सनातन संस्कृति

सनातन संस्कृति आर्यवर्त की संस्कृति। शास्त्रों वेदों के अनुसार आर्यवर्त की संस्कृति व उनका महत्व।

What nehru did were responsibilities of PMO India nothing special,what about blunders nehru made which are the worstever...
05/09/2025

What nehru did
were responsibilities of PMO India nothing special,what about blunders nehru made which are the worstever headaches of entire Nation viz.kashmir&UN, panchsheel,Sindh water treaty,ignoring updation of armed forces,china defeated&encroached>
45000sqkm area,UNSC seat

जिस देश की भूमि पर कबूतर के प्राण की रक्षा के लिए अपने शरीर का मांस उतारकर तौल दिया जाता था गौ रक्षा के लिए राजा स्वयं व...
14/11/2024

जिस देश की भूमि पर कबूतर के प्राण की रक्षा के लिए अपने शरीर का मांस उतारकर तौल दिया जाता था गौ रक्षा के लिए राजा स्वयं व्याघ्र जैसे हिंसक पशुओं का ग्रास बन जाया करते थे आज उस देश को मांस की बिक्री में विश्व के तीसरे स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया गया है इसका कारण चमड़े से जुड़ा हुआ उद्योग भी है जिसका एक बड़ा हिस्सा कर (टैक्स) के रूप में सरकारी कोष में जाता है इसलिए गौ हत्या के लिए बूचड़खाने का लाइसेंस मिला हुआ है।

08/10/2024

केरल की बाढ़ पर पेटीएम तुरंत डोनेशन अभियान शुरु कर देता है, शिमला मनाली की बाढ़ पर हैशटैग चलने लग जाते हैं, उत्तराखंड की बाढ़ पर मोदी स्वयं ट्वीट करते हैं, और बिहार की बाढ़??

बिहार की बाढ़ पर छपता है एक नोटिस, जिसे किसी पीली सरकारी ईमारत पर चिपका दिया जाता है। उस नोटिस पर लिखा होता है कि नेपाल ने भारी मात्रा में पानी छोड़ा है, जनमानस से अपील है, किसी ऊंची जगह पर चले जाएं। कहां जाएं ये नहीं लिखा होता है! कैसे जाएं ये भी नहीं लिखा होता है! और गाय, बछड़ों, बच्चों का क्या करें ये भी नहीं लिखा होता उस नोटिस में।

हर साल हम जाते हैं, किसी ऊंची जगह पर, माड़ भात खाने को, बिना शिकायत अपनी झोपड़ी बहते देखते हैं हर साल। अगली बार से नहीं आएगा पानी, ये सोचकर दो महीने काटते हैं।

हमने सीख लिया गंगा और कोसी के शोक के साथ जीना! बाढ़ हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है।

बिहार की बाढ़ में शायद वो ग्लैमर नहीं है, इसलिए ज्यादा चर्चा नहीं होती।

डॉ. तन्मय कुंज

09/01/2021

भारत के लिए गौरव का पल 4 जनवरी 2021 को इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ भारत के लिए ये ऐतिहासिक पल...

06/01/2021

अपने बच्चियों को मुस्लिमों के दुकान पर ना भेजें 👉ऐसे जालीदार टोपी पहनने वाले दिखावे के लिए पांच बार नमाज भी पढ़ने जाते हैं और खुद को सच्चा मुसलमान भी बताते हैं.. ऐसे लोगों को भी इनकी कम्युनिटी का सपोर्ट होता है तभी इन पर कभी कार्रवाई नहीं होती🤬

03/12/2020

एकबात तो है भाजपा के खिलाफ़ होने वाले उपद्रवों(जिन्हें आंदोलन कहा जाता है) में भीड़ चाहे लाख लोगों की हो या दो लाख की, राशन की कमी कभी नहीं होती।

दुनिया के इतिहास का अध्ययन कीजिए आप पाएँगे आंदोलनकारी भूख हड़ताल करते हैं लेकिन भाजपा के खिलाफ़ होने वाले तमाम आंदोलनों को देखिए छोले-भटूरे, बिरियानी,लस्सी,चाय-कॉफी की नदियां तो बहती ही हैं लेकिन साथ ही राग-रंग के कार्यक्रम भी होते हैं।

शाहीनबाग में तो हद ही हो गयी थी, यह भी वैसा ही मज़ेदार आन्दोलन हो गया है। और भारत का किसान अब ग़रीब नहीं रहा, वह फोर व्हीलर्स रखता है, 6-6 महीने का राशन ट्रकों में लादकर आंदोलन करने लगा है।

