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यूजीसी के नए भेदभावपूर्ण नियमों को वापस लेने के लिए सरकार को लोग ईमेल लिख रहे हैं।आप भी इस मुहिम का हिस्सा बनिए। बस 4 आस...
26/01/2026

यूजीसी के नए भेदभावपूर्ण नियमों को वापस लेने के लिए सरकार को लोग ईमेल लिख रहे हैं।

आप भी इस मुहिम का हिस्सा बनिए।

बस 4 आसान चरण:

1. नीचे दिए गए THKS QR कोड स्कैन करें
2. "ईमेल" पर क्लिक करें
3.prewritten e mail, authorities के email id के साथ आपको यहां मिलेगी e mail अच्छे से पढ़ लें,लगे कुछ edit करना है तो edit करें,सब ठीक है?
4. भेजें पर क्लिक करें और बस जिम्मेदार लोगों को UGC के काले नियमों के खिलाफ आपका विरोध e mail के रुप में पहुंच जाएगा।

आइए और सरकार को UGC के काले नियमों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराइए 🙏

20/10/2025
समाज के कुछ परिवार गार्जन माता पिता बच्चो को लोग समय नही देते फिर  ये लोग ऐसे कांड कर देते है बच्चो को रोज शाम को 2 घंटे...
27/09/2025

समाज के कुछ परिवार गार्जन माता पिता बच्चो को लोग समय नही देते फिर ये लोग ऐसे कांड कर देते है

बच्चो को रोज शाम को 2 घंटे समय दो बाहर लेकर घूमने जाओ उनके अच्छे दोस्त बनो बाते करो धीरे धीरे हर विषय पर अपना दृस्टिकोन् रखो

बच्चो पर हुकुम नही सुनाना नही है हुकून सुना दोगे बच्चे बागी बन जाएगे धीरे धीरे समाज मै फैली इस प्रकार की कुरीतयो पर बात कर धीरे धीरे उच नीच समझ आ जाएगी

अब लड़की की।उम्र 15 साल और मा बाप की उम्र 35 से 45 के बीच ...... अब मा बाप सोचते है बच्चा 15 साल की उम्र मै सब समझ जाये अरे जब आप 35 से 45 के बीच. मैच्योर नही हो पाये अपने बच्चे को समय नही दे पाये और आप चाहते है बच्चा दुनिया दरी 15 की. उम्र मै. सीख जाये .....

तो आप डबल रामी है .......

पैसे आप कमाओगे तो बच्चे क्या पड़ोसी पालेंगे.... ऐसी घटनाये लोव जिन्हाद. बिना सफल हुए अपने मन से शादी कर लेना भाग जाना ...... लिव इन मै रहना .... गलत कार्य का सपोर्ट और खुद्द करना इन सबमे सबसे बड़ी भूमिका घर की और गार्जन की होती है .... अगर वो वक्त पर साथ खड़े हो जाये. तो ऐसी घटनाये नही होगी ....

समाज मै परिवार मै आप बात करके उसको हैंडल कर सकते ऐसी घटनाओ से अपने बच्चो को अलर्ट कर सकते है

पर हिंसा का सहारा लेकर. आप अनुकश नही लगा सकते अपितु. आप. आग और भड़का सकतेहै ..

आप चाहते है आपके बच्चे परिवार सुरक्षित रहे आप समय के साथ धीरेधीरे खुल कर. हर विषय पर अपनी बात रखेगे तो बच्चे अवश्य सीखेंगे और समझेंगे भी... अगर आप ससंकोच करोग.. तो घंटाए बढ़ सकती है

बच्चों से इन विषयों पर सीधे और संवेदनशील तरीके से बात करना ज़रूरी होता है ताकि वे सचेत भी हों और असहज भी न महसूस करें। आप इस तरह से बात कर सकते हैं:

1. विश्वास और दोस्ती का रिश्ता बनाइए
बच्चों को यह महसूस कराइए कि वे किसी भी विषय पर आपसे बिना डर के बात कर सकते हैं।

अगर वे कोई सवाल पूछें तो गुस्सा या शर्माने के बजाय खुलेपन से जवाब दीजिए।

2. सही जानकारी दीजिए
कम उम्र में शादी, सेक्स या भाग जाने जैसी चीज़ें क्या दिक्कतें और नुकसान ला सकती हैं—यह बच्चों को उनकी समझ के अनुसार बताइए।

