Shree Makardhwaj Balaji Vishwa Kalyan Trust

Shree Makardhwaj Balaji  Vishwa Kalyan Trust Makardhwaj Balaji Temple, Balad Road, Beawar - Ajmer - Rajasthan -India :- has divine powers to cure any person possessed by evil spirits. Mo. 09664401365

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!!जय मकरध्वज बालाजी!! !!श्रीगोरक्षनाथोविजयतेतराम्!! !!श्री गुरूवे नमः!!!!गुरू पुर्णिमा ,!!।।28/29 जुलाई 2026 मंगलवार , ब...
27/07/2026

!!जय मकरध्वज बालाजी!! !!श्रीगोरक्षनाथोविजयतेतराम्!! !!श्री गुरूवे नमः!!
!!गुरू पुर्णिमा ,!!
।।28/29 जुलाई 2026 मंगलवार , बुधवार आषाढ़ शुक्ला पूर्णिमा ।।
श्री मकरध्वज बालाजी धाम, बलाड रोड़, ब्यावर - राजस्थान मे प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष गुरुपूर्णिमा महोत्सव {गुरूपूजन} परम्परागत मनाया जायेगा जिसमे प्रातःकाल 8 बजे भगवान गोरक्षनाथ का अभिषेक पूजन, शिवलीन सिद्ध गुरूमुर्तियो का पूजन एवं गुरूदीक्षा का समय 2 बजे से शाम 5 बजे तक, #परमपूज्य_गुरूजी #मकरध्वज_बालाजी_पीठाधीश्वर #राष्ट्रीय_संत #मन्त्र_सम्राट #नाथ_शिरोमणि श्री श्री #महंत_डा_प्रकाश_नाथ_जी_महाराज” द्वारा गुरु दीक्षा एवं गुरूपूजन 28 जुलाई एवं 29 जुलाई दोनो दिवस होगा ,भक्त मन्दिर मे आकर गुरूपूजन 28/29 जुलाई को कर सकते है ।
!!गुरूपूर्णिमा !!
आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ पूर्णिमा के साथ गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 29 जुलाई दिन बुधवार को है। गुरु पूर्णिमा को भारत में बहुत उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। मनुष्य रूप में जन्म लेकर देवताओं ने भी गुरु के चरण दबाए हैं और उनसे ज्ञान प्राप्त किया है। साथ ही इस दिन महाभारत के रचयिता वेदव्यास का भी जन्म होने की वजह से इस तिथि को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। वेद व्यासजी को प्रथम गुरु की उपाधि प्राप्त है क्योंकि मानव जाति को चारों वेदों का ज्ञान दिया था। इस दिन के बाद से आषाढ़ मास समाप्त हो जाता है और सावन मास का प्रारंभ होता है।
!!आषाढ़ पूर्णिमा का महत्व!!
आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को आषाढ़ी पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा कहा जाता है। हिंदू धर्म में वैसे तो सभी पूर्णिमा का अपना विशेष महत्व है लेकिन आषाढ़ पूर्णिमा का अपना एक अलग स्थान है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है और जप-तप व दान के लिए बहुत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन भी किया जाता है। गुरु मंत्र प्राप्त करने के लिए भी यह दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन आप जिसे भी गुरु मानते हैं, उसके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है और गुरु की पूजा की जाती है। क्योंकि उनके ज्ञान के प्रकाश से जीवन का अंधकार दूर होता है और गुरु द्वारा ईश्वर की प्राप्ति होती है। गुरु का ज्ञान ही जीवन के हर मार्ग को आलोकित करने में सक्षम होता है। प्राचीन काल से लेकर आज तक गुरु-शिष्य की परंपरा चली आ रही है।
!!गुरु पूर्णिमा पूजा विधि!!
भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से ऊपर है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें। इसके बाद गुरु को श्रद्धा और क्षमतानुसार गुरु दक्षिणा या उपहार भेंट स्वरूप दें। इस दिन गुरु का आभार व्यक्त करने के लिए वैसे ही तैयारी करें जैसे भगवान की पूजा के लिए करते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ-सफाई व स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और फिर गुरु को टीका लगाकर प्रसाद खिलाएं, आशीर्वाद लें और फिर भेंट दें।आदेश आदेश

