पंचायती श्री विष्णु मंदिर एंव धर्मशाला बारसोई बाजार।

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पंचायती  श्री विष्णु मंदिर एंव धर्मशाला बारसोई बाजार। बारसोई बाज़ार स्थित विष्णु मंदिर निर्माणाधीन है
मंदिर निर्माण मेँ अपना सहयोग प्रदान करेँ।

बारसोई बाज़ार कटिहार स्थित पंचायती श्री विष्णु धर्म ठाकुरबाड़ी के अर्द्धनिर्मित मंदिर निर्माण के हेतु आप सनातन धर्मलाम्बी गण से सहयोग की उपेक्षा रखते है।
विनीत
समस्त बारसोई सनातन धर्मलाम्बी गण
State Bank Of India
Branch-(12649) Barsoi
IFSC-SBIN0012649
A/C Name-Panchayati Sri Vishnu Mandir avm dharmshala barsoi
A/C No-34129065802

श्री कृष्ण चरण पादुका (गोलोकधाम), प्रभासक्षेत्र - गुजरात (सौराष्ट्र)दिनांकः 31 जनवरी  2026, माघ शुक्ल त्रयोदशी
31/01/2026

श्री कृष्ण चरण पादुका (गोलोकधाम), प्रभासक्षेत्र - गुजरात (सौराष्ट्र)
दिनांकः 31 जनवरी 2026, माघ शुक्ल त्रयोदशी

13/01/2026
लोक आस्था का महापर्व छठ छठ देवी को सूर्य देव की बहन बताया जाता है। लेकिन छठ व्रत कथा के अनुसार छठ देवी ईश्वर की पुत्री द...
15/11/2020

लोक आस्था का महापर्व छठ

छठ देवी को सूर्य देव की बहन बताया जाता है। लेकिन छठ व्रत कथा के अनुसार छठ देवी ईश्वर की पुत्री देवसेना बताई गई हैं। देवसेना अपने परिचय में कहती हैं कि वह प्रकृति की मूल प्रवृति के छठवें अंश से उत्पन्न हुई हैं यही कारण है कि मुझे षष्ठी कहा जाता है। देवी कहती हैं यदि आप संतान प्राप्ति की कामना करते हैं तो मेरी विधिवत पूजा करें। यह पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को करने का विधान बताया गया है।

पौराणिक ग्रंथों में इस रामायण काल में भगवान श्री राम के अयोध्या आने के पश्चात माता सीता के साथ मिलकर कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्योपासना करने से भी जोड़ा जाता है, महाभारत काल में कुंती द्वारा विवाह से पूर्व सूर्योपासना से पुत्र की प्राप्ति से भी इसे जोड़ा जाता है।

सूर्यदेव के अनुष्ठान से उत्पन्न कर्ण जिन्हें अविवाहित कुंती ने जन्म देने के बाद नदी में प्रवाहित कर दिया था वह भी सूर्यदेव के उपासक थे। वे घंटों जल में रहकर सूर्य की पूजा करते। मान्यता है कि कर्ण पर सूर्य की असीम कृपा हमेशा बनी रही। इसी कारण लोग सूर्यदेव की कृपा पाने के लिये भी कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्योपासना करते हैं।

छठ पूजा 2020

1. पहला दिन: नहाय-खाय

छठ पूजा का प्रारंभ कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से होती है। यह छठ पूजा का पहला दिन होता है, इस दिन नहाय खाय होता है। इस वर्ष नहाय-खाय 18 नवंबर दिन बुधवार को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:46 बजे और सूर्योस्त शाम को 05:26 पर होगा।

2. दूसरा दिन: लोहंडा और खरना

लोहंडा और खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है। इस वर्ष लोहंडा और खरना 19 नवंबर दिन गुरुवार को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:47 बजे पर होगा और सूर्योस्त शाम को 05:26 पर होगा।

3. तीसरा दिन: छठ पूजा, सन्ध्या अर्घ्य

छठ पूजा का मुख्य दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होती है। इस दिन ही छठ पूजा होती है। इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस वर्ष छठ पूजा 20 नवंबर को है। इस दिन सूर्यादय 06:48 बजे पर होगा और सूर्योस्त 05:26 बजे होना है। छठ पूजा के लिए षष्ठी तिथि का प्रारम्भ 19 नवबंर को रात 09:59 बजे से हो रहा है, जो 20 नवंबर को रात 09:29 बजे तक है।

4. चौथा दिन: सूर्योदय अर्घ्य, पारण का दिन

छठ पूजा का अंतिम दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि होती है। इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है। इस वर्ष छठ पूजा का सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 21 नवंबर को होगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:49 बजे तथा सूर्योस्त शाम को 05:25 बजे होगा।

