भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ

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भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ Social growth and mental developments

 #इंग्लैंड में पहला स्कूल 1811 में खुला उस समय भारत में 7,32,000  #गुरुकुल थे, आइए जानते हैं हमारे गुरुकुल कैसे बन्द हुए...
19/01/2026

#इंग्लैंड में पहला स्कूल 1811 में खुला उस समय भारत में 7,32,000 #गुरुकुल थे, आइए जानते हैं हमारे गुरुकुल कैसे बन्द हुए।

हमारे #सनातन #संस्कृति #परम्परा के गुरुकुल में क्या क्या पढाई होती थी, ये जान लेना पहले जरूरी है।
01 अग्नि विद्या (Metallurgy)
02 वायु विद्या (Flight)
03 जल विद्या (Navigation)
04 अंतरिक्ष विद्या (Space Science)
05 पृथ्वी विद्या (Environment)
06 सूर्य विद्या (Solar Study)
07 चन्द्र व लोक विद्या (Lunar Study)
08 मेघ विद्या (Weather Forecast)
09 पदार्थ विद्युत विद्या (Battery)
10 सौर ऊर्जा विद्या (Solar Energy)
11 दिन रात्रि विद्या
12 सृष्टि विद्या (Space Research)
13 खगोल विद्या (Astronomy)
14 भूगोल विद्या (Geography)
15 काल विद्या (Time)
16 भूगर्भ विद्या (Geology Mining)
17 रत्न व धातु विद्या (Gems & Metals)
18 आकर्षण विद्या (Gravity)
19 प्रकाश विद्या (Solar Energy)
20 तार विद्या (Communication)
21 विमान विद्या (Plane)
22 जलयान विद्या (Water Vessels)
23 अग्नेय अस्त्र विद्या (Arms & Ammunition)
24 जीव जंतु विज्ञान विद्या (Zoology Botany)
25 यज्ञ विद्या (Material Sic)
ये तो बात हुई वैज्ञानिक विद्याओं की, अब बात करते हैं व्यावसायिक और तकनीकी विद्या की !
26 वाणिज्य (Commerce)
27 कृषि (Agriculture)
28 पशुपालन (Animal Husbandry)
29 पक्षिपलन (Bird Keeping)
30 पशु प्रशिक्षण (Animal Training)
31 यान यन्त्रकार (Mechanics)
32 रथकार (Vehicle Designing)
33 रतन्कार (Gems)
34 सुवर्णकार (Jewellery Designing)
35 वस्त्रकार (Textile)
36 कुम्भकार (Pottery)
37 लोहकार (Metallurgy)
38 तक्षक
39 रंगसाज (Dying)
40 खटवाकर
41 रज्जुकर (Logistics)
42 वास्तुकार (Architect)
43 पाकविद्या (Cooking)
44 सारथ्य (Driving)
45 नदी प्रबन्धक (Water Management)
46 सुचिकार (Data Entry)
47 गोशाला प्रबन्धक (Animal Husbandry)
48 उद्यान पाल (Horticulture)
49 वन पाल (Horticulture)
50 नापित (Paramedical)
जिस देश के गुरुकुल इतने समृद्ध हों उस देश को आखिर कैसे गुलाम बनाया गया होगा ?
मैकाले का स्पष्ट कहना था कि भारत को हमेशा-हमेशा के लिए अगर गुलाम बनाना है तो इसकी “देशी और सांस्कृतिक शिक्षा व्यवस्था” को पूरी तरह से ध्वस्त करना होगा और उसकी जगह “अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था” लानी होगी और तभी इस देश में शरीर से हिन्दुस्तानी लेकिन दिमाग से अंग्रेज पैदा होंगे और जब इस देश की यूनिवर्सिटी से निकलेंगे तो हमारे हित में काम करेंगे।
1850 तक इस देश में “7 लाख 32 हजार” गुरुकुल हुआ करते थे और उस समय इस देश में गाँव थे “7 लाख 50 हजार” मतलब हर गाँव में औसतन एक गुरुकुल और ये जो गुरुकुल होते थे वो सब के सब आज की भाषा में ‘Higher Learning Institute’ हुआ करते थे। उन सबमें 18 विषय पढ़ाए जाते थे और ये गुरुकुल समाज के लोग मिलके चलाते थे न कि राजा, महाराजा।
अंग्रेजों का एक अधिकारी था G.W. Luther और दूसरा था Thomas Munro ! दोनों ने अलग अलग इलाकों का अलग-अलग समय सर्वे किया था। Luther, जिसने उत्तर भारत का सर्वे किया था, उसने लिखा है कि यहाँ 97% साक्षरता है और Munro, जिसने दक्षिण भारत का सर्वे किया था, उसने लिखा कि यहाँ तो 100% साक्षरता है।