शरीर, रिश्ते और सुरक्षा से जुड़ी बातें उम्र के हिसाब से सरल भाषा में समझाइए।

3. संस्कार और नैतिकता
बच्चों को आत्म-सम्मान, अपने शरीर का सम्मान और दूसरों की मर्यादा का महत्व बताइए।

उन्हें समझाइए कि सच्चा प्यार और रिश्ते जिम्मेदारी और उम्र के साथ ही सही मायनों में समझ आते हैं।

4. डर नहीं, जागरूकता
केवल “ये मत करो” कहने से बच्चे अक्सर और जिज्ञासु हो जाते हैं।

इसके बजाय उन्हें सही-गलत का फर्क, संभावित परिणाम (जैसे पढ़ाई छूट जाना, मानसिक परेशानी, समाज में दिक्कतें, स्वास्थ्य संबंधी खतरे) समझाइए।

5. अच्छा माहौल और उदाहरण
घर में आपस में प्यार, इज़्ज़त और संवाद का माहौल रखिए।

बच्चों को अच्छे दोस्त चुनने, मोबाइल/सोशल मीडिया का सही उपयोग करने और अपने समय का सही इस्तेमाल करने की आदत डालिए।

6. प्रैक्टिकल सुझाव दीजिए
“ना” कहना सिखाइए, ताकि वे किसी गलत दबाव में न आएं।

सही उम्र में पढ़ाई, करियर और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने की प्रेरणा दीजिए।

👉 सबसे ज़रूरी है कि बच्चों को लगे कि माता-पिता उनके साथी हैं, जज करने वाले नहीं।

एक normal सी पोस्ट है, एक सामान्य सी आईडी से और इसे 48 हजार लोग लाइक कर रखें हैं।ब्राह्मणों को जल्द से जल्द इस देश को छो...
05/09/2025

एक normal सी पोस्ट है, एक सामान्य सी आईडी से और इसे 48 हजार लोग लाइक कर रखें हैं।

ब्राह्मणों को जल्द से जल्द इस देश को छोड़ने कि तैयारी करनी चाहिए वरना कब इस देश में लक्षित जातिय सामुहिक नरसंहार शुरू हो जाए कोई नहीं जानता।

किसी मंदिर में प्रसाद लेने से पहले वहाँ की आरती थाल में यथाशक्ति कुछ न्वोछावर कर देते हैं,यानी मुफ्त प्रसाद भी लेना मना ...
05/09/2025

किसी मंदिर में प्रसाद लेने से पहले वहाँ की आरती थाल में यथाशक्ति कुछ न्वोछावर कर देते हैं,

यानी मुफ्त प्रसाद भी लेना मना है,

आश्रम, गुरुद्वार, पूजनीय के पास रिक्त हस्त जाने का निषेध है,

एक ब्राह्मण अपना आसन लायेगा, स्वयं ही बिछायेगा जो पूजन, अनुष्ठान, जप हवन करना हो करेगा पर उठने से पूर्व आसन के नीचे एक आचमन जल डाल देगा,
इंद्र इंद्रिय को आसन ने सुख दिया तो थैंक्स गिविंग तो बनती है,

सूर्य को प्रकाश, ताप, स्वास्थ्य, दृष्टि, ऊर्जा, अन्न, जीवन हेतु एक अंजुली जल देने की बात है, यह भी कृतज्ञता ज्ञापन ही है,

साधनहीन सुदामा ने भी इस 'फ्री का कुछ न लेने' वाले व्रत का पालन किया, तीन मुट्ठी चिवड़ा ही ले गये, पर खाली हाथ नहीं गये,

किसी भोज-भात, पर-परोजन में भी कुछ न कुछ देकर खाने का, पाने का विधान है,
जिसे 'व्यवहार' बोलते हैं,

जो कुछ नहीं दे सकता वह श्रमदान ही करता है,
चार-पाँच पंगत खिलाये बिना नहीं खायेगा, कुछ नहीं तो झाड़ू ही लगायेगा,

मुफ्तखोरी भारतीय डी एन ए में नहीं होती,

मुफ्तखोर को विदेशी भाषा में हरामखोर कहा जाता है ...

