Jai Mata kali mandir, Derginiya , balrampur

Jai Mata kali mandir, Derginiya , balrampur jai mata di

Aaj mataji ke sthan per Shrimad Bhagwat Katha  prarambh ho chuka hai Jai mata di
12/11/2024

Aaj mataji ke sthan per Shrimad Bhagwat Katha prarambh ho chuka hai

Jai mata di

सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने ।लब्ध्वा शुभं नववर्षेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम् ॥As the sun gives light, th...
01/01/2024

सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने ।
लब्ध्वा शुभं नववर्षेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम् ॥
As the sun gives light, the sensation gives birth to compassion, and the flowers always spread their fragrance. The same way, may our new year be a pleasant one for us every day, every moment.
जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदना करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है, उसी तरह आने वाला हमारा यह नूतन वर्ष आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो ।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत चयनित बलरामपुर और तुलसीपुर रेलवे स्टेशन को उन्नत यात्री सुविधाओं, स्टैंडर्ड साइनेज, ड...
01/12/2023

अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत चयनित बलरामपुर और तुलसीपुर रेलवे स्टेशन को उन्नत यात्री सुविधाओं, स्टैंडर्ड साइनेज, डिजिटल घड़ियां, वाटर कूलर, फुट ओवर ब्रिज रैम्प, लिफ्ट्स एवम् एक्सलेटर आदि के साथ अपग्रेड किया अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत चयनित बलरामपुर और तुलसीपुर रेलवे स्टेशन को उन्नत यात्री सुविधाओं, स्टैंडर्ड साइनेज, डिजिटल घड़ियां, वाटर कूलर, फुट ओवर ब्रिज रैम्प, लिफ्ट्स एवम् एक्सलेटर आदि के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।

 #शुक्रिया टीम इंडिया  हार जीत होतीं रहती नरवस होनी की ज़रूरत नहीं आपने बेहतर खेला इंडिया बेहतर था बेहतर हैं बेहतर रहेगा ...
20/11/2023

#शुक्रिया टीम इंडिया

हार जीत होतीं रहती नरवस होनी की ज़रूरत नहीं आपने बेहतर खेला इंडिया बेहतर था बेहतर हैं बेहतर रहेगा 🇮🇳

हम अपने खिलाड़ियों को रोते हुए नहीं देख सकते। हम हारे जरूर पर हमारे खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। हम भारतीय टीम क...
19/11/2023

हम अपने खिलाड़ियों को रोते हुए नहीं देख सकते। हम हारे जरूर पर हमारे खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। हम भारतीय टीम के सिर्फ खुशियों में ही नही दुखों में भी साथ होना चाहिए। आगामी भविष्य के लिए को शुभकामनाएं !!!

03/10/2023

10 वर्ष पूर्व 4 लाख रुपये में लिया घर आज 40 लाख में बेचना है, परन्तु 10 वर्ष पूर्व 400 रुपये में मिलने वाला गैस सिलैंडर आज भी 400 रुपये में ही चाहिये.
मानसिकता बदलो,सरकार नहीं.....

: 😎😎😎😎😎😎😎😎😎😎

जिनका मानना है, अब बहुत महंगाई हो गई है तो उनसे ही पूँछता है भारत कि जैसे 2004 में किसी चीज के रेट थे, उसके बाद 2014 तक इतने गुना बढ़े तो अब 2024 में इतने गुना बढ़कर कितने होने चाहिए ?????

काँग्रेस आई 2004 में पेट्रोल 35 था,
गई 2014 में 73 था मतलब 35×2=70 से भी ज्यादा
तो
2024 में 73×2=146
मतलब 150 होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,
तब आटा 8 रूपए किलो था !
2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,
तब आटा 24 रूपए किलो था !
मतलब 8×3=24
तो
2024 में 24×3=72,
मतलब 72 होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,
तब चीनी 13 रूपए किलो थी !
2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,
तब चीनी 38 रूपए किलो थी !
मतलब 13×3=39
तो
2024 में 39×3=117 मतलब 117 होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,
तब सरसों तेल 35 रूपए लीटर था !
2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,
तब सरसों तेल 100 रूपए लीटर था !
मतलब 35×3=105
तो,
2024 मे 100×3=300, मतलब 300 होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,
तब चाँदी 7,000 रूपए किलो थी !
2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,
तब चाँदी 70,000 रूपए किलो थी !
मतलब 7,000×10=70,000,
तो
2024 मे 70,000×10=7,00,000
मतलब 7,00,000 होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,
तब सोना 6,000 रूपए 10 ग्राम था !
2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,
तब सोना 42,000 रूपए 10 ग्राम था !
मतलब 6,000×7=42,000
तो
2024 में 42,000×7=2,94,000 मतलब 2,94,000 होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