23/07/2026

गुरु पूर्णिमा महोत्सव का मकरध्वज धाम पर भव्य आयोजन 29 जुलाई बुधवार को
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‘गुरुपूर्णिमा उत्सव’ पूर्ण होने की खबर लाने वाला उत्सव है। यह व्रत है। गुरु पूजन किये बिना शिष्य अन्न नहीं खाता। शारीरिक पूजन करने का अवसर नहीं मिलता है तो मन से ही पूजन कर लेता है। वास्तव में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। इस दिन शिष्य अपने गुरु की चरण वंदना करता है और उनसे ज्ञान का वरदान प्राप्त करता है।
गुरु मंत्र सभी सिद्धियों का मूल है। यदि व्यक्ति के जीवन में गुरु नहीं है तो वह ईश्वर के समीप नहीं पहुंच सकता है। भगवान राम और कृष्ण ने भी गुरु से मंत्र दीक्षा ली थी। गुरु दीक्षा और गुरु की शिक्षा व्यक्ति को मौत से भी बचाती है।
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स्थान :- श्री मकरध्वज बालाजी धाम ( नाथ व शाबर शक्ति-सिद्ध पीठ )
- बलाड रोड़, नाथ नगर, ब्यावर - 305901 (जिला- अजमेर- राजस्थान)
@ सम्पर्क सूत्र - 09664401365 , 09251901365
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निवेदक :- संयुक्त सचिव - हनुमान परिवार फाउन्डेशन एवं मकरध्वज बालाजी विश्व कल्याण ट्रस्ट

🕉️ शाबर मंत्र दीक्षा 🕉️गुरु पूर्णिमा : 29 जुलाई 2026प्रिय साधक,गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, हम आपके लिए शाबर मंत्र तंत...
23/07/2026

🕉️ शाबर मंत्र दीक्षा 🕉️गुरु पूर्णिमा : 29 जुलाई 2026
प्रिय साधक,
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, हम आपके लिए शाबर मंत्र तंत्र विद्या की विशेष दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। यह कार्यक्रम आपके जीवन में शांति और समृद्धि लाने के लिए एक अनमोल अवसर है। 🌟
🌟 शाबर मंत्र तंत्र विद्या सीखिए और अपने जीवन को समृद्ध बनाएं! 🌟
“ शाबर मंत्र तंत्र विद्या” कार्यक्रम: एक विशेष पहल!
अब आपके पास शाबर मंत्र तंत्र विद्या को सीखने और जीवन में अपनाने का सुनहरा अवसर है। यह प्राचीन विद्या आपको आत्मरक्षा और दूसरों के कष्टों को दूर करने की शक्ति प्रदान करती है। इस विशेष कार्यक्रम का हिस्सा बनें और अपने जीवन को सुरक्षित और खुशहाल बनाएं।
🚩 कार्यक्रम का उद्देश्य:

समाज में आध्यात्मिक मूल्यों और आदर्शों की स्थापना करना।
आपको एक आदर्श साधक बनाना, जो शाबर मंत्र तंत्र विद्या का सकारात्मक प्रचार-प्रसार कर सके।
"यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे" (जैसा मनुष्य के अंदर है, वैसा ही ब्रह्मांड में है)

📜 इस कार्यक्रम में आपको क्या मिलेगा:
1. अज्ञात अड़चन और तंत्र बाधा से रक्षा:

शारीरिक, स्थान, और व्यापार से संबंधित अज्ञात अड़चन और तंत्र बाधाओं से रक्षा के उपाय।
तांत्रिक प्रयोग और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के प्रभावी उपाय।
"तं सुनीतं पुनरासत् सुनीतेन विवासयेत्" (जो नकारात्मकता हमारे पास आती है, उसे सकारात्मकता से दूर करें)

2. गृह क्लेश और व्यापार बाधा से मुक्ति:

गृह क्लेश, व्यापार-रोजगार बंधन, और अन्य व्यक्तिगत समस्याओं से मुक्ति के उपाय।
भूत-प्रेत बाधा, जादू-टोना, और तंत्र-मंत्र के प्रभावों से बचाव की विधियाँ।
"सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः" (सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त हों)

3. आध्यात्मिक उन्नति:

