19/03/2026
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥
पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) के साथ मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। यह पर्व जीवन में स्थिरता और शक्ति के लिए मनाया जाता है। श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद कलश स्थापित कर माता को सफेद रंग के फूल और घी की मिठाई अर्पित करते है। 🌼💫🌺🎉👏💖