06/07/2020
#उधार की वाळ से...........
अभी कानपुर की नृशंस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के अपराध जगत के हौसले आसमान की बुलंदियों को छू ही रहे थे कि प्रयागराज में विमलेश पाण्डेय के परिवार की जघन्य हत्या ने योगी सरकार के अपराध मुक्त और भयमुक्त समाज की स्थापना के संकल्प पर एक और जोरदार तमाचा जड़ दिया !
एक सीधा सादा परिवार जिसमें विमलेश पाण्डेय, उनकी पत्नी और तीन बच्चे हंसते खिलखिलाते जीवन में आगे बढ़े जा रहे थे लेकिन उन्हें ना जाने किसकी नजर लग गई दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए पूरे परिवार को इतनी बर्बरता से कत्ल किया गया जिसे देखकर तो शैतान की रूह भी थर्रा गई होगी..
दो बेटियां जिन्हें उस घर से विदा होकर किसी के आंगन की लक्ष्मी बनना था उन्हें वीभत्सता की हद पार करते हुए दुनिया से विदा कर दिया गया !
एक नौजवान जिसे जीवन में अपने परिवार की उम्मीदों को साकार कर अपने माँ बाप और बहनों का गौरव बनना था उसकी आत्मा को निर्ममता से उसके शरीर से खींच लिया गया.. एक अधेड़ व्यक्ति जो सीधे सादे तरीके से अपने परिवार की नौका जीवन के समंदर में लिये जा रहा था उसे बड़ी ही बेदर्दी से एक झटके में मझधार में डुबा दिया गया, और अपराधी अभी भी पकड़ से बाहर हैं
जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रही एक पत्नी और तीन बच्चों की माँ, जिसकी सांसें अभी भले ही चल रही हों लेकिन कब तक चलेंगी कहा नहीं जा सकता क्योंकि उनका जीवन यदि बच भी गया तो उनके लिए उस जीवन का क्या महत्व होगा जब क्रूर शैतानों ने उनका सर्वस्व छीन लिया !
अपराधियों के बढ़े हुए मनोबल को दर्शाती हुई ये दुर्दांत घटना आज प्रदेश की योगी सरकार को अपराध जगत की खुली चुनौती है यह सीधी चुनौती है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को जिन्होंने आपराधिक मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अपराधियों को अपराध या प्रदेश छोड़ देने की खुली चेतावनी जारी कर प्रदेश को भयमुक्त बनाने का वादा किया था लेकिन आज तीन साल बाद भी जिस तरह से प्रयागराज जैसी नृशंस घटना अंजाम दी गई उससे तो यही लगता है कि भयमुक्त समाज के वादे ने आधे रास्ते में ही दम तोड़ दिया ?
महाराज जी, आज विमलेश पाण्डेय जी और उनके परिवार की आत्मा आपसे इंसाफ मांग रही होगी क्योंकि जब आप मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए होंगे तो उनकी आंखों में भी सुरक्षा का भरोसा दिखा होगा अपराध मुक्त समाज में बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखी होगी
आज आप उन मृतकों के प्राण तो नहीं लौटा सकते लेकिन उनके हत्यारों को कठोरतम सजा दिला कर एक ऐसी मिसाल जरूर बना सकते हैं जिससे भविष्य में कोई अपराधी फिर किसी विमलेश पाण्डेय और उसके परिवार के साथ ऐसी दुर्दांत घटना करने की सोच भी न सके.. क्योंकि अब तो शायद यही आपकी सरकार द्वारा उस परिवार को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.......