साभार - सोमदत्त द्विवेदी जी के वॉल से 🌺🥃

Don't open this, it can be dangerously helpful:1. ChatGPT.com – AI assistant  2. Runway.ml – video editing  3. Krea.ai –...
29/08/2025

Don't open this, it can be dangerously helpful:

1. ChatGPT.com – AI assistant
2. Runway.ml – video editing
3. Krea.ai – logo creator
4. ElevenLabs.io – voice clone
5. Gamma.app – design documents
6. Suno.ai – music creator
7. RecCloud.com – instant voice
8. Relume.io – website design
9. Descript.com – audio editing
10. Fliki.ai – AI voiceover
11. Tome.app – quick presentations
12. Perplexity.ai – AI search engine
13. PicWish.com – photo editing
14. LumaLabs.ai – 3D models

Save this!

A conversational AI system that listens, learns, and challenges

  🚨 Shoot-at-Sight Order if Durga Puja Disturbed: Assam CM Himanta Biswa Sarma📍 Guwahati, Aug 26 – Assam Chief Minister ...
27/08/2025

🚨 Shoot-at-Sight Order if Durga Puja Disturbed: Assam CM Himanta Biswa Sarma

📍 Guwahati, Aug 26 – Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma has issued a strong warning ahead of Durga Puja celebrations. 🙏🎉 He declared that any attempt to disturb the festivities will face a “shoot-at-sight” order.

⚔️ The CM stressed that peace and safety will be ensured at all costs, directing security forces to act strictly against any mischief-makers. 👮‍♂️🔥

हिंदू का अर्थ है -- हिमालय,!   हिंदू का अर्थ है -- हिंद महासागर,!     हिंदू का अर्थ है -- कैलाश पर्वत,!       हिंदू का अ...
27/08/2025

हिंदू का अर्थ है -- हिमालय,!
हिंदू का अर्थ है -- हिंद महासागर,!
हिंदू का अर्थ है -- कैलाश पर्वत,!
हिंदू का अर्थ है -- गौ वंश रक्षक,!
हिंदू का अर्थ है :----गंगा - यमुना -गोदावरी -सिंधु - कावेरी - नर्मदा -- ब्रह्मपुत्र,।
हिंदू का अर्थ है -- कच्छ का रण,।
हिंदू का अर्थ है -- चार धाम,!
हिंदू का अर्थ है -- ५१ शक्ति पीठ,!
हिंदू का अर्थ -- १२ ज्योतिर्लिंग,!
हिंदू का अर्थ -- २१ हजार तीर्थ,!
हिंदू का अर्थ है -- तिलक !
हिंदू का अर्थ है -- चार वेद !
हिंदू का अर्थ है -- १८ पुराण!
हिंदू का अर्थ है --१०९ उपनिषद!
हिंदू का अर्थ है -- गांव !
हिंदू का अर्थ है -- परम्परा!
हिंदू का अर्थ है -- संस्कार!
हिंदू का अर्थ है -- रामायण!
हिंदू का अर्थ है -- महाभारत!
हिंदू अर्थ है -- वसुधैव कुटुंबकम्!
हिंदू का अर्थ है-- वंदे मातरम्!
हिंदू का अर्थ है -- धर्म की वृद्धि!
हिंदू का अर्थ है -- अधर्म का नाश !
हिंदू का अर्थ है -- राष्ट्रवाद,,!
हिंदू का अर्थ है -- संगठन शक्ति,,!
हिंदू का अर्थ है-- हिंदु कुश से हिंद महासागर तक,,!
हिंदू का अर्थ है -- कैलाश से हिंद महासागर तक,,!
हिंदू का अर्थ है -- इस धरती के पुत्र,,!
हिंदू का अर्थ है -- सूर्य के उपासक,,!
हिंदू का अर्थ है-- नदी के पूजक,,!
हिंदू का अर्थ है--प्रकृति के उपासक,,!
हिंदू का अर्थ है-- हरी भरी धरती वाले,,,!
हिंदू का अर्थ है--वृक्ष के रक्षक,,,!
हिंदू अर्थ है-- शरण को देने वाला,,!
हिंदू अर्थ है-- दान पुण्य करने वाला,,!
हिंदू का अर्थ -- ईश्वर के उपासक,,!
हिंदू अर्थ है -- दयावान,,!
हिंदू अर्थ है-- सरल हृदय वाले,,!
हिंदू अर्थ है -- सबका भला हो एसी भावना करने वाले,,,!
,,,,,,सनातनी हिंदू से ही इस धरती में हिंसा रुकी हुई है,,,!
हिंदू किसी ना किसी रूप में धरती के हर देश‌ और हर धरती के तथा हर कोने में रहता है १५० करोड़ हिंदू पूरी धरती में रहते है भारत में भले ही १०० करोड़ हैं सत्य सनातन धर्म की जय हो गर्व से कहो कि हम सब हिन्दू हैं 🚩 🚩

They will steal everything that belongs to Hindus.
27/08/2025

They will steal everything that belongs to Hindus.