अच्छा लग रहा है कि भूखे लोगों के पास इतने अनाज़ हैं कि वे साल भर तक दिल्ली के बाहर डेरा डालने की बात कर रहे हैं।

अब ज़रूरी बात, भाजपा और अमित शाह को काँग्रेस और कपिल सिब्बल से राय लेनी चाहिए कि ऐसे में वे कैसे 'कुचल' देते थे।

मैं हंड्रेड परसेंट कन्फर्म हूँ कि काँग्रेस की सरकार होती तो खालिस्तानी बयान के आलोक में इस आंदोलन को शासकीय ट्रिक से तोड़ दिया जाता। भाजपा को अभी शासन के कुछ गुण और सीखने हैं। मुझे याद है सन् 2001 में वाजपेयी जी ने कहा था हमें शासन करना नहीं आता। शासन तो काँग्रेस करती है।

अब समझ पा रहा हूँ कि उनका क्या मतलब था। भाजपा को इस तरह के ट्रिकी आंदोलनों को हैंडल करना सीखना होगा। भाजपा रोज़ ही सीखने वाली पार्टी है,उम्मीद है शाहीनबाग-2 को गम्भीरता से लेकर भाजपा इस ओर ध्यान देगी।

*किसी भी आतंकवादी की चड्डी उतार कर देख लेना मजहब कटा हुआ ही मिलेगा......😂😂😂*

*इसलिए ही कहते है वो , आतंकवादी का कोई मजहब नहीं होता..!!*

*पुराना बस अड्डा गाजियाबाद में दुकानदार है मंजूर अली और दुकान पर बोर्ड लगाया है न्यू अग्रवाल पनीर भंडार। इसे अग्रवाल समाज नें लीगल नोटिस भेजा है।*

*ताहिर हुसैन नें दुकान पर बोर्ड लगा रखा है लालाजी पनीर भंडार।*

*नाम बदलकर महिलाओं का शोषण करने के बाद होटलों,दुकानों के नाम बदलकर जिहाद!*

03/12/2020

12 जनवरी 1998 ... कांग्रेस राज में भी किसानों ने अपनी खराब स्थिति को लेकर एक किसान आंदोलन किया था।
लेकिन कांग्रेस ने किसानों से बात ना कर उन पर क्या किया। आप खुद देखो।👇
सिर्फ 300 गोलियां चली 27 किसानों की मौत हुई और आंदोलन खत्म हो गया

कुछ शतक पहले के इस देश के इतिहास को हम देखते हैं तो पाते हैं कि म्लेच्छों ने इस देश की महिलाओं को अन्य देशों में दासी बन...
21/11/2020

कुछ शतक पहले के इस देश के इतिहास को हम देखते हैं तो पाते हैं कि म्लेच्छों ने इस देश की महिलाओं को अन्य देशों में दासी बनाकर बेचा है। आज अक्सर यह लीपापोती सुनने को मिलती है कि यह तो उस समय के सुल्तानों का किया हुआ था।

इस विडियो की लिंक को देखें
https://youtu.be/t4uXf22tLoI
पाकिस्तान का विडियो है। वहाँ उन्हें किसी हिन्दू व्यूअरशिप का लिहाज नहीं करना होता,बिंधास सच बोल देते हैं।

साफ है कि यह तो मूल किताबी इन्सट्रक्शन है,सुलतानों के मनमानी का मामला नहीं,उन्होने भी किताबी इन्सट्रक्शन को ही फॉलो किया है।
और जरूर देखिएगा किस ढीठाई से वो "रिलीजस स्कॉलर" युद्ध के बाद जिनसे युद्ध किया हो इनकी महिलाओं को यूं ही मार डालना या बेचना,अपने घर दासी बनाना या भोगदासी बनाना और उसमें उनकी इच्छा का कोई प्रश्न ही न होना यह सब किताब के अनुसार जायज है यह स्पष्ट कर देता है और पूछता भी है कि जो किताब में है उसपर सवाल उठानेवाले आप होते कौन हो ? और भी दो तीन 'विद्वान उलेमा' जुडते हैं जो इसी बात का समर्थन करते हैं कि जंग में यह जायज है।

मुद्दा उठाने का कारण इतना ही है कि आप के एरिया में जो भी गजवा ए हिन्द का सपना पाले है उसमें से किसी के तो सपने का हिस्सा आप की बहन, पत्नी और बेटी हो सकती है। उसके ज़िंदगी में यह सपना सच न हो तो वो यह सपना अगले पीढ़ी को विरासत में दे जाएगा, क्योंकि उसेभी यह सपना विरासत में मिला है।

