23/02/2025
#महेश्वर_शिव_मंदिर...मध्य प्रदेश
#महाकाव्य_रामायण और महाभारत में महेश्वर को #माहिष्मती के नाम से जाना जाता था।
✍महेश्वर राजा सहस्त्रार्जुन की राजधानी थी जिन्होंने रामायण में रावण को हराया था परन्तु उन्होंने ऋषि जमदग्नि के साथ दुर्व्यवहार किया फलस्वरूप भगवान परशुराम ने उन्हें मार डाला.......
✍महेश्वर का इतिहास लगभग 4500 वर्ष पुराना है। यह एक समय होल्कर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। होल्कर महारानी देवी अहिल्या शिव भक्त थी। वह भगवान शंकर की पूजा किए बिना पानी तक ग्रहण नहीं करती थी। वह भगवान शिव की ऐसी अनन्य भक्त थी कि अपने हस्ताक्षर की जगह श्री शंकर लिख देती थी।
✍महारानी अहिल्या बाई ने औरंगजेब द्वारा नष्ट किए गए कालांतर के किलों का पुन: उद्धार कराया अनेक मंदिर बनाए और महेश्वर को पुन: सम्पूर्ण सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित किया।
✍रामायण काल में महेश्वर को माहिष्मति के नाम से जाना जाता था। उस समय हैहय वंश के राजा सहस्राजुर्न शासन करते थे। महाभारत काल में इसे अनूप जनपद की राजधानी बनाया गया था।
✍कालिदास ने रघुवंशम् में इंदुमति के स्वयंवर प्रसंग में नर्मदा तट पर माहिष्मति का वर्णन किया है।
✍ बहुत ही सुन्दर ,अद्भुत मंदिर आज भी नर्मदा नदी के किनारे स्थित है।
इसकी वास्तुकार बहुत ही दर्शनीय है।
🙏🙏हर हर महादेव🙏🙏