19/08/2026
सातों-आठों (सातूँ-आठूँ) उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक पर्व है। यह भाद्रपद मास (अगस्त-सितंबर) की सप्तमी और अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस त्योहार में भगवान शिव को 'जीजाजी' और माता गौरी (पार्वती) को 'दीदी' मानकर अनूठे रिश्ते के रूप में पूजा जाता है।
समय: भाद्रपद मास की पंचमी (बिरुड पंचमी) से शुरू होकर सप्तमी और अष्टमी तक।बिरुड़े: पंचमी के दिन तांबे के बर्तन में पांच अनाज (गेहूं, मक्का, गहत आदि) भिगोए जाते हैं, जिन्हें 'बिरुड़े' कहा जाता है।
पूजा: महिलाएं सामूहिक रूप से शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और स्वास्थ्य व समृद्धि की कामना करती हैं।सांस्कृतिक महत्व: यह पर्व प्रकृति, परिवार और लोक संस्कृति के गहरे जुड़ाव का प्रतीक है।