आपके आध्यात्मिक पथ को सरल और समृद्ध बनाने के लिए विशेष साधनाएं।
नियमित पूजा-पाठ और साधनाओं के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव।
"आत्मानं विद्धि" (अपने आत्मा को जानो)

4. विशेष मंत्र साधना और सेवाएं:

विशेष देवी-देवताओं की पूजा और साधनाएं जो आपके मार्ग को आसान बनाएंगी।
विशेष अवधि की पूजा-पाठ और नियम जिनसे आत्मिक और मानसिक शक्ति प्राप्त होगी।
"ध्यानं शाश्वतम्" (ध्यान शाश्वत है)

5. सुरक्षित और खुशहाल जीवन:

नकारात्मक ऊर्जा से बचाव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के उपाय।
जीवन को सुरक्षित और खुशहाल बनाने के प्रभावी साधनाएँ।
"धर्मो रक्षति रक्षितः" (धर्म की रक्षा करने से ही धर्म हमारी रक्षा करता है)

6. दूसरों के कष्टों का निवारण:

इस विद्या और साधना के माध्यम से, आप न केवल अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं, बल्कि दूसरों के कष्टों को भी दूर करने में सक्षम होंगे। 🌟
"परहित सरिस धर्म नहिं भाई, परपीड़ा सम नहिं अधमाई" (दूसरों की भलाई से बड़ा कोई धर्म नहीं, और दूसरों को कष्ट देने से बड़ा कोई अधर्म नहीं)

🌟 विशेष पहलू:
सात्विक/राजसिक शाबर मंत्र की दीक्षा:

सीमित दायरे की दीक्षा, जिससे आप केवल रक्षा और भलाई करने में सक्षम होंगे।
इसमें अभिचार कर्म शामिल नहीं होगा, जिससे आप नैतिक और सही मार्ग पर चलेंगे।
"यतो धर्मस्ततो जयः" (जहां धर्म है, वहां विजय है)

व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं का समाधान:

इस विद्या के माध्यम से आप अपने और अपने परिवार के क्लेशों को दूर कर सकेंगे।
ऊपरी बाधा, तंत्र बाधा, और जादू टोना आदि से उत्पन्न परेशानियों को हल करने की शक्ति प्राप्त होगी।
"परोपकाराय पुण्याय" (दूसरों की सहायता करना ही पुण्य है)

💫 कार्यक्रम शुल्क और संपर्क विवरण:
शुल्क:₹ 5500/-
📧 सम्पर्क:

मो. 9664401365 , 9251901365
स्थान :- मकरध्वज बालाजी धाम , बलाड रोड़ , ब्यावर राजस्थान

दीक्षा के बाद क्या मिलेगा:

शाबर मंत्र से संबंधित अमूल्य ज्ञान, जो गुरु-शिष्य परंपरा में निहित रहता है।
साधना से संबंधित सभी नियम और विधियाँ, जिससे आपकी साधना सफल हो सके।
आवश्यकता पड़ने पर मुलाकात की भी संभावना होगी, जिससे आप अपनी सभी जिज्ञासाओं का समाधान कर सकें।
"तुम्हारा ज्ञान ही तुम्हारा सच्चा मित्र है" (गीता)

❓ क्यों चुनें यह कार्यक्रम?
1. व्यापक सुरक्षा और समस्याओं का समाधान:

यह विद्या आपको नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र बाधाओं से बचाव के लिए सशक्त बनाएगी।
आप अपनी और अपने प्रियजनों की रक्षा करने में सक्षम होंगे।
"शास्त्राणि रक्षन्ति रक्षितान्येव" (शास्त्र वही रक्षित करेंगे जो खुद उनकी रक्षा करेंगे)

2. आध्यात्मिक मार्गदर्शन:

विशेष पूजा-पाठ और साधनाएं सिखाई जाएंगी, जिससे आपका जीवन सुखद और समृद्ध बनेगा।
आप अपने आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकेंगे।
"सत्यं वद, धर्मं चर" (सत्य बोलो, धर्म का पालन करो)

3. व्यक्तिगत और सामाजिक उन्नति:

यह कार्यक्रम आपको न केवल व्यक्तिगत रूप से लाभान्वित करेगा, बल्कि समाज में भी आदर्श साधक बनने में मदद करेगा।
आप समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को स्थापित कर सकेंगे और दूसरों को प्रेरित कर सकेंगे।
"लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु" (सभी लोग सुखी हों)

👥कौन ले सकता है इस कार्यक्रम में भाग?