2004 में मनमोहन सिंह की सरकार बनी,
तब जो मकान 10 लाख रूपए का था !
2014 में मनमोहन सिंह की सरकार गई,
तब वो मकान 1 करोड़ रूपए का था !
मतलब 10×10=1 करोड़
तो
2024 में 1×10=10 करोड़
मतलब 10 करोड़ होना चाहिए,
लेकिन अब कितना है ??????

मनमोहन सिंह सरकार के 10 सालों में
प्रॉपर्टी की कीमतें 10 से 20 गुणा तक बढ़ी.....!!

जिसे मोदीजी के कार्यकाल में मंहगाई लगती हो खुली आँखों से काँग्रेस शासनकाल की तुलना करे।
वह तो भारत देश की खुशकिस्मती थी कि 2014 में मोदी प्रधानमंत्री बन गये अन्यथा इतनी बड़ी जनसंख्या के साथ आज विश्व भर की मंदी के दौर में श्रीलंका, बांग्लादेश व पाकिस्तान से बुरी स्थिति में भारत खड़ा होता!!

अब किस-किस को महंगाई ज्यादा लगी ??????
🙏
मैं अंध मोदी प्रेमी नही हूं l
लेकिन अंधा भी नहीं हूं

#
*कम से कम पांच ग्रुपों में फॉरवर्ड करें!*
🙏
*कुछ को मैं जगाता हूँ!*

*कुछ को आप जगाऐं!*

🚩 *राष्ट्रधर्म सर्वोपरि*

न केवल उनके द्वारा बनाये गये स्तंभो की नक्काशियाँ आज सबको चकित करती हैं बल्कि स्तंभों के प्रत्येक पट्टिकाओं द्वारा दिये ...
17/05/2023

न केवल उनके द्वारा बनाये गये स्तंभो की नक्काशियाँ आज सबको चकित करती हैं बल्कि स्तंभों के प्रत्येक पट्टिकाओं द्वारा दिये गये संदेश भी आज के लोगों के लिए समझ से परे है ।

1) घटा पट्ट - श्री गणेश या श्री लक्ष्मी निवास करते हैं

2) सिंहमुख पट्ट- वीरता और साहस का प्रतिनिधित्व करता है

3) द्वारपाल पट्ट - मंदिर में पीठासीन देवता के संरक्षक मौजूद हैं
४) वादका / वादकी पट्ट - संगीतकार देवता की श्रद्धा में गीत गाते हैं।

5) अवतार पाट्टा - पीठासीन देवता के विभिन्न अवतारों को दर्शाता है

6) कलिका पट्ट - मोक्ष प्राप्त करने की हर किसी की क्षमता को इंगित करता है।

7) खंडिका पट्ट - ध्वनि के माध्यम से इस ब्रह्मांड की अपूर्णता, क्षणिक निर्माण को दर्शाता है।

8 ) देव गण पट्ट - देवत्व के सभी अच्छे पात्रों का मिलन

9) गंधर्व पट्ट - वज्र की अविनाशीता को इंगित करता है।

10) कीर्तिमुख पट्ट - कीर्तिमुख अपने गुरु महादेव के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

११) कुम्भिका / पूर्णकुंभ - सबसे ऊपर पानी का बर्तन।

१२) सिरसा - यह दर्शाता है कि वजन उठाने में इसका उतना ही महत्व है जितना मनुष्य के सिर का उसके शरीर के लिए कार्य करना ।

(मोढेरा सूर्य मंदिर, गुजरात)⛳
ForexWith Pradeep 🌍🤗

आर्यावर्त के प्रत्येक पाषाण खण्ड में सनातन धर्म का गौरवान्वित शौर्यपूर्ण इतिहास लिखा हुआ है। 🤗💗इस इतिहास को पढ़ने वाले लो...
17/05/2023

