही देखता हूँ।”

तब श्री सद्गुरु महाराज ने उन्हें सीधे देखने का सही मार्ग बता दिया। इससे स्पष्ट होता है कि सही ज्ञान और मार्गदर्शन के अभाव में मनुष्य अनजाने में गलत मार्ग भी पकड़ सकता है।

एक बार एक सज्जन आश्रम में आए और उन्होंने गुरु महाराज से निवेदन किया—

“महाराज! मेरी प्राणवायु तो सदैव सुषुम्णा में ही रहती है, लेकिन प्रकाश कहाँ मिलता है?”

गुरु महाराज ने कृपापूर्वक कहा—

“आपकी प्राणवायु ही सुषुम्णा में रहती है; दृष्टि और मन तो सुषुम्णा में नहीं रहते हैं।”

यह सुनते ही वे विद्वान सज्जन तुरंत श्रीचरणों में गिर पड़े और उस गूढ़ भेद को प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करने लगे।

— पूज्यपाद स्वामी श्री श्रीधर दासजी महाराज

यह विचार आपको कैसा लगा कमेंट में जरूर अपना विचार दें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। जय गुरु ।
30/08/2026

यह विचार आपको कैसा लगा कमेंट में जरूर अपना विचार दें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। जय गुरु ।

😮 ज़िंदगी में सुख आए तो खुश...दुःख आए तो टूट जाते हो?रुकिए — यह पढ़ना ज़रूरी है! 👇━━━━━━━━━━━━━━━━━━💡 संतमत कहता है —सुख...
24/06/2026

😮 ज़िंदगी में सुख आए तो खुश...
दुःख आए तो टूट जाते हो?
रुकिए — यह पढ़ना ज़रूरी है! 👇
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
💡 संतमत कहता है —
सुख और दुःख तुम्हारे मालिक नहीं...
बस अतिथि हैं —
आते हैं... और चले जाते हैं! 🚶
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🤔 तो असली ज्ञानी कौन है?
❌ वो नहीं — जो सुख में उछले
❌ वो नहीं — जो दुःख में टूटे
✅ वो — जो दोनों में एक-सा रहे!
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
⚡ एक सच्चाई — याद कर लो:
🌞 दिन हमेशा नहीं रहता
🌙 रात हमेशा नहीं रहती
तो फिर —
😄 सुख हमेशा कैसे रहेगा?
😔 दुःख हमेशा कैसे रहेगा?
संसार परिवर्तनशील है —
यही उसका स्वभाव है। 🌿
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🌹 दोहा — दिल में उतार लो:
"सुख-दुःख आते-जाते रहें,
जैसे दिन और रात।
जो समभाव में रह सके,
वही ज्ञानी विख्यात॥"*
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
⚠️ और यह भी —
"सुख में मत इतराइए,
दुःख में मत घबराय।
प्रभु पर रख विश्वास जो,
वह भवसागर तर जाय॥"* 🙏
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🔥 तो करना क्या है?
दोनों अवस्थाओं में बस —
🧘 धैर्य रखो
😌 संतोष रखो
🙏 प्रभु-स्मरण रखो
यही बुद्धिमानी है।
यही संतमत है।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🌺 संतमत का सार — एक पंक्ति में:
"सुख और दुःख दोनों क्षणिक हैं;
स्थायी है केवल —
आत्मा और परमात्मा का संबंध।" 💫
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🌿 OneTruth
🙏🌹 जय गुरुदेव 🌹🙏

🧘‍♂️ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष संतमत संदेश 🧘‍♂️✨ "बाहर का योग तन सुधारे, भीतर का योग जीवन तारे।" ✨सद्गुरु महर्षि ...
21/06/2026

🧘‍♂️ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष संतमत संदेश 🧘‍♂️

✨ "बाहर का योग तन सुधारे, भीतर का योग जीवन तारे।" ✨

सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज फरमाते हैं कि —

केवल हाथ-पैर हिलाना या शरीर को मोड़ना ही पूरा योग नहीं है।

'योग' का असली अर्थ है — आत्मा का परमात्मा से मिलन।

🌿 आज के दिन महर्षि मेँहीँ जी के ४ मुख्य उपदेश :