इस दीक्षा के लिए वही पात्र हैं, जो 'गुरु' और 'शाबर मंत्र' पर विश्वास रखते हैं।
‘आस्तिक, मेहनती, लगनशील, आत्मविश्वासी, और परोपकारी’ व्यक्ति इस कार्यक्रम के लिए उपयुक्त हैं।
चाहे आपके पहले कोई गुरु रहे हों या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
"आत्मनः पदं संज्ञानं, आत्मज्ञानं न मोक्षयेत्" (आत्मज्ञान का पद प्राप्त करने से ही मोक्ष मिलता है)

🚨 सिमित समय और साधकों के लिए विशेष अवसर! 🚨
इस शाबर मंत्र तंत्र विद्या दीक्षा कार्यक्रम में कुछ जिज्ञासु साधकों को ही शामिल किया जाएगा। यह कार्यक्रम सिमित समय के लिए उपलब्ध है, और इच्छुक साधकों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर चुना जाएगा। जल्दी करें, अवसर चूक न जाएं!
अब आपके पास एक अनमोल अवसर है, शाबर मंत्र तंत्र विद्या को सीखने और अपने जीवन को दिव्यता और आध्यात्मिकता से भरपूर बनाने का। 🌟
जल्दी करें, सीमित स्थान उपलब्ध हैं! 🙏
इस अद्वितीय अवसर का लाभ उठाएं और अपने जीवन को शाबर मंत्र की दिव्यता से भरें! 🕉️💫

गुरु पूर्णिमा महोत्सव का मकरध्वज धाम पर भव्य आयोजन 29 जुलाई बुधवार को~ब्यावर - बलाड रोड़ स्थित श्री मकरध्वज बालाजी धाम पर...
10/07/2026

गुरु पूर्णिमा महोत्सव का मकरध्वज धाम पर भव्य आयोजन 29 जुलाई बुधवार को
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ब्यावर - बलाड रोड़ स्थित श्री मकरध्वज बालाजी धाम पर 29 जुलाई बुधवार को गुरु-पूर्णिमा महोत्सव का दीप प्रज्वलन के साथ शुभारम्भ होगा !
श्री बालाजी भक्त मंडल के अध्यक्ष महेंद्र गहलोत ने बताया कि 29 जुलाई बुधवार को श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के शुभ अवसर पर प्रातः 7 बजे से विश्वगुरु भगवान शिव-गोरक्षनाथ जी का अभिषेक , गुरु दर्शन , गुरु पूजन , गुरु स्तुति , गुरु आरती गुरु महाप्रसादी का आयोजन होगा
मकरध्वज युवा संगठन के अध्यक्ष दिलीप सांखला के अनुसार मध्यान्ह वेला में गुरु_दीक्षा एवं नाम_दान समारोह आयोजित होगा , जिसमे धाम के आध्यात्मिक गुरु महंत प्रकाश नाथ शास्त्री सभी जिज्ञासुओ को नाथ संप्रदाय के अंतर्गत गुरु मन्त्र दीक्षा प्रदान करेंगे ! साथ ही श्री नाथ जी की प्राचीन सिद्ध जीवित समाधि एवं नाथ पूर्वाचार्यो का समाधि पूजन-अर्चन एवं दीप दान यज्ञ होगा !
दिन में 02 बजे से प्रतिभा सम्मान समारोह में विद्वानों, साधको एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया जायेगा !
शाम 07 बजे सभी उपस्थित भक्तजन मकरध्वज बालाजी की "दिव्य चमत्कारी महाआरती" के दिव्य दर्शन करेंगे एवं गुरु-जन्मोत्सव बड़े धूम धाम से मनाया जायेगा !
रात्रि 8 बजे :- भक्ति संगीत की अनुपम प्रस्तुति - भजन संध्या एक शाम गुरुदेव के नाम का भव्य आयोजन किया जायेगा , जिसमे प्रसिद्द भजन गायक नंदकिशोर सेन एंड पार्टी द्वारा गुरुमहिमा से ओत प्रोत सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी !
हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश सिंह सिंह रावत ने इस धार्मिक आध्यात्मिक पर्व गुरु पूर्णिमा का नगर के सभी श्रद्धालुओ से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पधारकर लाभ लेने का आवाहन किया है !