देखिये हर स्त्री या लड़की दुर्गा या लक्ष्मी या पार्वती नहीं होती । आपके मानने या न मानने से सार्वभौमिक सत्यता या मूल सिद्...
24/08/2025

देखिये हर स्त्री या लड़की दुर्गा या लक्ष्मी या पार्वती नहीं होती ।
आपके मानने या न मानने से सार्वभौमिक सत्यता या मूल सिद्धांत की सत्यता में तनिक भी अंतर नहीं आएगा ।
आप क्या मानते हैं और क्या नहीं , इससे तथ्य का कोई लेना देना नहीं है ।

आप चंद्रमा को सूर्य मानते रहे तो मानते रहे । इससे चंद्रमा पर कोई असर नहीं पड़ेगा । चंद्रमा शीतल चाँदनी ही देगा और रात्रि में ही निकलेगा । और न ही इससे सूर्य की किरणों पर या सूर्य की ऊर्जा में कोई अंतर आएगा ।
अंतर बस आप पर आएगा क्योंकि तब आप सूर्य और चंद्रमा का लाभ न लेकर अपनी हानि ही करेंगे ।

हर लड़की औरत या स्त्री या महिला दुर्गा नहीं होती । इसको घोंट घोंट कर पी लीजिए ।

अगर आप कहते हैं कि ऐसा शास्त्र कहते हैं तो शास्त्र की अन्य सभी बातों को मानिये । शास्त्र ने दस लक्षण बतायें हैं तो दसों को मानना पड़ेगा , यह नहीं कि एक ही लक्षण लेकर कूदने लगे ।

देखिये शास्त्र ने "कन्या" को दुर्गा और लक्ष्मी बोला है । ध्यान दीजिए कन्या को । उसी कन्या का पूजन करने को कहा है और पाँव छूने को कहा है ।
अब शास्त्रों के अनुसार कन्या का लक्षण सुन लीजिए :-

* कन्या वह है जो कुमारी अवस्था की हो ।
* कन्या वह है जिसका अभी मासिक धर्म शुरू न हुआ हो ।
* कन्या मात्र 12 वर्ष की बालिका को बोला गया है ।
* कन्या को दुर्गा लक्ष्मी इसीलिए कहा गया है , जब तक उसमें काम , क्रोध , लोभ , मोह , ईर्ष्या , डाह , जलन या कोई भी ऐसी दुर्मति का प्रादुर्भाव न हुआ हो ।

एकमात्र यही कन्या पूजने योग्य हैं और यही चरण छुवाने की अधिकारी हैं ।

दुर्गा और लक्ष्मी को खेत की मूली नहीं है कि सभी हो जायेंगी ।
उसके लिए वह स्तर चाहिए , शुचिता चाहिए , वह पात्र चाहिए ।

ये जो घोर मूर्खतावश और अज्ञानतावश आप सबको दुर्गा और लक्ष्मी या सरस्वती बोलते रहते हैं , यह मात्र उस आदिशक्ति का अपमान है , यह घोर अपराध की श्रेणी में आता है ।

विवाह में कन्या और दामाद का पाँव इसलिए छुवा जाता है क्योंकि तब वह उसकी लड़की नहीं , "कन्या" होती है और उस दुर्गा रूपी कन्या का वरण कोई साधारण पुरुष नहीं , स्वयं विष्णु या शिव रूप पुरुष ही करेगा ।
शक्ति और शिव के रूप में या इनका पद देने के कारण ही कन्या और दामाद को पूजा जाता है ।

पहले के समय में कन्या की आयु में ही विवाह कर दिया जाता था ।

तो वर भी विष्णु तुल्य होता था ।

तो इसीलिए पैर पूजने का विधान था । पहले की कन्या विशुद्ध होती थी , इसलिए उनमें भगवती का रूप निरूपित किया जाता था ।

आजकल की तरह नहीं कि 35 वर्ष तक विवाह न हो ।

हमेशा कन्यादान होता है , लड़कीदान या स्त्री दान या पुत्री दान , या बहन दान , या औरत दान नहीं होता ।