मैकाले एक मुहावरा इस्तेमाल कर रहा है–
“कि जैसे किसी खेत में कोई फसल लगाने के पहले उसे पूरी तरह जोत दिया जाता है वैसे ही इसे जोतना होगा और अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था लानी होगी।”
इस लिए उसने सबसे पहले गुरुकुलों को गैरकानूनी घोषित किया। जब गुरुकुल गैरकानूनी हो गए तो उनको मिलने वाली सहायता जो समाज की तरफ से होती थी वो गैरकानूनी हो गयी, फिर संस्कृत को गैरकानूनी घोषित किया और इस देश के गुरुकुलों को घूम घूम कर ख़त्म कर दिया, उनमें आग लगा दी, उसमें पढ़ाने वाले गुरुओं को उसने मारा- पीटा, जेल में डाला।
गुरुकुलों में शिक्षा निःशुल्क दी जाती थी। इस तरह से सारे गुरुकुलों को ख़त्म किया गया और फिर अंग्रेजी शिक्षा को कानूनी घोषित किया गया और कलकत्ता में पहला कॉन्वेंट स्कूल खोला गया। उस समय इसे ‘फ्री स्कूल’ कहा जाता था। इसी कानून के तहत भारत में कलकत्ता यूनिवर्सिटी बनाई गयी, बम्बई यूनिवर्सिटी बनाई गयी, मद्रास यूनिवर्सिटी बनाई गयी, ये तीनों गुलामी ज़माने के यूनिवर्सिटी आज भी देश में मौजूद हैं।
मैकाले ने अपने पिता को एक चिट्ठी लिखी थी बहुत मशहूर चिट्ठी है वो, उसमें वो लिखता है कि-
“इन कॉन्वेंट स्कूलों से ऐसे बच्चे निकलेंगे जो देखने में तो भारतीय होंगे लेकिन दिमाग से अंग्रेज होंगे और इन्हें अपने देश के बारे में कुछ पता नहीं होगा। इनको अपने संस्कृति के बारे में कुछ पता नहीं होगा, इनको अपनी परम्पराओं के बारे में कुछ पता नहीं होगा, इनको अपने मुहावरे नहीं मालूम होंगे, जब ऐसे बच्चे होंगे इस देश में तो अंग्रेज भले ही चले जाएँ इस देश से अंग्रेजियत नहीं जाएगी।”
उस समय लिखी चिट्ठी की सच्चाई इस देश में अब साफ साफ दिखाई दे रही है और उस एक्ट की महिमा देखिये कि हमें अपनी भाषा बोलने में शर्म आती है, जबकि अंग्रेजी में बोलते हैं कि दूसरों पर रोब पड़ेगा, हम तो खुद में हीन हो गए हैं जिसे अपनी भाषा बोलने में शर्म आ रही है, उस देश का कैसे कल्याण संभव है ?
हमारी पुरानी शिक्षा पद्धति बहुत ही समृद्ध और विशाल थी और यही कारण था कि हम विश्वगुरु थे। हमारी शिक्षा पद्धति से पैसे कमाने वाले मशीन पैदा नहीं होते थे बल्कि मानवता के कल्याण हेतु अच्छे और विद्वान इंसान पैदा होते थे। आज तो जो बहुत पढ़ा लिखा है वही सबसे अधिक भ्रष्ट है, वही सबसे बड़ा चोर है।
हमने अपना इतिहास गवां दिया है ! क्योंकि अंग्रेज हमसे हमारी पहचान छीनने में सफल हुए। उन्होंने हमारी शिक्षा पद्धति को बर्बाद कर के हमें अपनी संस्कृति, मूल धर्म, ज्ञान और समृद्धि से अलग कर दिया।
आज जो स्कूलों और कॉलेजों का हाल है वो क्या ही लिखा जाए ! हम न जाने ऐसे लोग कैसे पैदा कर रहें हैं जिनमें जिम्मेवारी का कोई एहसास नहीं है। जिन्हें सिर्फ़ पद और पैसों से प्यार है। हम इतने असफल कैसे होते जा रहें हैं ?
किसी भी समाज की स्थिति का अनुमान वहां के शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति से लगाया जा सकता है। आज हम इसमें बहुत असफल हैं। हमने स्कूल और कॉलेज तो बना लिए लेकिन जिस उद्देश्य के लिए इसका निर्माण हुआ उसकी पूर्ति के योग्य इंसान और सिस्टम नहीं बना पाए !
जब आप अपने देश का इतिहास पढ़ेंगे तो आप गर्व भी महसूस करेंगे और रोएंगे भी क्योंकि आपने जो गवां दिया है वो पैसों रुपयों से नहीं खरीदा जा सकता ! हमें एक बड़े पुनर्जागरण की जरूरत है। सरकारें आएंगी जाएंगी, इनसे बहुत उम्मीद करना बेवकूफी होगी, जनता जब तक नहीं जागती हम अपनी विरासत को कभी पुनः हासिल नहीं कर पाएंगे !
जागना होगा और कोई विकल्प नहीं !
🙏🏻🙏 राम राम जी