 #गुरु_पूर्णिमा_महोत्सव ~ ुलाई_2026 ~ #गुरु_दीक्षा_नाम_दान~ ध्यान साधना ~ सिद्धिप्रद मंगलकारी अनुष्ठान ~ शाबर सिद्धि गुर...
03/07/2026

#गुरु_पूर्णिमा_महोत्सव ~ ुलाई_2026 ~ #गुरु_दीक्षा_नाम_दान
~ ध्यान साधना ~ सिद्धिप्रद मंगलकारी अनुष्ठान ~ शाबर सिद्धि गुरु महादीक्षा ~ एक शाम गुरु के नाम ~ सिद्ध जीवित समाधि महाभिषेक एवं दीप यज्ञ ~ सम्मान समारोह ~ गुरु महा-प्रसादी
!
•••• आत्मीय आमन्त्रण ••••
आप सभी महानुभावों, साधक, शिष्यों का एक बार फिर इस दिव्य पावन “गुरु पूर्णिमा” पर आवाहन करते है कि ऋषि मुनि वन्दित, नाथ सिद्ध सेवित, मोक्ष मुक्ति स्थली, पूर्णता प्रदायनी पावन धरा #मकरध्वज_बालाजी_तीर्थ_धाम_ब्यावर” में आकर आप सभी इस दुर्लभ ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी बनें और अपने जीवन को पूर्णता की ओर गतिशील करे तथा सिद्धि, सफलता, श्रेष्ठता प्राप्त कर मानव जीवन को सार्थक करें……..
गुरु-पूर्णिमा का पावन पर्व "गुरु दीक्षा दिवस" के रूप में गौरवान्वित है, अत: सतत मार्गदर्शन हेतु सर्वसिद्धि प्रदायक गुरु-दीक्षा प्राप्त करके गुरुतत्व के सकारात्मक प्रवाह को ग्रहण करने का भी यह सुअवसर है ! सद्गुरु देव सभी से मिलकर अपनी ईश्वरीय प्रेम वर्षा करेंगे !
#कार्यक्रम :-
@ 28 जुलाई मंगलवार :- सुबह से शाम तक साधको - शिष्यों का आगमन !
~ शाम 5 बजे से इस महामहोत्सव का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ देश दुनियाँ को #गुरु_गोरखनाथ_की_देन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन होगा ! गोधुलि वेला में " #बगलामुखी_सिद्धिप्रद_मंगलकारी_अनुष्ठानम" किया जायेगा !
@ 29 जुलाई बुधवार ( #श्री_गुरु_पूर्णिमा_महोत्सव)
~ प्रातः 7 बजे से विश्वगुरु भगवान शिव-गोरक्षनाथ जी का अभिषेक
~ प्रातः 8 बजे से - गुरु दर्शन , गुरु पूजन , गुरु स्तुति , गुरु आरती
~ प्रातः 9 बजे से रात्रि तक - गुरु महाप्रसादी ( विशाल भंडारा )
~ दिन में 10 बजे से :- #गुरु_दीक्षा एवं #नाम_दान समारोह
~ दिन में 12 बजे :- श्री नाथ जी की प्राचीन सिद्ध जीवित समाधि एवं नाथ पूर्वाचार्यो का समाधि पूजन-अर्चन एवं दीप दान यज्ञ होगा !
~ दिन में 01 बजे से विद्वानों, साधको एवं प्रतिभाओं का सम्मान
~ दिन 02 से 05 बजे :- गुरुपूजनोपरान्त वे सभी साधक जो साधना में आगे मार्गदर्शन चाहते हैं, उनका दीक्षा संस्कार होगा, प्रश्नोत्तर चर्चा भी रहेगी साथ आप आप अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे !
~ रात्रि 07 बजे श्री मकरध्वज बालाजी की "चमत्कारी महाआरती" के दिव्य दर्शन
~ रात्रि 8 बजे :- नंदकिशोर सेन एवं साथियों द्वारा भक्ति संगीत की अनुपम प्रस्तुति - भजन संध्या ाम_गुरुदेव_के_नाम
~
#विशेष_आयोजन
तन्त्र के सभी नव साधको-जिज्ञासुओ-प्रेमियों के लाभार्थ भगवान शिव एवं नवनाथ - चौरासी सिद्धो द्वारा रचित कलियुग में सर्व-सिद्धिदायक शाबर मन्त्र साधना में सिद्धि सफलता के लिए #शाबर_सिद्धि_गुरु_महादीक्षा का आयोजन भी किया जा रहा है , इच्छुक जन अपना स्थान सुरक्षित करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा लेवे । सिर्फ श्रद्धा भाव व प्रेम से जो आने का मन बना सकें कृपया वही #फोन करें।
@ 30 जुलाई गुरुवार :- सुबह 8 बजे से अल्पाहार ~ दिन को भोजन-प्रसादी तदनंतर ~ विदाई ...................
!
स्थान :- श्री मकरध्वज बालाजी धाम ( नाथ व शाबर शक्ति-सिद्ध पीठ )
- बलाड रोड़, नाथ नगर, ब्यावर - 305901 (जिला- अजमेर- राजस्थान)
@ सम्पर्क सूत्र - 09664401365 , 09251901365
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निवेदक :- संयुक्त सचिव - हनुमान परिवार फाउन्डेशन एवं मकरध्वज बालाजी विश्व कल्याण ट्रस्ट