आर्यावर्त के प्रत्येक पाषाण खण्ड में सनातन धर्म का गौरवान्वित शौर्यपूर्ण इतिहास लिखा हुआ है। 🤗💗

इस इतिहास को पढ़ने वाले लोगों में जिज्ञासा, ललक और तत्परता अवश्य ही होना चाहिए।

अन्यथा वे इसमें लिखे इतिहास के अर्थ को नहीं जान सकते हैं।

भोग नन्दीश्वर मन्दिर का निर्माण नौवीं सदी में नन्दी पहाड़ों के तलहटी पर किया गया है।

यह अद्वितीय मन्दिर आदिदेव भगवान शिव को समर्पित है।

भोग नन्दीश्वर मन्दिर, चिक्कबल्लपुर, कर्नाटक में स्थित है।
(चित्र - साभार)

इस मन्दिर का निर्माण उस काल में हुआ है जब "किताबी" अस्तित्व में भी नहीं आया था।

ध्यान से जूम करके देखें, जिन आकृतियों को कागज पर भी उकेरना असम्भव है उन्हें हमारे पूर्वजों ने पत्थरों पर त्रुटिरहित निर्माण किए हैं।

वास्तव में विचार करें तो आधुनिक युग में लेज़र तकनीकों से भी इसकी प्रतिलिपि बनाना कदाचित असम्भव ही होगा।

और अब वर्तमान में "कटपीस" सनातनी मन्दिरों/देवालयों पर अनैतिक अवैध अतिक्रमण कर उस पर अपने नाम का "लेबल" चिपका कर अधिकार दिखाता है।

क्या आज हम उन सनातनी शिल्पकारों वास्तुकारों के निःस्वार्थ परिश्रम और पुरुषार्थ तथा धर्म के प्रति समर्पण की तुलना में अपने सनातन धर्म और संस्कृति परंपरा के प्रति उतना ही समर्पित हैं.??

विचार करें अवश्य विचार करें ⛳👏

अतुलनीय सनातन धरोहर.

मंदिर अब बनने लगा हैJai shri ram
13/05/2023

मंदिर अब बनने लगा है
Jai shri ram

बात उस समय की है जब श्री तपासेजी उत्तरप्रदेश के राज्यपाल थे | श्री तपासे जी बाबा का दर्शन करने लाररोड पहुँचे | उन्होंने ...
08/05/2023

बात उस समय की है जब श्री तपासेजी उत्तरप्रदेश के राज्यपाल थे | श्री तपासे जी बाबा का दर्शन करने लाररोड पहुँचे | उन्होंने बाबा के कहा कि वर्षा बिलकुल नहीं हुई है, लोग बेहाल हैं | सूखे से जनता की रक्षा कीजिये, बाबा | जलवृष्टि करवाइए |

बाबा ने श्री तपासे जी की ओर मुस्कुराते हुए देखा और उन्हें बहुत सी विलक्षण बातें बतायीं | साथ ही बाबा ने इस बात पर प्रसन्नता भी व्यक्त करी कि एक नेता ऐसा मिला जिसने अपने लिये कुछ नहीं माँगा अपितु पूरी जनता के कल्याण के लिये कुछ माँगा | बाबा जब प्रसन्न होते थे तब प्रसाद की वर्षा कर देते थे | बाबा ने इन्हें इतना फलों का प्रसाद दिया कि एक गठरी हो गयी | फिर जब इन्होंने बाबा से आज्ञा माँगी तो सुरक्षा अधिकारी प्रसाद की गठरी उठाने लगा | इन्होंने तुरंत उसे मना किया और गठरी खुद उठाकर पैदल ही वहाँ से चलने लगे |

श्रीबाबा ने जोर से ताली बजाई और हँसते हुए कहा कि देखो किसान का बेटा जा रहा है | बाबा ने श्रीतपासे जी की प्रार्थना सुन ली | तुरंत बादल घिरने लगे और ज़ोरों की वर्षा हुई | श्री तपासे जी १४ सितम्बर, १९७९ को बाबा के दर्शन करने गए थे और यह सारा वृतांत १६ सितम्बर, १९७९ को ‘दैनिक जागरण’ में छपा था |