🔹01. तन के साथ मन को मोड़ो :
जैसे शरीर के लिए आसन जरूरी हैं, वैसे ही मन को शांत करने के लिए 'मानस जप' और 'ध्यान' जरूरी है।

🔹02. भीतर की यात्रा करो :
ईश्वर बाहर नहीं, तुम्हारे घट (शरीर) के भीतर है।
अंतर्मुखी होकर ही उसे पाया जा सकता है।

🔹03. सदाचार अपनाओ :
योग तब तक सिद्ध नहीं होता जब तक जीवन में पांच नियमों का पालन न हो —
झूठ, चोरी, नशा, हिंसा और व्यभिचार से दूर रहें।

🔹04. सुरत-शब्द योग ही परम योग है :
अंधकार से प्रकाश की ओर और प्रकाश से शब्द (अनहद नाद) की ओर बढ़ना ही सच्चा अष्टांग योग है।

🌸 आइए, आज योग दिवस पर संकल्प लें कि हम शरीर को निरोग रखने के साथ-साथ रोज़ कुछ समय बैठकर 'सत्संग और ध्यान' भी करेंगे।

✨ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! ✨

"शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बाहरी योग (आसन) करो, लेकिन आत्मा को मुक्त करने के लिए आंतरिक योग (सत्संग और ध्यान) करो।"

🙏 जय गुरु महाराज 🙏

🌸✨ जीवन का सबसे बड़ा सत्य ✨🌸जीवन में विरोध करने वाले तो बहुत मिल जाते हैं,लेकिन हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने वाले बहुत...
16/06/2026

🌸✨ जीवन का सबसे बड़ा सत्य ✨🌸

जीवन में विरोध करने वाले तो बहुत मिल जाते हैं,
लेकिन हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने वाले बहुत कम होते हैं। 🤝💖

😊 सुख में साथ देना आसान है,
परंतु 😔 दुःख, संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों में
जो आपका हाथ न छोड़े,
वही वास्तव में अपना कहलाने योग्य है।

━━━━━━━━━━━━━━━

📖 संतमत की दृष्टि से...

संबंधों की मजबूती शब्दों से नहीं,
बल्कि निष्ठा, विश्वास और त्याग से मापी जाती है। 🌿✨

जो व्यक्ति समय, परिस्थिति और स्वार्थ से ऊपर उठकर साथ निभाता है,
वही प्रेम, करुणा और मानवता का सच्चा उदाहरण होता है। 🌹

━━━━━━━━━━━━━━━

इसलिए यह मत देखिए कि आपके विरोध में कितने लोग हैं...

बल्कि यह देखिए कि आपके साथ खड़े रहने वाले कितने सच्चे, दृढ़ और विश्वासयोग्य हैं। 🙏

💎 एक सच्चा साथी, अनेक विरोधियों से अधिक मूल्यवान होता है।

━━━━━━━━━━━━━━━

🙏 सुख-दुख दोनों काल में, जो न छोड़े साथ।
🌹 वही सच्चा हितैषी है, वही अनमोल नाथ॥

🌿 नाता वह मजबूत है, जिसमें हो विश्वास।
✨ आंधी आए या समय, न टूटे उसका पास॥

━━━━━━━━━━━━━━━

यदि जीवन में कोई अपना साथ देता दिखे,
तो उसका सम्मान कीजिए। 🤍

और यदि कोई अपना न दिखे,
तो भी निराश मत होइए...