 #गुरु_मंत्र_दीक्षा_महोत्सवदीक्षा हमारी सनातन परंपरा है इसीलिए भगवान् राम, कृष्ण, दत्त, गोरख आदि  ने गुरु दीक्षा ग्रहण क...
29/06/2026

#गुरु_मंत्र_दीक्षा_महोत्सव
दीक्षा हमारी सनातन परंपरा है इसीलिए भगवान् राम, कृष्ण, दत्त, गोरख आदि ने गुरु दीक्षा ग्रहण की और गुरु के महत्व को बढाया है | संत जन कहते हैं-
राम कृष्ण सबसे बड़ा उनहूं तो गुरु कीन्ह।
तीन लोक के वे धनी गुरु आज्ञा आधीन॥
मानव एक परमात्मा रूपी कारीगर की अद्भुत कृति है , जो कि इस संसार रूपी मंदिर में एक चलती-फिरती मूर्ति के सामान है | इसलिए इस मानव के चोले को भी दीक्षा, मंत्र, प्राण-प्रतिष्ठा कर मानव स्वरुप को तेजोमय ओजोमय बना कर मोक्ष की प्राप्ति करना यही दीक्षा का वास्तविक महत्व है |
दीक्षार्थी एवं शिष्य बनकर हम धर्म की रक्षा कर सकते है | दीक्षा लेना स्वयं की स्वतंत्रता है | कहा भी है -
“पानी पियो छान के…..गुरु बनाओ जान के”
अंध-विश्वास पाखंड गलत रूढ़ियों को वर्जित करे |
नित्य कर्म जैसे यज्ञ, उपासना, ध्यान, मात-पिता, ऋषि, योगी, देव, राष्ट्र सेवा, गौ-पालन आदि यही मानव का कर्तव्य है | इसलिए शिष्य को भी ऐसे ही गुरु की शरण लेना चाहिए |
दीक्षा के नियम
जिन भक्तो को #परमपूज्य_गुरूजी #मकरध्वज_बालाजी_पीठाधीश्वर #राष्ट्रीय_संत #धर्मसम्राट #नाथ_शिरोमणि श्री श्री #महंत_डा_प्रकाश_नाथ_जी_महाराज” द्वारा गुरु दीक्षा लेनी है उनको नीचे लिखे हुए नियमो का पालन करना आवश्यक है |
पहला नियम :- मांस, अंडा, गुटका, तम्बाकू, शराब आदि व्यसन युक्त प्रदार्थ कभी ना खायें एवं पत्नी को छोडकर सभी स्त्रियों को माता मानकर आदर करे |
दूसरा नियम :- एक कोई भी सबसे प्रिय फल या सब्जी छोड़ना है |
तीसरा नियम :- परम्परानुसार गुरु मन्त्र श्रवण करना है |
चौथा नियम : गुरुमंत्र किसी को भी नहीं बताना है, चाहे कोई कितना भी घनिष्ट क्यों ना हो (जैसे माता-पिता , पति –पत्नी, भाई-बंधू , मित्र आदि)|
पांचवा नियम:- रोज सुबह–शाम, आँख बन्द करके बैठना है और मन ही मन में गुरु मन्त्र का नियमित 5 माला जाप करना आवश्यक है |
छटा नियम :- हर समय चलते-फिरते मन ही मन में मन्त्र का मौन जाप करना है, लेकिन कभी मुख से मन्त्र जाप नहीं करना |
सातवा नियम :- किसी भी परिस्थिति में मन्त्र जाप नहीं छोड़ना जैसे घर में किसी बच्चे के पैदा होने पर या किसी की मृत्यु होने पर कोई भी सूतक हो या स्त्री धर्म आया हो तो भी ध्यान, भजन, उपासना, मन्त्र जाप नहीं छोड़ना है |
नियम 8:- वर्ष में एक बार गुरु-पूर्णिमा पर गुरु दर्शन अवश्य करना है |