अपने मन में हमें लोगों के कल्याण की भावना रखनी चाहिए | ऐसी भावना संतों की कृपा हम पर करा देगी | हम दूसरों का कल्याण चाहेंगे तो स्वयं हमारा कल्याण होगा या यूँ कहें कि तभी हमारा कल्याण होगा | साथ ही हम जब संतों के दर्शन करने जाएँ तो अपने अहंकार को छोड़कर जाना चाहिए | श्री तपासे जी ने राज्यपाल होते हुए जो किया वो दिखाता है कि ये ममता और अहंता छोड़ कर संत के पास गए थे और यही तो ‘तप’ है, यही तो ‘यज्ञ’ है | इसी में कल्याण निहित है |

श्री तपासे जी ने लिखा है – “आध्यात्मिकता ही मानव जाति की प्रमुख संरक्षक रही है और उसका ह्रास होने के साथ ही समाज में भीषण अंतर्विरोध, हिंसा तथा स्वार्थ का ताण्डव उपस्थित हो जाता है | आज का जन जीवन अगर दुखी है तो उसका मूल कारण आध्यात्मिकता का ह्रास होना है | देवराहा बाबा आज आध्यात्मिक शक्ति के ज्वलंत प्रतीक हैं |”

श्रीलंका के कोलंबो स्थित मयूरपति बद्रकालीअम्मन मंदिर में आप प्रतिदिन सुबह 11.10 बजे गर्भ गृह गोपुरम के ऊपर देवी पर सीधे ...
08/05/2023

श्रीलंका के कोलंबो स्थित मयूरपति बद्रकालीअम्मन मंदिर में आप प्रतिदिन सुबह 11.10 बजे गर्भ गृह गोपुरम के ऊपर देवी पर सीधे सूर्य की किरणें गिरते देख सकते हैं।।

🌍 #राजारामचंद्रकीजय 💟☂️

गोंडा( उत्तर प्रदेश) के पृथ्वीनाथ मंदिर में है भीम द्वारा स्थापित 5000 वर्ष पूर्व महाभारत काल का  शिवलिंगपुरातत्व विभाग ...
01/05/2023

गोंडा( उत्तर प्रदेश) के पृथ्वीनाथ मंदिर में है भीम द्वारा स्थापित 5000 वर्ष पूर्व महाभारत काल का शिवलिंग

पुरातत्व विभाग की जांच में पता चला कि यह एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है, जो 5000 वर्ष पूर्व महाभारत काल का है। खरगूपुर स्थित प्राचीन पृथ्वीनाथ मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। दावा किया जाता है कि यह एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है। किवदंती है कि द्वापर युग में अज्ञातवास के दौरान भीम ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। इसकी ऊंचाई इतनी है कि एड़ी उठाकर ही जलाभिषेक किया जाता है। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित मंदिर में महाशिवरात्रि पर देश ही नहीं बल्कि नेपाल तक के श्रद्धालु भी दर्शन-पूजन करने आते हैं।

जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर पृथ्वीनाथ मंदिर है। मंदिर में स्थापित पांच फीट ऊंचा शिवलिंग काले कसौटी के दुर्लभ पत्थरों से बना हुआ है। टीले पर स्थित इस मंदिर के बारे में जानकारों का कहना है कि मुगल सम्राट के कार्यकाल में उनके किसी सेनापति ने यहां पूजा अर्चना की थी और मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। भीम द्वारा स्थापित यह शिवलिंग धीरे-धीरे जमीन में समा गया। कालांतर में खरगूपुर के राजा मानसिंह की अनुमति से यहां के निवासी पृथ्वीनाथ सिंह ने मकान निर्माण कराने के लिए खोदाई शुरू करा दी।

उसी रात पृथ्वी सिंह को स्वप्न में पता चला कि नीचे सात खंडों का शिवलिंग दबा है। उन्हें एक खंड तक शिवलिंग खोजने का निर्देश हुआ। इसके बाद शिवलिंग खोदवाकर पूजा-अर्चना शुरू करा दी। कालांतर में उनके नाम पर ही पृथ्वीनाथ मंदिर विख्यात हो गया। लगभग चार दशक पूर्व पुरातत्व विभाग की जांच में पता चला कि यह एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है, जो 5000 वर्ष पूर्व महाभारत काल का है। मंदिर के पुजारी श्याम कुमार गोस्वामी ने बताया कि मंदिर प्राचीन महत्व का है। भक्तों का कहना है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक तथा दर्शन पूजन करने से मनवांछित फल प्राप्त होता है।

🙏💕

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Balrampur
271604

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