हमारे सामने प्रश्न इतना ही है, कि जब हमें यह सच्चाई पता चली है तो क्या अपनी अगली पीढ़ी को यह खतरा विरासत में देना सही है ? कम से कम इस खतरे की जानकारी तो दे दीजिये ।

वैसे मन करता है कि इन जिहादिनी पत्रकारिणियों से पूछूं कि आप जोFOEके लिए दहाड़े मारती हो, आप के दीन के इस पहलू पर आप को क्या कहना है ? क्या आप के परिचित या खुद को आप की शिष्या माननेवाली किसी काफिरन पर ऐसा समय आयेगा तो क्या आप उनके लिए लड़ेंगी या उनको कहेंगी कि कन्वर्ट हो जा कहीं मिली तो अवश्य पूछूंगा।

आप से इतना ही कहना है कि इनकी असलियत तो पता चल गयी, अब इनकी वकालत करनेवाले लाल बंदरों को पूछिए काफी मनोरंजन होगा यदि 4लोगों के बीच पूछेंगे।

पोस्ट को शेयर करने की जगह आप अगर उसे कॉपी पेस्ट करेंगे और विडियो की लिंक उसमें देंगे, या विडियो डाउनलोड कर के यह पोस्ट और विडियो अधिकाधिक परिचितों को व्हाट्सएप्प करेंगे तो अधिक बेहतर होगा

19/11/2020

Highly sensitive content- Not For Kids

सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे, चारों पेले गए देखते देखते !क्या बताये कहाँ पड़ी गोली उन्हें,
जहन्नुम निकले सेंकते सेंकते! 11Ak,29 Gr***de aur RDX Lekar Aaye Jaish—E-Mohammed Ke 4 Aatanki Ki %*%* # Ho Gayi.


16/11/2020

आज बलि प्रतिपदा :

बलि विरोचन के पुत्र तथा प्रह्लाद के पौत्र थे और एक दयालु असुर राजा के रूप में विख्यात थे। यह भी कहा जाता है कि अपनी तपस्या तथा ताक़त के माध्यम से बलि ने त्रिलोक पर आधिपत्य हासिल कर लिया था।

वामन, एक बौने ब्राह्मण के वेष में बलि के पास गये और उनसे अपने आश्रम के लिए तीन कदम के बराबर भूमि देने का आग्रह किया। उनके हाथ में एक लकड़ी का छाता था। गुरु शुक्राचार्य के चेताने के बावजूद बलि ने वामन को वचन दे डाला।

फिर वामन ने अपना आकार इतना बढ़ा लिया कि, पहले ही कदम में पूरा भूलोक (पृथ्वी) नाप लिया। दूसरे कदम में देवलोक नाप लिया। इसके पश्चात् ब्रह्मा ने अपने कमण्डल के जल से वामन के पाँव धोये। इसी जल से गंगा उत्पन्न हुयीं। तीसरे कदम के लिए कोई भूमि बची ही नहीं।

वचन के पक्के बलि ने तब वामन को तीसरा कदम रखने के लिए अपना मस्तक प्रस्तुत कर दिया। वामन बली की वचनबद्धता से अति प्रसन्न हुये। चूँकि बलि के दादा प्रह्लाद विष्णु के परम् भक्त थे, वामन (विष्णु) ने बलि को पाताल लोक देने का निश्चय किया और अपना तीसरा कदम बलि के सिर पर रखा। जिसके फलस्वरूप बलि पाताल लोक में पहुँच गये। विष्णु अपने विराट रूप में प्रकट हुये और राजा को #महाबली की उपाधि प्रदान की, क्योंकि बलि ने अपनी #धर्मपरायणता तथा #वचनबद्धता के कारण अपने आप को महात्मा सिध्द कर दिया था।

#दान लेना तो आसान होता है, लेकिन दान लेने वाले को दान देनेवाले का बदला भी चुकाना ही पड़ता है। इस दान का बदला चुकाने के लिए भगवान विष्णु राजा बलि के द्वारपाल हो गए !

जिन्हे छुडाने के लिए लक्ष्मी माता को भी पाताल लोक में आकर महात्मा बलि की दासी बनना पडा। भाई दूज यानी आज ही के दिन माता लक्ष्मी ने महात्मा बलि से दान स्वरुप में अपने पति भगवान विष्णु को पुनः प्राप्त किया।

बोध :
आप दान देना सीखो, जो कुछ आप के पास अच्छा है दूसरे को देना सीखो तो सुयश सफलता अपने आप आ जाएगी।

महात्मा बलि राजा की जय हो।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय्।

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