* लो कर लो तुम भी अपना खून गरम ** जम करके मोदी को गाली दो *दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुई लिस्ट जारी भारत आया नम...
19/01/2026

* लो कर लो तुम भी अपना खून गरम *

* जम करके मोदी को गाली दो *

दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुई लिस्ट जारी भारत आया नम्बर 3 पर हम से आगे अमेरिका रूस हैं ये है मोदी का युग,,,*
,,,,,🔺 दूसरी उपलब्धि *,,, 1. 4- 1. 5 लाख करोड़ के पार पहुँचा G S T का मासिक टैक्स कलेक्शन,,,,,ये है एक चाय वाले का गणित और उसका अर्थ शास्त्र,,,*
,,,,🔺 तीसरी उपलब्धि *,,,नए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ करके भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर,,,,*
,,,,,,,,,,,,,,,🔺चौथी उपलब्धि *,,,,, 2017 -18 में दो गुना हुआ सौर ऊर्जा का उत्पादन,,,,चीन और अमेरिका भी आज दंग हैं ,,, *
,,,,,,,🔺 पाँचवी उपलब्धि *,,,भारत की आसमान छू रही G D P को देख करके,,,भारत की G D P 8. 2% चीन की 6. 7% और अमेरिका की 4. 2% ! अब भी कहेंगे ये भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं,,,*
,,,,,🔺 छठी उपलब्धि *,,, जल थल और आकाश तीनों क्षेत्रों से सुपर सोनिक मिसाइल दागने वाला दुनियाँ का पहला देश बना भारत,,,ये है मोदी का युग,,,अगर आपको गर्व हुआ हो तो जय हिन्द लिखना न भूलें,,,,*
,,,,,🔺 सातवीं उपलब्धि *,,,, 70 सालों में हमने इस पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा,, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान तो कंगाल हो गया दरअसल पाकिस्तान की कमाई का जरिया भारतीय नकली नोटों का व्यापार था जिसे मोदी जी ने खत्म ही कर दिया,,,*
,,,,,🔺 आठवीं उपलब्धि * को भी पढ़ें,,,,,, एक बात मेरी समझ में नहीं आयी कि 2014 में कांग्रेसी रक्षामंत्री ऐ. के. एंटोनी ने ये कहा था कि देश तो कंगाल है हम लोग राफेल तो क्या छोटा सा जेट भी नहीं ले सकते,,,,पर मोदी जी ने ईरान का कर्ज भी चुका दिया,,,राफेल डील भी कर ली S - 400 भी ले लिया अब एस _५०० भी ले रहे हैं ! आखिर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता था,,, ❓*
,,,,,,🔺 नवीं उपलब्धि *,,, सेना को मिला बुलेट प्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2, 500 बुलेट प्रूफ स्कार्पियो *
,,,,,,🔺 दसवीं उपलब्धि *,,,अब आपको बताता हूँ कि भारत का इन 4 सालों में विकास क्या हुआ,,,अर्थ व्यवस्था में फ्रांस को पीछे धकेल कर नम्बर 6 बना भारत,,,*
,,,,,,🔺 ग्यारहवीं उपलब्धि *,,,ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ नम्बर 4 बना भारत,,,*
,,,,,,,🔺 बारहवीं उपलब्धि *,,,,बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ नम्बर 3 बना भारत,,,*
,,,,,,🔺 तेरहवीं उपलब्धि *,,, टेक्स टाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना भारत,,,*
,,,,🔺 चोदहवीं उपलब्धि *,,, मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना भारत,,, *
,,,,,,🔺 पंद्रहवी उपलब्धि *,,,स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना भारत,,,*
,,,,,,🔺 सोलहवीं उपलब्धि *,,, चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना भारत,,,*
,,,,,,🔺 सतरहवीं उपलब्धि,,,हमेशा ही सोए रहने वाले हिंदूओं में * एक राष्ट्रवाद की लहर * पैदा करके दिखा दी पूरी दुनियां के सवा,,सौ करोड़ हिंदुओं का एक भी राष्ट्र,,नहीं है मैं उनके इस काम को उनका सबसे महत्वपूर्ण काम मानता हूँ,,,,खूंखार आतंकियों का सफाया हुआ,,,,8 महीनों में इन 230 आतंक वादियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुंचाया,,,,,,❗

* कृपया करके आप सभी सनातनी हिंदू :-- 2 minute का समय निकाल करके इसे देश हित में जरूर शेयर करें विशेष रूप से मोदी जी से अविश्वास करने वाले लोगों को तो जरूर भेजें,,,,,एक स्वरचित रचनाकार एडमिन वसंत व्यास वेद व्यास के पोते ग्रुप द्वारा जनहित में जारी 🌹🌹🌹* 🙏 🙏पोस्ट थोड़ी पुरानी है पर प्रासंगिक है ।

