17/06/2022
ॐ- विद्या बुद्धि और समृद्धि की देवी (कवियावाली मां) मां सरस्वती की पिछले सप्ताह आह्वाहन कर उनका आदेश पाकर समस्त ग्रामवासी एवं श्रद्धालु आज दिनांक17/06/2022 को महा पंडित, कुल पुरोहित की उपस्थिति में विपिन प्रसाद सिंह के द्वारा मां सरस्वती मंदिर नवनिर्माण हेतु शास्त्रानुसार नियत समय पर भूमि पूजन संपन्न हुआ ।इस समय समस्त ग्रामवासी उपस्थित होकर ,मां के दरबार में अपना अपना दक्षता प्रदान किए।
ॐ- (कवियावाली मां) कविया मां सरस्वती मंदिर नव निर्माण हेतु जो व्यक्ति अपना सहयोग करना चाहते हैं, वह अपने आवश्यकता अनुसार संपर्क साध सकते हैं। उन पर मां सरस्वती का आशीर्वाद सदैव बना है, बना रहेगा।
ॐ- आपको बता दें कि कवियावाली मां सरस्वती की कृपा महिमा बहुत बड़ी है। इनकी दरबार से कभी कोई खाली नहीं जाता, सदियों से चली आ रही प्रथा, जो बुजुर्गों ने बताया है ।मां अपने मंदिर में साक्षात विराजमान हैं, जो सच्चे हृदय से शालीनता से नतमस्तक होकर कुछ मांगता है ।उनकी मुराद अवश्य पूरी होती है। एक बात और है ,की दशकों से मां सरस्वती मंदिर निर्माण सोचा जा रहा था ,लेकिन 2022 में मां के स्वयं आह्वान पर निज वसंत पंचमी में आकाश्मिक घटनाक्रम में मंदिर की क्षति को देखते हुए फैसला समस्त ग्राम वासियों ने लिया।और भव्य मंदिर नव निर्माण हेतु कार्य का आरंभ आज दिनांक17/06/2022 को भूमि पूजन के रूप में किया गया।।
ॐ- माना जा रहा है,कि साल 2026 तक कविया में मां भक्तों के लिए मां सरस्वती की दर्शन की व्यवस्था नवनिर्मित मंदिर में हो पाएगा। तब तक मां का पुरानी मंदिर में अपने स्थान पर ही विराजमान रहेगा और मां की पूजा अर्चना होता रहेगा।।
"मां"- वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ॥'
- अर्थातः अक्षर, शब्द, अर्थ और छंद का ज्ञान देने वाली भगवती सरस्वती तथा मंगलकर्ता विनायक की मैं वंदना करता हूं!!