🌹 सत्यनिष्ठ भक्त का सबसे बड़ा सहारा
🙏 सद्गुरु और परमात्मा ही होते हैं। 🙏

उनका साथ कभी नहीं छूटता,
उनकी कृपा कभी व्यर्थ नहीं जाती। ✨🌺

🌸 One Truth | Santmat 🌸

🙏🌹 जय गुरुदेव 🌹🙏

📢 संतमत साधना भक्ति से जुड़ें (Follow Us):
🟢 व्हाट्सएप चैनल : 👉https://whatsapp.com/channel/0029VaJq4nqJuyAFaHClT145
🔴 यूट्यूब चैनल : 👉 https://youtube.com/
🔵 फेसबुक पेज : 👉 https://www.facebook.com/SantmatSadhanaBhakti
🟠 इंस्टाग्राम : 👉https://www.instagram.com/santmatsadhanabhakti
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

⏳ एक क्षण रुकिए... और स्वयं से पूछिए—क्या सचमुच सुख अधिक पाने में है,या जो प्राप्त है उसमें संतोष अनुभव करने में?आज मनुष...
12/06/2026

⏳ एक क्षण रुकिए... और स्वयं से पूछिए—

क्या सचमुच सुख अधिक पाने में है,
या जो प्राप्त है उसमें संतोष अनुभव करने में?

आज मनुष्य सुविधाओं से घिरा हुआ है,
फिर भी उसके भीतर बेचैनी है।
कारण यह है कि सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं,
बल्कि मन की संतुष्टि में निवास करता है। 🌼

🌿 जब मन से—

❌ लालच समाप्त हो जाता है,
❌ ईर्ष्या विलीन हो जाती है,
❌ असंतोष शांत हो जाता है,
❌ और दूसरों से तुलना करने की आदत छूट जाती है,

✨ तब जीवन की साधारण-सी परिस्थितियाँ भी आनंद का स्रोत बन जाती हैं।
🌼 क्योंकि सुख बाहर नहीं, संतुष्ट मन के भीतर खिलता है। 🌼

📖 चिंतन योग्य दोहा 📖

🌺 संतोषी हर हाल में, रहता सदा प्रसन्न।
🌺 मन में जिसके शांति है, वही सुखी है जन॥ 🙏

💫 सत्य यह है—

धन सुविधाएँ दे सकता है,
परन्तु शांति नहीं।

पद प्रतिष्ठा दिला सकता है,
परन्तु संतोष नहीं।

सच्चा सुख वहीं जन्म लेता है,
जहाँ इच्छाओं की आग शांत होकर
संतोष का दीपक जल उठता है। 🪔✨

🌼 जिसने संतोष का अमृत चख लिया,
उसने जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति प्राप्त कर ली। 🌼

❤️ आपके विचार में सच्चा सुख किसमें है—
अधिक पाने में या संतोष में?

👇 अपने विचार अवश्य लिखें।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━
📢 संतमत साधना भक्ति से जुड़ें:
🟢 WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaJq...

🔴 YouTube: https://youtube.com/...

🔵 Facebook: https://www.facebook.com/SantmatSadha...

📷 Instagram: https://www.instagram.com/santmatsadh...
━━━━━━━━━━━━━━━━━━

💌 यह संदेश उस व्यक्ति तक ज़रूर पहुँचाएँ जो भीतर की शांति, संतोष और सच्चे सुख की तलाश में है। 🌿✨

🌿✨ #संतोष #आत्मिकसुख #सद्विचार #जीवनज्ञान ✨🌿

10/06/2026

"अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तो फोकस अपने काम पर करो, लोगों की बातों पर नहीं.!!"

🔥 रुकिए... एक सवाल! 🔥अगर धन ही सुख देता है, तो अमीर लोग भी परेशान क्यों हैं?और अगर दुःख हमेशा रहता है, तो बुरे दिन भी आख...
09/06/2026

🔥 रुकिए... एक सवाल! 🔥

अगर धन ही सुख देता है, तो अमीर लोग भी परेशान क्यों हैं?
और अगर दुःख हमेशा रहता है, तो बुरे दिन भी आखिर बदल क्यों जाते हैं?

संत सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज कहते हैं—

✨ सुख और दुःख दोनों मेहमान हैं।
न सुख हमेशा रहता है, न दुःख।

🌞 दिन के बाद रात आती है,
🌙 रात के बाद फिर दिन।

इसी तरह...

💰 धन आया — तो चिंता आई।
💸 धन गया — तो दुःख आया।

फिर सच्चा सुख कहाँ है?