02/09/2020

हिंदू धर्म में अनेकों रीति-रिवाज, व्रत-त्यौहार, और परंपराएं मनाई जाती हैं। हिंदुओं में किसी भी इंसान के जन्म लेने से लेकर उसकी मृत्यु तक अनेकों प्रकार के रीति-रिवाज़ों का पालन किए जाने की मान्यताएं हैं। इंसान के अंत्येष्टि को उसका अंतिम संस्कार माना गया है लेकिन, अंतिम संस्कार के बाद भी कुछ ऐसे काम होते हैं, जिन्हें मृतक के परिवार के लोग करते हैं, जिससे मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति मिल सके।

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श्राद्ध कर्म उन्हीं में से एक काम माना गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार यूँ तो हर माह की अमावस्या तिथि को श्राद्ध किया जा सकता है लेकिन, भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर अश्विन मास की अमावस्या तक श्राद्ध समय करने और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए निर्धारित किया गया है। इस समय के दौरान लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं, जिससे हमारे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। इसको ही पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष कहा जाता है।

पितृ पक्ष 2020
1 से 17 सितंबर
पूर्णिमा श्राद्ध – 1 सितंबर 2020
सर्वपितृ अमावस्या – 17 सितंबर 2020

‘उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये।त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्‌ सुप्तं भवेदिदम्‌॥’‘उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्ति...
08/11/2019

‘उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये।
त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्‌ सुप्तं भवेदिदम्‌॥’
‘उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव।
गतामेघा वियच्चैव निर्मलं निर्मलादिशः॥
‘शारदानि च पुष्पाणि गृहाण मम केशव।

#देवउठानी एकादशी

साधु कौन है, साधु का अर्थ क्या है? शास्त्र कहता है "मनस्य एकम, वचस्य एकम, कर्मण एकम।।" वह जो मन, वचन, कर्म में से एक हो।...
30/09/2019

साधु कौन है, साधु का अर्थ क्या है?

शास्त्र कहता है
"मनस्य एकम, वचस्य एकम, कर्मण एकम।।"

वह जो मन, वचन, कर्म में से एक हो। जो विचारे सो कहे और जो कहे सो करे। जिसकी कथनी और करनी में भेद न हो वह साधु है।

।। राधे राधे बोलना पड़ेगा ।।

कदाचि त्कालिंदी तटविपिनसंगीतकपरोमुदा गोपीनारी वदनकमलास्वादमधुपःरमाशंभुब्रह्मा मरपतिगणेशार्चितपदोजगन्नाथः स्वामी नयनपथगाम...
04/07/2019

कदाचि त्कालिंदी तटविपिनसंगीतकपरो
मुदा गोपीनारी वदनकमलास्वादमधुपः
रमाशंभुब्रह्मा मरपतिगणेशार्चितपदो
जगन्नाथः स्वामी नयनपथगामी भवतु मे ॥ १ ॥

हे प्रभु ! आप कदाचित जब अति आनंदित होते है,तब कालिंदी तट के निकुंजों में मधुर वेणु नाद द्वारा सभी का मन अपनी ओर आकर्षित करने लगते हो, वह सब गोपबाल ओर गोपिकाये ऐसे आपकी ओर मोहित हो जाते है जैसे भंवरा कमल पुष्प के मकरंद पर मोहित रहता है, आपके चरण कमलो को जोकि लक्ष्मी जी, ब्रह्मा,शिव,गणपति ओर देवराज इंद्र द्वारा भी सेवित है ऐसे जगन्नाथ महाप्रभु मेरे पथप्रदर्शक हो,मुझे शुभ दृष्टि प्रदान करे,

गौराजीको भोलेका योगी रूप सुहाया हैतभी तप करके भोले नाथ को पाया हैकैलाश पर्वतपे शिवजीका बसेरा हैशिव जी के चरणों में गोरा ...
15/01/2019

गौराजीको भोलेका योगी रूप सुहाया है
तभी तप करके भोले नाथ को पाया है
कैलाश पर्वतपे शिवजीका बसेरा है
शिव जी के चरणों में गोरा माँ का डेरा है
शिव शक्ति बन करके
इनकी लीलाको रचाया है
मेरे भोले शिव जैसा देव न कोई दूजा
पार्वती माँ इनकी दिनरात करे पूजा
हर युगमें शिवजीका
देखो साथ निभाया है.

अक्षयनवमी की शुभ तिथि के दिन आँवला वृक्ष के नीचे पूजा करती श्रद्धालुओं महिलाएं ।
18/11/2018

अक्षयनवमी की शुभ तिथि के दिन आँवला वृक्ष के नीचे पूजा करती श्रद्धालुओं महिलाएं ।

क्या होता है पतृ पक्ष पखवारा, हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट ।
29/09/2018

क्या होता है पतृ पक्ष पखवारा, हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट ।

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