01/01/2026

"नया साल, नई शुरुआत और ढेर सारे नए सपने! 📖🖋️
​साल 2026 की पहली सुबह आपके जीवन में नई रोशनी लेकर आए। पुराने को भूलकर, नए लक्ष्यों की ओर कदम बढ़ाएं। 🚀
​Happy New Year 2026! ❤️ #नया_साल_2026 #स्वागत2026

🚩 धुरंधर: पाकिस्तान की बर्बादी और भारत की सुरक्षा की वो अनकही कहानी! 🚩​क्या आप जानते हैं कि कैसे एक 'सिंडिकेट' ने भारत क...
18/12/2025

🚩 धुरंधर: पाकिस्तान की बर्बादी और भारत की सुरक्षा की वो अनकही कहानी! 🚩
​क्या आप जानते हैं कि कैसे एक 'सिंडिकेट' ने भारत की अर्थव्यवस्था को दीमक की तरह चाटने की साजिश रची थी? यह कोई फिल्म नहीं, बल्कि 100% कड़वा सच है।
​🏦 खनानी ब्रदर्स: आतंक के फाइनेंसर
​कराची के दो जुड़वां भाई— जावेद खनानी और अल्ताफ खनानी। इन्होंने 'Khanani & Kalia' के नाम से बिजनेस शुरू किया, जो देखते ही देखते पाकिस्तान का 40% करेंसी बिजनेस कंट्रोल करने लगा।
​असली धंधा: दाऊद इब्राहिम, अल-कायदा और लश्कर-ए-तैयबा के काले धन को सफेद करना।
​साजिश: ISI के साथ मिलकर भारत में जाली नोटों (FICN) का जाल बिछाना।
​⚠️ UPA सरकार और 'De La Rue' का रहस्य
​2006 का खेल: तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने SPMCIL बनाई और इंग्लैंड की कंपनी 'De La Rue' से नोट छापने का कागज और सुरक्षा धागा खरीदना शुरू किया।
​हैरान करने वाला तथ्य: यही कंपनी पाकिस्तान को भी वही पेपर और थ्रेड सप्लाई करती थी! नतीजा? ISI के पास असली पेपर था, बस उन्हें 'डाई' की जरूरत थी, जो उन तक पहुंचा दी गई।
​नतीजा: 500 और 1000 के ऐसे जाली नोट छपे जिन्हें पहचानना नामुमकिन था। 2010 में जब नेपाल बॉर्डर पर रेड हुई, तो पता चला कि RBI के लॉकर्स तक में जाली नोट भरे पड़े थे!
​📉 ब्लैकलिस्ट, वापसी और फिर तबाही
​प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री बनते ही 'De La Rue' को ब्लैकलिस्ट किया।
​लेकिन 2012 में चिदंबरम की वापसी होते ही, सचिव अरविंद मायाराम के जरिए उसी ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फिर से टेंडर दे दिया गया। पाकिस्तान की चांदी हो गई और उसी पैसे से 26/11 जैसे हमले फंड किए गए।
​🔥 2014: जब बाजी पलट गई!
​मोदी सरकार सत्ता में आई और गेम ओवर होना शुरू हुआ:
​'De La Rue' को दोबारा ब्लैकलिस्ट किया गया।
​अरविंद मायाराम के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
​8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे: सिर्फ 4 घंटे की मोहलत और एक झटके में जाली नोटों का पूरा इकोसिस्टम 'कचरा' हो गया!
​💥 नोटबंदी का 'सर्जिकल स्ट्राइक'
​जावेद खनानी की मौत: 40 हजार करोड़ के जाली नोट रद्दी होने के गम में जावेद खनानी ने बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी।
​पाकिस्तान की कंगाली: जो देश कल तक जाली नोटों पर ऐश कर रहा था, आज दाने-दाने को मोहताज है।
​घर के भेदी: नोटबंदी से सिर्फ पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत में बैठे उनके हमदर्द भी बर्बाद हुए। जो आज भी 'बवासीर' की तरह इस दर्द को लेकर चिल्लाते रहते हैं।
​"नोटबंदी सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं था, यह 1.5 फ्रंट पर लड़ा गया युद्ध था।"
​आज जब आप देखते हैं कि पाकिस्तान भीख मांग रहा है, तो याद रखिएगा कि यह उस 'आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक' का ही असर है। मोदी जी ने देश से समर्थन मांगा था और देश ने अपना फर्ज निभाया।
​क्योंकि भारत सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, एक जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है! 🇮🇳

सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का अभिनव प्रतीक श्री अयोध्या धाम आज  आत्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण में पुन: दिव्य क्षण क...
25/11/2025

सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का अभिनव प्रतीक श्री अयोध्या धाम आज आत्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण में पुन: दिव्य क्षण का साक्षी बनने जा रहा है।

500 वर्षों के धैर्य एवं अनगिनत त्याग व तपस्या के पश्चात श्री राम जन्मभूमि मंदिर पूर्णता को प्राप्त होने जा रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के कर-कमलों से एवं माननीय मुख्यमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में मंदिर के शिखर पर भव्य भगवा ध्वज का आरोहण होगा।

