27/08/2026
*🍁रक्षा बंधन रक्षा सूत्र (राखी) बांधने की विधि एवं मंत्र 🍁*
*श्रावण पूर्णिमा का उजाला अपने साथ भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन लेकर आता है। 28 अगस्त शुक्रवार के दिन यह पावन त्योहार बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह केवल एक रेशमी धागा बांधने का नियम नहीं, बल्कि दो दिलों के आत्मीय रिश्ते का पर्व है।*
*इस विशेष दिन को और भी स्मरणीय व शास्त्रसम्मत बनाने के लिए जानिए राखी बांधने की सबसे सुंदर और शास्त्रीय विधि:-*
*थाली का श्रृंगार*
सुबह के सुरम्य वातावरण में स्नान-ध्यान के बाद ईश्वर का आशीर्वाद लें। इसके बाद एक सुंदर थाल में रोली, हल्दी, अक्षत (चावल), जगमगाता दीपक, ताजी मिठाइयां, नारियल, सवा रुपया और मनभावन राखियां सजाएं। थाल की विधिवत पूजा करके इस उत्सव का शुभारंभ करें।
*तिलक और कलाई पर रक्षा सूत्र*
* भाई को पूर्व दिशा की ओर मुख करके लकड़ी के आसन (पाट) पर बिठाएं और उनके सिर पर सम्मानपूर्वक रुमाल या टोपी रखें।
* भाई की हथेली में नारियल और सवा रुपया देकर उनके माथे पर कुंकु, हल्दी और अक्षत से दीप की छांव में मंगल-तिलक लगाएं।
* शुभ मुहूर्त में भाई की दाहिनी कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बांधें।
*📿 मंत्रोच्चार 📿*
राखी बांधते समय इस कल्याणकारी मंत्र का उच्चारण करें, जो हर विपत्ति से रक्षा करता है:-`
*येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।*
*तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल।।*
*🍨 आरती, मिठाई और शुभाशीष 🍨*
राखी बांधने के बाद भाई का मुंह मीठा कराएं। फिर कलश के जल से उनके चारों ओर आभामंडल बनाते हुए आरती उतारें और दिल से उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य व सफलता की कामना करें।
* उपहार और सम्मान का भाव *
उत्सव के अंतिम चरण में भाई अपनी बहन को यथाशक्ति सामर्थ्य अनुसार भेंट (उपहार या नकद राशि) समर्पित करते हैं और बहन के चरण स्पर्श कर उनसे जीवनभर स्नेह व मार्गदर्शन का आशीर्वाद लेते हैं।
🪔श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर 🪔
बलराज सहाय मार्ग जेल रोड प्रतापगढ़