👉 न धन में...
👉 न पद में...
👉 न संसार की प्रशंसा में...

✅ सच्चा सुख आत्मा की पहचान में है।
✅ सद्गुरु की शरण में है।
✅ परमात्मा के स्मरण में है।

सूरदास जी ने चेताया—

"सम्पदा और आपदा, किसी पर भरोसा मत करो; दोनों टिकने वाली नहीं हैं।"

💡 याद रखिए:
जिस बात पर आज आप बहुत दुःखी हैं, हो सकता है कुछ समय बाद वही बात आपको महत्वहीन लगे।

🌺 इसलिए परिस्थितियों को नहीं, परमात्मा को पकड़िए।
बाकी सब बदलने वाला है...

🙏 क्या आप मानते हैं कि धन से अधिक मन की शांति जरूरी है?
हाँ / नहीं — कमेंट में जरूर बताइए।

🍁🙏 जय गुरु महाराज 🙏🍁

🌟✨ आज का दिव्य प्रसंग ✨🌟━━━━━━━━━━━━━━━━━━🪷 पूज्यपाद महर्षि संतसेवी परमहंस जी महाराज की वाणी━━━━━━━━━━━━━━━━━━🔥 एक सवाल ...
08/06/2026

🌟✨ आज का दिव्य प्रसंग ✨🌟
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🪷 पूज्यपाद महर्षि संतसेवी परमहंस जी महाराज की वाणी
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🔥 एक सवाल — सोचिए ज़रा...
👉 जो भगवद्-भजन करेंगे...
👉 सत्संग करेंगे...
वे चौरासी लाख योनियों में क्यों जाएंगे?
💫 वे तो अंततः प्रभु में ही मिलेंगे!
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🔥 एक अँगीठी की कहानी...
(ध्यान से पढ़िए — यह आपकी कहानी भी है!)
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
एक अँगीठी थी।
उसमें सारे कोयले —
🔴 दहक रहे थे...
🔴 लाल-लाल हो रहे थे...
तभी एक कोयले ने सोचा —
"सबके साथ क्यों रहूँ?
अलग होकर अपना प्रभाव डालूँगा!" 🤔
और वो... अँगीठी से कूद गया।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
⏳ फिर क्या हुआ?
🔴 कुछ देर — लाली रही
🌡️ कुछ देर — गर्मी रही
फिर धीरे-धीरे...
❌ लाली खत्म हो गई
❌ गर्मी समाप्त हो गई
⚫ कोयला — काला ही रह गया।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
💡 यही सत्य है जीवन का —
✅ जो सत्संग के माहौल में रहता है —
वह लाल-ही-लाल बनकर...
एक दिन परम लाल — परमात्मा को पा लेता है! 🙏
❌ जो अधूरा साधक अलग हो जाता है —
कुछ दिन लाली रहती है...
फिर माया पकड़ लेती है...
और मन — कोयले की तरह काला बन जाता है। 😔
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
📜 संत तुलसी साहब फरमाते हैं:
"सखी सीख सुनि गुनि गाँठि बाँधौं।
ठाठ ठट सत्संग करै।।
जब रंग संग अपंग आली री।
अंग सत मत मन मरै।।"*
🌿 सत्संग करते-करते ही —
सत्संग का रंग लगेगा...
और जो मन विषयों में भागता था —
वह मुड़ जाएगा!
विषय से — निर्विषय की ओर! ✨
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
📜 गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं:
"सठ सुधरहिं सत्संगत पाई।
पारस परसि कुधातु सोहाई।।"
💎 अर्थ:
जैसे पारस छूने से लोहा सोना बन जाता है —
वैसे ही सत्संग पाकर मूर्ख भी सुधर जाता है!
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
🙏🌸 जय गुरु महाराज 🌸🙏
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
💌 इसे उन्हें भेजो — जिन्हें सत्संग की ज़रूरत है।

Address


812002

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Santmat Sadhana Bhakti posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Santmat Sadhana Bhakti:

Shortcuts

  • Want your place of worship to be the top-listed Place Of Worship?

Share