यह धार्मिक अनुष्ठान राष्ट्र की आत्मा में बसे सनातन मूल्यों का जयघोष है।


🪔समस्त भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ परिवार को दीपावली पर शुभकामना संदेश 🪔आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली की हार्दिक ...
20/10/2025

🪔समस्त भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ परिवार को दीपावली पर शुभकामना संदेश 🪔
आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
यह दीयों का त्यौहार आपके जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और अपार खुशियाँ लेकर आए। माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद आप पर सदा बना रहे।
रोशनी से भरा हो हर पल!
स्नेह और मंगल कामनाओं सहित,
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ

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* #खुशियोंवालीदीपावली
* #रोशनीकात्यौहार
* #शुभदीपावली

#परिवार

✨ विशेष निवेदन: अंत तक पढ़ें — यह सिर्फ एक लेख नहीं, एक चेतावनी है! ✨🔥 इतिहास मौन नहीं रहता… वह चीखता है!जो उसे नहीं सुन...
17/10/2025

✨ विशेष निवेदन: अंत तक पढ़ें — यह सिर्फ एक लेख नहीं, एक चेतावनी है! ✨

🔥 इतिहास मौन नहीं रहता… वह चीखता है!
जो उसे नहीं सुनते —
वो एक दिन खुद इतिहास की शवयात्रा में बदल जाते हैं।

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🕍 20वीं सदी का जर्मनी
जहाँ यहूदी सिर्फ एक धर्म नहीं थे —
वे ज्ञान के निर्माता, विज्ञान के जनक, बैंकिंग के स्तंभ,
शिक्षा के मार्गदर्शक और संस्कृति के संरक्षक थे।
जैसे आज भारत में हिंदू हैं।

लेकिन जब नाज़ी विचारधारा ने करवट ली —
तो यही यहूदी बन गए षड्यंत्रकारी, राष्ट्रविरोधी, गरीबी के दोषी।

मीडिया, शिक्षा और राजनीति को हथियार बनाया गया।
जनता को घृणा की आग में झोंक दिया गया।

⚰️ और फिर...
चार वर्षों में —
25 लाख नाज़ियों ने
60 लाख यहूदियों को
गैस चेंबरों में झोंक दिया।
बच्चों को माँ की गोद से छीनकर मार डाला।
लोगों को जिंदा जला दिया।

इतिहास कांप उठा —
पर इंसान नहीं जागे।

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🧠 ज्ञान था, पर जागरूकता नहीं
💰 धन था, पर आत्मरक्षा नहीं
🗣️ शब्द थे, पर साहस नहीं

लेकिन जब राख से उठी एक पुकार —
तो जन्म हुआ इज़राइल का।

जहाँ…

- हर 16 वर्षीय बच्चा सैनिक है
- हर महिला कमांडो है
- स्कूल में जितना गणित सिखाया जाता है, उतना ही राइफल चलाना भी
- राष्ट्र पहले है — धर्म, दल और जाति बाद में

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🇮🇳 अब आइए भारत की ओर देखें
आज हिंदू समाज वही गलती दोहरा रहा है:

- आपसी फूट
- जातिगत द्वेष
- आत्ममुग्ध धर्मनिरपेक्षता
- और सबसे घातक — “हमें कुछ नहीं होगा” वाली मुग्धता

क्या आप जानते हैं?
यहूदी धर्म, जो हजारों साल पुराना है —
आज सिर्फ 2 करोड़ लोग बचा पाया है।

वहीं इस्लाम और ईसाई —
जो बाद में आए —
आज 5 अरब से अधिक लोगों की वैश्विक ताकत बन चुके हैं।
क्यों?
क्योंकि उनके पास है — धर्म आधारित एकता

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🌍 जब भारत-पाक युद्ध होता है
तुर्की, मलेशिया, ईरान, इंडोनेशिया, सीरिया, अज़रबैजान, सऊदी अरब —
सब पाकिस्तान के साथ खड़े होते हैं।

भारत के साथ?
सिर्फ संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी और राजनयिक पंक्तियाँ।

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🛑 अब सोचिए — अगर भारत नहीं रहा तो...?
क्या हिंदुओं के पास कोई इज़राइल है?
नहीं!
यह धरती का अंतिम टुकड़ा है जहाँ हिंदू सुरक्षित हैं।

अमेरिका नहीं देगा,
जापान, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया — कोई नहीं देगा।

इसलिए भारत बचाना, खुद को बचाना है।

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⚖️ आज का सच
- रोहिंग्या को महंगे वकील मिल जाते हैं
- बांग्लादेशी घुसपैठियों को राशन और वोटर ID मिल जाती है
- लेकिन राम मंदिर की बात करने पर आपको “कट्टर” कहा जाता है
- गीता पढ़ने पर हिंदुत्व का ठप्पा लगता है

और आप चुप हैं?

