03/09/2025
~ मकरध्वज जयंती महोत्सव- 6 व 7 सितम्बर 2022 -भाद्रपद पूर्णिमा~
#सर्व_पितृ_दोष_शांति_यज्ञ #दीपदान_समारोह_
"पितृ पक्ष" का शुभ-आगमन हो रहा है, भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर अश्विन मास की अमावस्या तक का समय श्राद्ध पक्ष " पितृ पक्ष " कहलाता है। इन 16 दिनों में पितरों की आत्मा की शांति के लिए हवन, तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि किया जाता है।
पित्र दोष का घर-परिवार पर बहुत प्रभाव प्रभाव पड़ता है ! पितृ दोष के कारण व्यक्ति को बहुत से कष्ट उठाने पड़ सकते हैं, जिनमें विवाह ना होना , विवाहित जीवन में कलह, परीक्षा में बार-बार असफल होना, नशे का आदत पड़ना, नौकरी का ना लगना या बार बार छूट जाना, गर्भपात होना या गर्भधारण की समस्या, अकाल मृत्यु होना या फिर मंदबुद्धि बच्चे का जन्म होना, निर्णय क्षमता का कमजोर होना, अनावश्यक क्रोध आना, गृह क्लेश रहना, गुप्त रोग या रहस्यमय बीमारी होना, घर मे दूध, पुत्र ओर धन की कमी का कारण पितृ दोष है !
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* 6 सितंबर शनिवार को शाम 5 बजे दीप-प्रज्वलन एवं साधना समागम एवं इस मौके पर मंदिर को आकर्षक सजावट एवं रौशनी के साथ भगवान मकरध्वज बालाजी की प्रतिमा का सुन्दर श्रंगार किया जायेगा !
* नाथ सिद्ध पीठ - मकरध्वज बालाजी धाम , बलाड रोड , ब्यावर - अजमेर
* 7 सितम्बर रविवार को भाद्रपद पितृ पूर्णिमा ~ मकरध्वज जयंती पर्व हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्षोल्लास से मनाया जायेगा ! कार्यक्रम :--
1 )- सुबह 9 बजे पितृ गायत्री जाप !
2 )- दिन में 10 बजे पित्तरो की शांति के लिए "पितृ दोष शांति हवन तर्पण एवं पितृ भोग अर्पण "
नोट :- हवन में सम्मिलित होने वाले महानुभाव अपने घर से 100 ग्राम चावल , इत्र की शीशी 1 , नारियल 1 , 250 ग्राम पतासे को 3 मीटर सफ़ेद सूती वस्त्र में बांध-कर ( पोटली बनाकर ) साथ लाये , हवन पूजन की शेष सामग्री एवम भोजन व रहने की व्यवस्था धाम ट्रस्ट की ओर से की जाएगी !
3) सुबह 11 बजे पूर्वाचार्यो की मंत्रोच्चार से समाधि-स्थल पर पूजा अर्चना एवं नाथ सिद्धो की स्तुति वंदना
4 ) - सुबह 3 बजे अनुभूत साधना महोत्सव :- #गुरु_दीक्षा
5 )- दिन 4 बजे जन हितकारी सुगम तंत्र प्रयोग , पितृ दोष शांति हेतु सरल उपाय एवं समस्या समाधान
शाम 7 बजे भगवान मकरध्वज बालाजी की दिव्य आरती, जिसमे सम्पूर्ण मंदिर परिसर को हजारो प्रज्वलित दीपो से सजाकर प्रकाशमान किया जायेगा !
रात्रि 8 बजे भजन सत्संग :- एक शाम सिद्ध मकरध्वज के नाम - जिसमे भजन गायकों व गायिकाओ द्वारा भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी जाएगी !
नोटः- कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकृत जनों को ही प्रवेश दिया जायेगा ! इसलिये पूर्व पंजीयन करवाना आवश्यक है ! बिना पंजीयन के प्रवेश संभव नहीं होगा ! संपर्क सूत्र - #9664401365
:- पंजीयन करा चुके ( बाहर से आने वाले ) भक्तजन 06 सितंबर शनिवार तक ब्यावर पहुंच जाये
^ मकरध्वज जयंती महोत्सव में सभी शिष्य एवं भक्तजन इष्टमित्रों - परिजनों सहित सादर आमंत्रित है !
मकरध्वज जयंती के अवसर पर "मकरध्वज बालाजी विश्व कल्याण ट्रस्ट" के सौजन्य से साधना महोत्सव एवं मकरध्वज जयंती समारोह का आयोजन श्री मकरध्वज बालाजी धाम, बलाड़ रोड़, ब्यावर में हो रहा है ! जीवन के बहु आयामी विकास हेतु इस दो दिवसीय साधना महोत्सव में आपका स्वागत है
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यह सर्व-विदित है की हनुमान जी अखंड ब्रम्हचारी थे लेकिन लंका दहन के पश्चात अपनी पूंछ की अग्नि बुझाने लिये समुद्र में कूदने के दौरान हनुमान जी पसीने की बूंद सविता नामक मछली के मुह में प्रवेश करने के कारण वह गर्भवती हो गई और सविता मछली के उदर से मकरध्वज पैदा हुए जब श्री राम व लक्ष्मण को अहिरावन पातालपुरी ले गया और हनुमान जी का सामना अपने ही स्वरुप मकरध्वज से हुआ तब मकरध्वज ने अपना परिचय हनुमान-पुत्र के रूप में दिया ! मान्यता है कि ब्यावर के आस पास का मगरा-क्षेत्र हनुमान पुत्र मकरध्वज के नाम से मकर-क्षेत्र से अपभ्रंश होकर मगरा नाम से प्रसिद्द हो गया ! मगरान्चल के ह्रदय स्थल ब्यावर के नाथ नगर में अवतरित श्री मकरध्वज बालाजी धाम इसी कारण बालाजी हनुमान के संग मकरध्वज महाराज भी पूजे जाते है !
निवेदक :-
बालाजी भक्त मंडल , मकरध्वज युवा संगठन , हनुमान बाल भक्त मंडल
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** अलौकिक चमत्कारों का प्रतीक एवं कलियुग के जाग्रत देव
" मकरध्वज बालाजी धाम , बलाड़ रोड़ , नाथ नगर , ब्यावर - अजमेर ( राजस्थान ) " MO. 9664401365 ....