श्री श्री १०८ श्री बाबा हरिगिरि धाम

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श्री श्री १०८ श्री बाबा हरिगिरि धाम Please go through the link http://www.begusaraiheritage.com/pages/arcsites6.html The temple is about 6-7 KM away from famous Kanwar Lake Bird Sanctuary.

Shri Hari Giri Dham is an ancient (recorded past a P**l Dynasty) temple devoted to lord Shiva. It is situated about 2 KM west from Gadhpura Railway station (linking Khagaria Jn to Samastipur Jn).

🔥 “जब मदारी बनकर शिव आए अयोध्या… और बाल राम ने गले लगा लिया हनुमान को!” 😲🔱अयोध्या की पावन धरती… जहाँ हर कण में भक्ति बसत...
19/05/2026

🔥 “जब मदारी बनकर शिव आए अयोध्या… और बाल राम ने गले लगा लिया हनुमान को!” 😲🔱

अयोध्या की पावन धरती… जहाँ हर कण में भक्ति बसती है, हर गली में प्रेम बहता है।
उस दिन कुछ अलग ही था… कुछ दिव्य, कुछ अद्भुत, कुछ ऐसा—जिसे देखकर स्वयं देवता भी मुस्कुरा उठें।
प्रातःकाल का समय था।

अचानक अवध की गलियों में एक अनोखी ध्वनि गूंज उठी—डमरू की मधुर थाप…
“डम-डम… डम-डम…”
लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलने लगे।
बच्चे दौड़ पड़े, स्त्रियाँ चौखट पर आ खड़ी हुईं, और पूरा नगर कौतूहल से भर उठा।

सबकी निगाहें उस दिशा में टिक गईं—
जहाँ एक साधारण-सा मदारी लाठी और डमरू लिए खड़ा था…
पर उसकी आँखों में कोई साधारण चमक नहीं थी…
वह थे स्वयं भगवान शिव — अपने आराध्य के दर्शन के लिए लीला रचते हुए।

उनके साथ था एक छोटा-सा, चंचल, तेजस्वी वानर—
जो कोई और नहीं, बल्कि बाल रूप में हनुमान थे।
मदारी रूप में शिव ने डमरू बजाना शुरू किया…
और बाल हनुमान अद्भुत नृत्य करने लगे।

उनकी हर छलांग, हर मुद्रा में ऐसी ऊर्जा थी कि पूरा अयोध्या मंत्रमुग्ध हो उठा।

राजमहल तक यह समाचार पहुँचा।
राजा दशरथ और माता कौशल्या स्वयं उस दृश्य को देखने आए।
वे करबद्ध होकर उस लीला को निहारने लगे—जैसे हृदय स्वयं भक्ति में झुक गया हो।

उसी समय…
छोटे से बालक, कोमल हृदय वाले भगवान राम वहाँ आए।
जैसे ही उनकी दृष्टि उस नन्हे वानर पर पड़ी…
कुछ हुआ… जो शब्दों में नहीं बंध सकता।
राम लला अचानक दौड़ पड़े—
राजसी मर्यादा, शाही अनुशासन… सब भूलकर…
सीधे उस छोटे से हनुमान की ओर।

और फिर—
एक ऐसा क्षण आया, जिसने सृष्टि को धन्य कर दिया…
राम ने हनुमान को अपने हृदय से लगा लिया। ❤️
न कोई परिचय…
न कोई संवाद…
बस आत्मा का आत्मा से मिलन।
हनुमान भी उस प्रेम में डूब गए—
जैसे उन्हें अपना सब कुछ मिल गया हो।
यह दृश्य देखकर
माता कौशल्या की आँखें भर आईं…
राजा दशरथ स्तब्ध रह गए…
और वहाँ खड़े मदारी…
यानी स्वयं भगवान शिव…
बस मंद-मंद मुस्कुराते रहे।
क्योंकि वे जानते थे—
यह कोई साधारण मिलन नहीं…
यह हरि और हर का दिव्य बंधन था।
उस दिन अयोध्या की मिट्टी धन्य हो गई…
वह गली पावन हो गई…
और सृष्टि को मिल गया—
भक्ति, प्रेम और समर्पण का सबसे सुंदर उदाहरण। ✨
🌿

संदेश:
सच्चा प्रेम परिचय नहीं देखता…
वह सीधे हृदय से जुड़ता है।
राम और हनुमान का यह प्रथम मिलन हमें सिखाता है—
कि जहाँ भक्ति है, वहाँ स्वयं भगवान दौड़े चले आते हैं।

#जयश्रीराम #जयहनुमान #शिवलीला #रामहनुमानमिलन #भक्ति #सनातनधर्म #आध्यात्मिककथा #हिंदूकथा

19/05/2026

18/05/2026

#माँ #माँकाप्यार #मातृत्व #वात्सल्य

प्रयागराज में गंगा और यमुना के संगम क्षेत्र के नीचे वैज्ञानिकों को एक विशाल प्राचीन नदी का प्रमाण मिला है।CSIR के  (NGRI...
17/05/2026

प्रयागराज में गंगा और यमुना के संगम क्षेत्र के नीचे वैज्ञानिकों को एक विशाल प्राचीन नदी का प्रमाण मिला है।
CSIR के (NGRI) के शोधकर्ताओं ने ड्रिलिंग और भू-भौतिकीय सर्वे के जरिए जमीन के अंदर छिपे इस पुराने नदी मार्ग की पहचान की है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्राचीन नदी: ▪️ करीब 4 से 5 किलोमीटर चौड़ी थी
▪️ लगभग 45 किलोमीटर तक फैली मिली
▪️ जमीन से 10-15 मीटर नीचे मौजूद है
शोध में सामने आया कि कभी गंगा और यमुना के बीच से एक विशाल जलधारा बहती थी। अब इस खोज को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई लोग इसे पौराणिक सरस्वती नदी से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि वैज्ञानिक अभी इसे “पेलियो चैनल” यानी प्राचीन नदी मार्ग ही मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज सिर्फ इतिहास और पुरातत्व के लिए ही नहीं, बल्कि भूजल संरक्षण, नदी प्रबंधन और गंगा सफाई अभियान के लिहाज से भी बेहद अहम साबित हो सकती है।

24/04/2026

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24/04/2026

#दैवीय_शक्तियाँ

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