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📚 अगर अब नहीं जागे —
तो आने वाली पीढ़ियों की किताबों में
“Hindu” एक संस्कृति नहीं,
एक भूली हुई सभ्यता के रूप में दर्ज़ होगा।

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🕊️ अब भी समय है —
- जाति नहीं, जननी बड़ी है
- भाषा नहीं, भारत बड़ा है
- दल नहीं, धर्म बड़ा है
- खुद नहीं, संघर्ष बड़ा है

✊ संगठित हो जाइए

🔔 जाग जाइए
क्योंकि अगर अब नहीं जागे —
तो अगली बार राख तक नहीं बचेंगी।

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🙏 हमारी जातियां अलग हो सकती हैं — पर हम सब हिंदू हैं, सनातनी हैं!
जय हिंद
जय भारत
जय सनातन
#भारतबचाओ #जातिनहींजननीबड़ी_है

🌟 डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती पर श्रद्धांजलि 🌟  आज हम उस महान आत्मा को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपने विचारों, विज्ञा...
15/10/2025

🌟 डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती पर श्रद्धांजलि 🌟
आज हम उस महान आत्मा को याद कर रहे हैं, जिन्होंने अपने विचारों, विज्ञान और सेवा से भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
15 अक्टूबर—एक ऐसा दिन जब एक साधारण परिवार में जन्मा बालक, अपने सपनों की उड़ान से मिसाइल मैन और राष्ट्रपति बन गया।

🕊️ "अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखिए।" – डॉ. कलाम

उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिनाइयाँ रास्ता रोकती नहीं, बल्कि रास्ता बनाती हैं।
आज हम सभी उनके विचारों को अपनाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लें।

🙏 आइए, उनके सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान दें।

प्रेम और त्याग के पावन पर्व करवा चौथ पर 'भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ परिवार' के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ!जैसे ...
10/10/2025

प्रेम और त्याग के पावन पर्व करवा चौथ पर 'भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ परिवार' के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ!
जैसे माता करवा अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, वैसे ही हम सब राष्ट्र के सुहाग, यानी शुद्ध शासन और भ्रष्टाचार मुक्त समाज के लिए संकल्प लें। आइए, अपने संकल्प और प्रेम की शक्ति से देश को हर बुराई से मुक्त करें।
आप सभी का वैवाहिक जीवन सुख, समृद्धि और ईमानदारी के प्रकाश से भरा रहे।

माथे पर सिंदूर, हाथों में मेहंदी और दिल में पिया के लिए अटूट प्रेम... करवा चौथ का यह त्यौहार हम सभी को रिश्तों में निष्ठा और समर्पण का महत्व सिखाता है।
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा संघ परिवार के रूप में, हम अपने देश के साथ भी यही निष्ठा और समर्पण का रिश्ता निभाते हैं। आइए, इस शुभ दिन पर हम हर तरह के भ्रष्टाचार को समाप्त करने का संकल्प लें, ताकि हमारा राष्ट्र भी सुहागन की तरह सदा सौभाग्यशाली और समृद्ध रहे।
आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों!
करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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03/10/2025