और सिर्फ कन्या ही नहीं ,बालक में भी शिव और विष्णु की अवधारणा बताई गई है ।
लेकिन कब तक ??? जब तक वह काम , क्रोध , लोभ , या मायिक विकार से अनभिज्ञ है तब तक । मतलब 12 वर्ष तक की अवस्था के बालक को ।

इसीलिए कहा गया है कि :- बाला बाला देवी भेदा , वत्सो वत्स: श्रीरामः ।

शास्त्र की बात मानते हैं तो पूरी मानिये ।

यह नहीं कि छोटा सी पंक्ति उठा लाये , न कोई आगे पीछे का संदर्भ या न प्रसंग देखा ।
तो अपनी ही हानि करेंगे ।

फिर धर्मों रक्षति धर्म: वाली स्थिति आ जायेगी ।

शास्त्र कोई बात कहते हैं तो उसके पीछे कई अहर्ताएँ रखते हैं । एक शब्द के पीछे कई सारे terms and conditions लागू होते हैं । बिना इसके शास्त्र की कोई पंक्ति validate नहीं होगी ।

फिर वही होगा कि आप शास्त्र जलायेंगे ।

अगर सरकार कहती है कि सरकार सबको 15 लाख रुपये खाते में देगी तो इसके पीछे कई terms and conditions understood होती हैं ।
पहली शर्त होती है कि

* वह मनुष्य हो ।
* वह वयस्क मनुष्य हो ।
* वह भारत का नागरिक हो ।
* वह मानसिक विक्षिप्त न हो ।
* वह किसी आपराधिक मामले में संलिप्त न हो ।
* उसका किसी सरकारी बैंक में एकाउंट हो ।
* वह आयकर दाता हो ।
* उसके 3 बच्चों से अधिक न हो ।

ऐसे तमाम तरह की अहर्ताएँ होती हैं ।

अब आपने सुना और अपने कुत्ते Tommy को भेज दिया कि जाओ सरकार सबको 15 लाख दे रही है तो लोग आपको मूर्ख कहेंगे ।

तो इसी तरह शास्त्र की बात मानें तो पूरी मानें ।

ऐसे ही कुछ लोग जन्मना ब्राह्मण और कर्मणा ब्राह्मण पर लेकर झोंटा झोंटी और तलवार बाजी करते हैं। ये दोनों घोर मूर्ख हैं , जी हाँ ! दुबारा पढ़ लीजिए "घोर मूर्ख"

न जाति जन्मना होती है न कर्मणा ।
जब इन दोनों के सिद्धान्तवादियों को टकराते हुए देखता हूँ तो बहुत हँसी आती है और दुःख भी होता है ।
खैर इस पर चर्चा नहीं करूँगा , जब मेरी पुस्तक आएगी तो उसमें पढ़ लीजिएगा ।

तो सार यह है कि सभी लक्ष्मी दुर्गा नहीं होती ।
सबको लक्ष्मी दुर्गा कहना , मात्र पापाचार को बढ़ावा है ।
या तो आप उस अद्वितीय शक्ति से अनभिज्ञ हैं , या तो जान बूझ कर आप उस शक्ति का अपमान कर रहे हैं ।

फिर तो ऐसे सभी दुर्गा हुई । एक छोटी दुर्गा और दूसरी बड़ी दुर्गा । फिर बड़ी दुर्गा कैसे छोटी दुर्गा का पैर छू सकती है । बड़ी दुर्गा और छोटी दुर्गा आपस में लड़ रही हैं ।
यह पूरा संसार दुर्गामय बन जायेगा तो यह पृथ्वी स्वतः रुक जाएगी ।

अरे ! वह कोई मामूली शक्ति नहीं है जिसका आह्वाहन आप कामी , क्रोधी , लोभी , मोही , पापा चारिणी सभी में कर दे ।

अच्छा अगर आप सबको दुर्गा और लक्ष्मी मानते हैं तो आपकी हैसियत है उस दुर्गा और लक्ष्मी के साथ सोने की ????

छि छि छि छि । कैसे राक्षस प्रवृत्ति के हो तुम लोग !!!

