प्राचीन मुरली मनोहर मंदिर चुवाडी

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की आप सब को हार्दिक शुभकामना 🙏🙏🙏🙏🙏जय श्री राधे कृष्णा🙏🙏🙏🙏🙏
06/09/2023

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की आप सब को हार्दिक शुभकामना 🙏🙏🙏🙏🙏
जय श्री राधे कृष्णा🙏🙏🙏🙏🙏

महाशिवरात्रि अथवा शिवरात्रि हिंदुओ का एक प्रमुख त्यौहार है। इसे शिव चौदस या शिव चतुर्दशी भी कहा जाता है। फाल्गुन मास के ...
26/02/2022

महाशिवरात्रि अथवा शिवरात्रि हिंदुओ का एक प्रमुख त्यौहार है। इसे शिव चौदस या शिव चतुर्दशी भी कहा जाता है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि में चंद्रमा सूर्य के समीप होता है। अतः इसी समय जीवन रुपी चंद्रमा का शिवरूपी सूर्य के साथ योग मिलन होता है। अतः इस चतुर्दशी को शिवपूजा करने से। जीव को अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि पर रुद्र अभिषेक का बहुत महत्व माना गया है। और इस पर्व पर रुद्र अभिषेक करने से सभी रोग और दोष समाप्त हो जाते है
आचार्य राकेश कुमार शास्त्री (रिकी पंडित) 🙏🙏🙏
9418637971, 8219383140

जय श्री राधे कृष्णा....... 🙏🙏🙏भारतीय परंपरा में कृष्ण जन्माष्टमी को बडे हर्षोल्लास से मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी को...
28/08/2021

जय श्री राधे कृष्णा....... 🙏🙏🙏
भारतीय परंपरा में कृष्ण जन्माष्टमी को बडे हर्षोल्लास से मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी को भाद्रपद मास के कष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहणी नक्षत्र में मनाया जाता है।इस बर्ष में अष्टमी तिथि का आरम्भ 29 अगस्त रविवार को 11:25 मिनट पर होगा तथा अष्टमी तिथि 30 अगस्त को रात 1:59 मिनट तक रहेगी। इसलिए जन्मष्टमी का व्रत 30 अगस्त सोमवार को रखा जायेगा।

आचार्य राकेश कुमार शास्त्री (रिकी पंडित) 🙏🙏🙏

25/05/2021

जय श्री राधे कृष्णा ........
पंचाग के अनुसार 26 मई बुधवार को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि में लगने जा रहा है। इस चंद्र ग्रहण को उपछाया ग्रहण माना जा रहा है। इसलिए इसमें सूतक काल के नियमो का पालन नहीं किया जाएगा। और यह ग्रहण केवल निम्न राज्यों में दिखाई देगा जैसे( त्रिपुरा , बंगाल, आसाम, अरूणाचल प्रदेश, बिहार ,नागालैण्ड आदि।) बाकि पूरे भारत में ग्रहण न दिखाई देगा और न सूतक काल विचार होगा।
पंजाब, हरियाण, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, लदाख, दिल्ली, चंडीगढ में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा।

पं राकेश कुमार शास्त्री (रिकी पंडित) 🙏🙏🙏🙏

17/06/2020

जय श्री राधे.........
जैसा की आप सभी जानते है कि इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 21जून 2020 को भारत मे तथा एशिया , अफ्रिका , और यूरोप के कुछ क्षेत्रों मे दिखाई देगा। भारत के प्रत्येक नगर/ग्राम मे इसे अलग-अलग समय पर देखा जायेगा। यह ग्रहण कंकण (चूडामणि) सूर्य ग्रहण है। यह ग्रहण सुबह 10:23 मिनट से दोपहर 1:44 मिनट तक रहेगा तथा इसका सूतक काल 20 जून 2020 रात्रि को 9:16 मिनट से शुरू होगा।
सूर्य ग्रहण के समय क्या करे - क्या ना करे ?
1. सूर्य ग्रहण के समय सूर्य मंत्र का जप करें , आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करे , महामृत्युजंय मंत्र का जप करे , तथा ग्रहण के पश्चात यथा शक्ति ब्राह्मण को दान दे।

(क्या न करे)...........
2. ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना, अनावश्यक खाना-पीना , निद्रा, तैलमर्दन वर्जित है। गर्भवती महिलाओं को विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए। उन्हें ग्रहणकाल मे सब्जी काटने, शयन करने, पापड सेकने, आदि उतेजक कार्यो से परहेज करना चाहिए। जय श्री कृष्णा 🙏🙏🙏🙏🙏

पंडित राकेश कुमार शास्त्री (रिकी पंडित)

01/06/2020

जय श्री राधे कृष्णा.... एकादशी उपवास 02-06-2020 दिन मंगलवार को निर्जला(भीम) एकादशी उपवास है। इसका पारण व्रत खोलने का दिन व समय-03 जून 2020 दिन बुधवार को प्रातः सूयोदय के बाद और सुबह 7 बजकर 10 मिनिट से पहले। पं. राकेश कुमार शास्त्री 🙏🙏

चुवाड़ी में साक्षात विराजमान है भगवान कृष्णभगवान कृष्ण की लीलाओं का कोई अंत नही भगवान कृष्ण की लीलाओं का गुणगान आपको भारत...
28/05/2020

चुवाड़ी में साक्षात विराजमान है भगवान कृष्ण

भगवान कृष्ण की लीलाओं का कोई अंत नही भगवान कृष्ण की लीलाओं का गुणगान आपको भारत के कोने कोने में मिल जाएगा। एक ऐसा ही अद्भुत कृष्ण मन्दिर है चुवाड़ी में स्थित अति प्राचीन मुरली मनोहर जी का। इस मंदिर का इतिहास कई साल पुराना है इस मंदिर में विराजमान भगवान कृष्ण मुरारी की श्याम प्रतिमा किसी के भी मन मोह लेती है। करीब 500 साल पुराना बताया जाने वाला ये मंदिर हजारों भक्तो की आस्था का केंद्र है। यंहा विराजमान इस प्रतिमा को लेकर कई कहानियाँ भी प्रचलित हैं। कहते हैं कि बहुत साल पहले इस प्रतिमा को गड़रिये लाहुल स्पिति की तरफ से लेकर आए थे और रास्ते मे जाते हुए इस प्रतिमा को यंही स्थापित किया। मन्दिर के पुजारी जो कई पीढ़ियों से इस मंदिर की सेवा करते आये हैं उन्होंने आज भी इस मंदिर की भव्यता को कायम रखा है। भट्टियात का इकलौता प्राचीन कृष्ण मंदिर है।राजाओं महाराजाओं के समय से यँहा पर नित्य भजन कीर्तन होता है। देखने मे लक्ष्मी नारायण मंदिर चम्बा की प्रतिमा का ही रूप लगने वाली ये भगवान कृष्ण की मूर्ति अपने आप मे अदभुत छटा बिखेरती है। मंदिर के पुजारी श्री पवन शर्मा कहते है कि ये मूर्ति दिन में दो तीन बार अपने रूप और हाव भाव को बदलती है जो भी सच्चे मन से यंहा भगवान कृष्ण की आराधना करता है उसे भगवान कृष्ण के भव्य रूप के दर्शन होते हैं। और वताया जाता है कि यहां जो भी सच्चे मन से मनोकामना मागता है उसकी सब मनोकामनापूर्ण होती है।

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