✨दुनिया गोल है✨
🌄एक रुपए का हिसाब🌄

सेठजी ने अभी-अभी अपनी दुकान खोली ही थी कि एक साधारण सी वेशभूषा वाली महिला उनके पास आई और बोली, "सेठजी, ये अपने दस रुपये लीजिए।"
सेठजी ने उस महिला को हैरानी भरी निगाहों से देखा, मानो पूछ रहे हों, 'मैंने तुम्हें कब दस रुपये दिए?'
महिला ने सहजता से उत्तर दिया, "कल शाम को मैं आपसे सामान लेकर गई थी। मैंने आपको सौ रुपये दिए थे, सत्तर रुपये का सामान खरीदा था, लेकिन आपने मुझे तीस की जगह चालीस रुपये वापस दे दिए थे।"
सेठजी ने उन दस रुपयों को माथे से लगाया और गल्ले में डालते हुए बोले, "एक बात बताइए बहन जी? सामान खरीदते समय आप पाँच रुपये कम करवाने के लिए कितना मोलभाव और बहस कर रही थीं, और अब ये दस रुपये लौटाने चली आई हैं?"
महिला ने आत्मविश्वास से कहा, "पैसे कम करवाना मेरा हक है, लेकिन एक बार मोलभाव तय हो जाने के बाद, उस चीज़ के कम पैसे देना पाप है।"
सेठजी बोले, "लेकिन, आपने कम पैसे कहाँ दिए? आपने तो पूरे पैसे दिए थे। ये दस रुपये तो मेरी गलती से आपके पास चले गए थे। आप रख लेतीं, तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था।"
महिला की बात में गहरा नैतिक बल था। उसने कहा, "आपको कोई फर्क नहीं पड़ता? मगर मेरे मन पर हमेशा ये बोझ रहता कि मैंने जानते-बूझते हुए भी आपके पैसे रखे। इसीलिए मैं कल रात को ही वापस देने आई थी, पर आपकी दुकान बंद थी।"
सेठजी ने आश्चर्य से देखते हुए पूछा, "आप कहाँ रहती हैं?"
वह बोली, "मैं सेक्टर आठ में रहती हूँ।"
सेठजी का मुँह खुला रह गया। उन्होंने कहा, "आप सात किलोमीटर दूर से, यह दस रुपये देने दूसरी बार आई हैं?"
महिला सहज भाव से बोली, "हाँ, दूसरी बार आई हूँ। मन का सकून चाहिए, तो ऐसा करना पड़ता है। मेरे पति इस दुनिया में नहीं हैं, मगर उन्होंने मुझे एक ही बात सिखाई है कि 'दूसरे के हक का एक पैसा भी मत खाना' क्योंकि इंसान शायद चुप रह सकता है, मगर ऊपर वाला कभी भी हिसाब माँग सकता है, और उस हिसाब की सज़ा मेरे बच्चों को भी मिल सकती है..."
इतना कहकर वह औरत चली गई।
सेठजी के हृदय पर उस महिला की बात का गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने तुरंत गल्ले से तीन सौ रुपये निकाले और स्कूटी पर बैठते हुए नौकर से बोले, "तुम दुकान का ख्याल रखना, मैं अभी आता हूँ।"
सेठजी सीधे बाज़ार में ही एक दुकान पर पहुँचे। उन्होंने दुकान मालिक प्रकाश जी को तीन सौ रुपये देते हुए कहा, "ये अपने तीन सौ रुपये लीजिए प्रकाश जी। कल जब आप सामान लेने आए थे, तब हिसाब में ज़्यादा जुड़ गए थे।"
प्रकाश हँसते हुए बोले, "पैसे ज़्यादा जुड़ गए थे, तो आप तब दे देते जब मैं दोबारा दुकान पर आता। इतनी सुबह-सुबह आप तीन सौ रुपये देने चले आए।"
सेठजी बोले, "जब आप दोबारा आते, तब तक अगर मैं मर जाता, तब? आपके मुझमें तीन सौ रुपये निकलते हैं, यह आपको तो पता ही नहीं था न? इसलिए देना ज़रूरी था। पता नहीं 'ऊपर वाला कब हिसाब माँगने लग जाए' और... 'उस हिसाब की सज़ा मेरे बच्चों को भी मिल सकती है'।"
सेठजी तो चले गए, मगर प्रकाश के दिल में खलबली मच गई। चार साल पहले उसने अपने एक दोस्त से दस लाख रुपये उधार लिए थे, मगर पैसे देने के दूसरे ही दिन दोस्त की अचानक मृत्यु हो गई थी। दोस्त के घरवालों को पैसों के बारे में पता नहीं था, इसलिए किसी ने उससे पैसे वापस नहीं माँगे थे। लालच के कारण प्रकाश ने खुद पहल करके पैसे देने की ज़हमत नहीं उठाई।
आज दोस्त का परिवार गरीबी में जी रहा था। दोस्त की पत्नी लोगों के घरों में झाड़ू-पोंछा करके बच्चों को पाल रही थी, फिर भी प्रकाश उनके पैसे हजम किए बैठा था। सेठजी का वह वाक्य—"पता नहीं कब ऊपर वाला हिसाब माँगने बैठ जाए" और "उस हिसाब की सज़ा मेरे बच्चों को भी मिल सकती है"—प्रकाश को बुरी तरह डरा रहा था।
प्रकाश दो-तीन दिन तक इसी तनाव में रहा, आखिरकार उसका ज़मीर जाग गया।
उसने बैंक से रुपये निकाले और पैसे लेकर दोस्त के घर पहुँच गया। दोस्त की पत्नी घर पर ही थी। प्रकाश जाकर उसके पैरों में गिर गया। एक-एक रुपये के लिए संघर्ष कर रही, उस विधवा महिला के लिए इतने रुपये एक बहुत बड़ी रकम थी। पैसे देखकर उसकी आँखों में आँसू आ गए। वह प्रकाश को दुआएँ देने लगी, क्योंकि उसने अपनी ईमानदारी दिखाते हुए पैसे लौटा दिए थे।
उपसंहार: यह वही महिला थी जो सेठजी को दस रुपये लौटाने दो बार गई थी।
ईश्वर अपनी मेहनत और ईमानदारी का खाने वालों की परीक्षा ज़रूर लेता है, मगर कभी भी, उन्हें अकेला नहीं छोड़ता। एक दिन वह ज़रूर सुनता है—ऊपर वाले पर भरोसा रखिये।
भगवान के घर देर ज़रूर है, पर अंधेर नहीं है।
साभार: संतोष कुमार पाण्डेय

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🔥मोदी-योगी की जोड़ी: 'डबल इंजन' सरकार का दम या सिर्फ राजनीति का कमाल? 🤔  🔥मुख्य विचार: * राजनीतिक रसायन: दोनों नेताओं की...
02/10/2025

