08/10/2024
केरल की बाढ़ पर पेटीएम तुरंत डोनेशन अभियान शुरु कर देता है, शिमला मनाली की बाढ़ पर हैशटैग चलने लग जाते हैं, उत्तराखंड की बाढ़ पर मोदी स्वयं ट्वीट करते हैं, और बिहार की बाढ़??
बिहार की बाढ़ पर छपता है एक नोटिस, जिसे किसी पीली सरकारी ईमारत पर चिपका दिया जाता है। उस नोटिस पर लिखा होता है कि नेपाल ने भारी मात्रा में पानी छोड़ा है, जनमानस से अपील है, किसी ऊंची जगह पर चले जाएं। कहां जाएं ये नहीं लिखा होता है! कैसे जाएं ये भी नहीं लिखा होता है! और गाय, बछड़ों, बच्चों का क्या करें ये भी नहीं लिखा होता उस नोटिस में।
हर साल हम जाते हैं, किसी ऊंची जगह पर, माड़ भात खाने को, बिना शिकायत अपनी झोपड़ी बहते देखते हैं हर साल। अगली बार से नहीं आएगा पानी, ये सोचकर दो महीने काटते हैं।
हमने सीख लिया गंगा और कोसी के शोक के साथ जीना! बाढ़ हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है।
बिहार की बाढ़ में शायद वो ग्लैमर नहीं है, इसलिए ज्यादा चर्चा नहीं होती।
डॉ. तन्मय कुंज