आवश्यक सामग्री :- रुद्राक्ष और तुलसी की स्वतंत्र माला, फोटो, आसन |
दीक्षा से लाभ :- गुरु दीक्षा लेने एवं उनके दिए हुयें मंत्र का नियमित जाप करने से बहुत से लाभ होते है | शब्द ही ब्रह कहा गया है और मंत्र में भी बहुत ही श्रेष्ठ शब्दों का उपयोग किया जाता है | इसलिए दीक्षा लेने के बाद जो ऊपर लिखे नियमो का सही ढंग से पालन करते है उससे ही व्यक्ति अधिकतर बुराईयों एवं अनेक प्रकार के रोगों एवं अधर्म से बच जाता है | उसका आचरण-व्यवहार, खान-पान आदि भी सात्विक हो जाते है ! साथ ही उसका शारीरिक विकास होता है और यही मानव का पहला धन है “निरोगी काया” और जब मंत्र जाप करते है तो उससे मानसिक आत्मिक शांति व बौद्धिक बल बढता है | सभी बुराइयाँ दूर होने पर आर्थिक बल बढता है |
इसलिए ऋषि मुनियों ने मंत्र में कहा है :
धर्मार्थकाम मोक्षाणां सद्ध्य: सिद्धिर्भवेन्न:
मंत्र दीक्षा से हमारे चारो पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्त होते है |
~
#श्री_गुरु_पूर्णिमा_महोत्सव एवं #माता_बगलामुखी_यज्ञ
29 जुलाई 2026 - बुधवार
मकरध्वज बालाजी धाम , बलाड रोड , ब्यावर - राजस्थान
आप सब सपरिवार सादर आमंत्रित है , अवश्य पधारे !
संपर्क सूत्र :- 09664401365
~
निवेदक :-
बालाजी भक्त मंडल एवं मकरध्वज युवा संगठन - हनुमान सेवा समिति

 #गुरु_पूर्णिमा, व्यक्तिगत विकास, स्वयं के आध्यात्मिक नवीनीकरण एवं गुरु के ज्ञान और मार्गदर्शन के लिए उनके प्रति कृतज्ञत...
21/06/2026

#गुरु_पूर्णिमा, व्यक्तिगत विकास, स्वयं के आध्यात्मिक नवीनीकरण एवं गुरु के ज्ञान और मार्गदर्शन के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
इस अवसर का लाभ उठायें , आइये, परम पूज्य श्री प्रकाश नाथ जी महाराज के पावन सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आनंद लें I
विशेष कार्यक्रम:
Date: 28 व 29 जुलाई, 2026
● विशाल भंडारा
● गुरु पूजन
● गुरु मंत्र दीक्षा
● सत्संग
गुरुदर्शन एवं गुरुपूर्णिमा महोत्सव 29 जुलाई । प्रातः 9 बजे से
सम्पर्क करें
(+91) 9664401365
स्थल: श्री मकरध्वज बालाजी धाम , बलाड रोड , ब्यावर - राजस्थान
मकरध्वज बालाजी भक्त परिवार की ओर से आप सभी को सपरिवार सादर आमंत्रण

Address

Makardhwaj Balaji Dham , Balad Road , Nath Nagar , Beawar ( Dist. Ajmer/Rajasthan )
Beawar
305901

Telephone

+919664401365

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समस्याओं का साक्षात समाधान, शक्ति का प्रमाण

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