🔥मोदी-योगी की जोड़ी: 'डबल इंजन' सरकार का दम या सिर्फ राजनीति का कमाल? 🤔 🔥

मुख्य विचार:
* राजनीतिक रसायन: दोनों नेताओं की विचारधारा, कार्यशैली और हिंदुत्ववादी छवि में एक मजबूत तालमेल है, जिसे अक्सर 'डबल इंजन' सरकार के रूप में पेश किया जाता है।
* प्रभाव: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ('बुलडोजर' नीति) और केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में यह जोड़ी बहुत प्रभावी मानी जाती है।
* सफलता: लगातार चुनावों (लोकसभा और विधानसभा) में मिली सफलता ने इस जोड़ी को भाजपा के लिए 'विनिंग फॉर्मूला' बना दिया है।
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निश्चित रूप से, भारतीय राजनीति में अगर किसी जोड़ी ने पिछले कुछ सालों में सबसे ज़्यादा सुर्खियाँ बटोरी हैं, तो वह है नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की। इसे महज़ एक राजनीतिक साझेदारी कहना काफी नहीं होगा, यह एक ऐसा 'डबल इंजन' है, जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति को ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श को भी एक नई दिशा दी है।
🚀 क्यों है यह जोड़ी इतनी खास?
1. मजबूत तालमेल और 'डबल इंजन' का फायदा:
प्रधानमंत्री मोदी की केंद्रीय नीतियाँ (जैसे मुफ्त राशन, किसान सम्मान निधि, आवास योजनाएं) और मुख्यमंत्री योगी की राज्य नीतियाँ (जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, निवेश आकर्षित करना) एक दूसरे को पूरक बनाती हैं। जनता को यह स्पष्ट संदेश जाता है कि केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को गति मिलती है।
2. कठोर प्रशासन और 'बुलडोजर' छवि:
योगी आदित्यनाथ को उनकी सख्त 'कानून-व्यवस्था' वाली छवि के लिए जाना जाता है, जिसे वे "अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस" के रूप में पेश करते हैं। यह 'बुलडोजर न्याय' की छवि, मोदी जी की राष्ट्रीय विकास और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की छवि के साथ मिलकर, एक शक्तिशाली संदेश देती है: कल्याणकारी नीतियाँ भी, और अपराधियों के लिए कड़ा दंड भी।
3. विचारधारा का दृढ़ आधार:
दोनों नेता हिंदुत्व की विचारधारा के प्रबल समर्थक हैं, जो उनके बड़े वोट बैंक को एकजुट रखने में मदद करता है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से लेकर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक, इस जोड़ी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को विकास के एजेंडे के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा है।
💡 राय (निष्कर्ष):
यह जोड़ी सिर्फ दो नेताओं का मेल नहीं है, बल्कि एक कुशल राजनीतिक रणनीति का प्रतीक है। मोदी की राष्ट्रीय अपील और योगी का क्षेत्रीय नियंत्रण, इसे भाजपा के लिए एक अपराजेय संयोजन बनाता है। चाहे आप उनके समर्थक हों या आलोचक, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने मिलकर न सिर्फ उत्तर प्रदेश में इतिहास रचा है, बल्कि भारतीय राजनीति के समीकरणों को भी हमेशा के लिए बदल दिया है।
आपकी क्या राय है? क्या मोदी-योगी की यह जोड़ी विकास और सुशासन की गारंटी है, या यह सिर्फ एक शक्तिशाली चुनावी रणनीति है?
#डबलइंजनसरकार #उत्तरप्रदेश #भारतीयराजनीति #यूपी_नंबर_वन #राजनीति #फेसबुकवायरल
(आप अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर बताएं!)

02/10/2025

🌱 सामाजिक उत्थान: एक कदम, एक बदलाव 🌱

हम जिस समाज में रहते हैं, उसकी प्रगति केवल इमारतों और तकनीक से नहीं होती—बल्कि उस सोच से होती है जो हर दिल में बदलाव की लौ जलाती है।

आज समय है कि हम अपने आसपास के लोगों की ओर हाथ बढ़ाएं:
🔹 किसी बच्चे को शिक्षा का अवसर दें
🔹 किसी बुज़ुर्ग की बात सुनें
🔹 किसी महिला को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाएं
🔹 किसी युवा को सही दिशा में प्रेरित करें

सामाजिक उत्थान कोई बड़ी योजना नहीं—यह छोटे-छोटे कर्मों की श्रृंखला है जो मिलकर एक सशक्त समाज का निर्माण करती है।

🙏 आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा वातावरण बनाएं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान, अवसर और सहयोग मिले।
💬 अपने विचार साझा करें, अपने अनुभव लिखें, और इस मुहिम का हिस्सा बनें।

सामाजिकउत्थान #बदलावकीशुरुआत #समाजसेवा #एककदमबेहतरकलकी_ओर

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