अरे अद्वितीय शक्ति का वरण कोई अद्वितीय शक्ति ही कर सकता है ।

आपको शर्म नहीं आती कि जिसे आप दुर्गा लक्ष्मी बोल रहे हैं , उसका विवाह आप साधारण पुरुष से कर रहे हैं ???
धिक्कार है ।
ये तो रिश्तों की मर्यादा को भी कलंकित किया जा रहा है ।

आप अगर हर स्त्री या लड़की को दुर्गा बोलते हैं तो प्रियदर्शिनी ने जब थप्पड़ मारा तब तो आपको जय जय करना चाहिए कि उसका बहुत बड़ा सौभाग्य कि साक्षात दुर्गा माँ ने थप्पड़ रसीद किये ।

किसी दुष्चरित्र स्त्री को आप दुर्गा की संज्ञा नहीं दे सकते ।

और आप अंतर्यामी हैं नहीं कि आपको पता लग जाये कि अमुक स्त्री क्या है ।

इसीलिए शास्त्रों ने इसके लिए एक रेखा खींच दी कि मात्र 12 वर्ष तक की बालिका को कन्या या 12 वर्ष तक के बच्चों को विष्णु या शिव रूप में पूजित कर सकते हैं।

इसीलिए 12 वर्ष तक की अवस्था तक बालक या बालिका के किसी भी ग़लत कर्म को नोट नहीं किया जाता या पाप की श्रेणी में नहीं डाला जाता या उसके कर्मफल नहीं दिया जाता ।

ध्यान रखिये सिर्फ ग़लत कार्यों को ।
अच्छे कार्यों का notification होता है।

तो फिर प्रत्येक स्त्री अगर दुर्गा और लक्ष्मी है तो फिर इस संसार में कोई भी स्त्री गलत कार्य नहीं कर रही है । वेश्या और दुष्चरित्र कलंकित स्त्रियों को भी आपको कुछ नहीं कहना चाहिए क्योंकि वह दुर्गा और लक्ष्मी है ।

लोग कहते हैं कि हम अपनी बेटी का पाँव छूते हैं या हमारे यहाँ लड़कियाँ पाँव नहीं छूती ।

तो यह आप उस लड़की को पाप का भागीदार बना रहे हैं ।
ध्यान दीजिए पुत्री का पैर नहीं छुवा जाता , कन्या का छुवा जाता है ।
आप उसका पैर छूकर उसका पुण्य ले रहे हैं और उस पर अपना भार चढ़ा रहे हैं ।
आप उसे अपने आशीर्वाद से वंचित रखकर और उस पर अपना पाप चढ़ाकर उसके जीवन को संघर्षों से भर रहे हैं और जीवन कठिन बना रहे हैं । भोगना उसे पड़ेगा , और उसके दुःख के कारण आप भी दुखी रहेंगे ।

ऐसे ही होगा जैसे Nobita doraemon की बिना पूरी बात सुने उसका gadget use करने लगता है और फिर बड़ी परेशानी में फंस जाता है ।
इसीलिए शास्त्रों की सभी बातों पर ध्यान दीजिए ।

पैर एकमात्र और एकमात्र ज्ञान , पद और आयु में बड़े व्यक्ति या व्यक्तित्व का ही छुवा जाता है ।
अगर आप उसे कन्या देखते हैं तो उसे पुत्री , भगिनी या अन्य रूप में नहीं देख पाएंगे ।

बाकी का पाँव क्यों छुवा जाता है , उसका उद्देश्य क्या है , यह जिस दिन समझ जायेंगे तो उस दिन यह पैर छूने छुलाने वाली बीमारी स्वतः ही समाप्त हो जाएगी ।

आपने जिसका पाँव छुवा है , अगर वह आशीर्वाद या मंगल संदेश न दे तो पैर छुवाने वाले का नाश होता है ।
अगर आपने किसी अनाधिकारी का पैर छुवा है तो उसका तो नाश होगा ही , साथ ही साथ आपका भी नाश होगा या हानि होगी ।

उचित समय मात्र पर वह कन्या के पद पर होती है । अगर हर वक्त आप उसे कन्या के पद पर रखेंगे तो यह संसार चलेगा ही नहीं ।

इसीलिए कन्या की परिभाषा , अंतर , विभाव को समझ कर कार्य करें वरना अपने साथ साथ आप अपनी पुत्री के जीवन को भी कष्टमय बना रहे हैं ।

इसीलिए पुत्री को पुत्री रूप में देखें । कन्या का रूप तब देखें जब कोई विशेष अवसर हो या सच में वह कन्या हो ।

अन्यथा उसे पुत्री रूप में ही देखें और उसे बड़ों का सम्मान करना सिखायें । वरना जब वही दुर्गा घर से नाक कटा कर भागेगी तो वही दुर्गा आपको ताड़का लगेगी ।

और यह जो दिमाग़ में फितूर है न आपके कि "शक्ति" नारी का रूप या स्त्रीलिंग होती है , इसको निकाल बाहर फेंकिये ।

शक्ति का कोई Gender नहीं होता । शक्ति का कोई लिंग, आकार , रूप , जाति , सम्प्रदाय नहीं होता ।

अरे वह तो शुम्भ निशुम्भ या महिषासुर इत्यादि को स्त्री से मरने का वरदान था इसलिए उस शक्ति को स्त्री रूप में आना पड़ा ।

वरना यही शक्ति त्रेता में राम बनकर आयी और द्वापर में कृष्ण बनकर आयी ।

जब इसको जिसकी आवश्यकता होती है वह उसी रूप को धारण करके आती है ।

ये भगवान या भगवती कोई स्त्री पुरुष नहीं है । उसकी कोई जाति नहीं , उसका कोई लिंगभेद नहीं ।
यह तो हम दुर्मतियों को समझाने के उद्देश्य से बताया गया है क्योंकि हमारी बुद्धि की पहुँच नहीं है वहाँ पर ।
इसीलिए ऋषि मुनि या महापुरुष हमारी बुद्धि के स्तर पर आकर उस परम तत्व को समझाने का प्रयास करते हैं ताकि इसकी बुद्धि में कुछ तो घुसे । बाद में जब साधना का स्तर जब आएगा तब यह स्वतः समझ जाएगा ।

तो इसीलिए शास्त्रों की बात मानकर मात्र कन्या को ही दुर्गा और लक्ष्मी निरूपित करें ।

आपके क्षेत्र में क्या होता आया है , या क्या परंपरा रही है , उससे सिद्धांत और शास्त्र का कोई लेना देना नहीं है । जब फल भोगने का समय आएगा तो यह तर्क या advocacy नहीं चलेगी कि हमारे यहाँ ऐसा होता है , न न , कर्म का फल शास्त्रों के और सिद्धांतों के अनुरूप मिलेगा ।

आप जो मानते आए हैं या जो आप मानते हैं , उससे शास्त्रों के मूल सिद्धांत का बाल बांका भी नहीं होगा ।

और परम्परा के नाम पर संसार में बहुत कुछ हो रहा है । परम्परा का अर्थ सत्य नहीं होता ।

सूर्य पूर्व से उगता है । भले आप यह मानते रहे कि नहीं पश्चिम में उगता है या उधर ही मुँह किये खड़े होकर सूर्य को ढूँढते रहें या ये कहें कि हमारे यहाँ यही माना जाता है या सभी यही मानते हैं ।

सूर्य पूर्व से ही उगेगा और अस्त पश्चिम में ही होगा ।

इसलिए निवेदन है कि अपने शास्त्रों की बातों को पूरा मानें । यह न कहें कि "मेरे अनुसार" या "मेरा मानना है कि" या "लोग कहते हैं कि"

क्योंकि आपके अनुसार या लोगों के अनुसार भोग दंड नहीं मिलेगा ,हर कर्म अपने सिद्धांत या कानून के अनुसार दंडफल देता है ।

धन्यवाद ।

- Shwetabh Pathak ( श्वेताभ पाठक )

The whole Karnataka Dharmsala affair is a Christian Missionary mafia job.
23/08/2025

The whole Karnataka Dharmsala affair is a Christian Missionary mafia job.

😡 SHOCKING! Last week: “My daughter Ananya Bhat was r***d & buried in Dharmasthala.” Today: “I lied. I never had a daughter, I was told to say this.” This is a deep conspiracy to malign Hindus with big forces behind it. Please get NIA to investigate ASAP!

23/08/2025

कल Android ने एक Update दिया, जिसके बाद सभी के Dialers बदल गए हैं... यह बेहद बकवास update था और सभी लोग इसकी बुराई कर रहे हैं.

आप भी इस Dialer से दुखी हैं, तो आपको छोटा सा काम करना होगा.

Go to the Play store , search for 'Google Dialer ' or ' Phone by google' and uninstall the app.

That's it... That's the fix 😂

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